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एमपी में मानसून की आखिरी परीक्षा: 19 सितंबर के बाद बारिश का नया दौर, कोटा पूरा करने 4.3 इंच पानी जरूरी
Wed, 16 Sep 2026 07:10 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 16 Sep 2026 07:10 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले 19 सितंबर के बाद नया मौसम तंत्र सक्रिय हो सकता है। प्रदेश में अब तक 33 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच है। कोटा पूरा करने के लिए 4.3 इंच बारिश और जरूरी है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय नजदीक आ रहा है, लेकिन बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से पीछे है। ऐसे में सितंबर के आखिरी दौर में सक्रिय होने वाला मौसम तंत्र प्रदेश के लिए अहम रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 19 सितंबर के बाद नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने की संभावना है। तंत्र मजबूत रहा तो मानसून का सामान्य कोटा पूरा हो सकता है। प्रदेश में मंगलवार तक 33 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि पूरे मानसून सीजन का सामान्य औसत 37.3 इंच है। यानी सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए अब करीब 4.3 इंच बारिश और चाहिए। फिलहाल प्रदेश में सामान्य से करीब 6% कम बारिश हुई है।
17 से 19 सितंबर तक बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 17 से 19 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां ज्यादा व्यापक हो सकती हैं। वहीं, 18 से 21 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 19 सितंबर के बाद बनने वाला नया सिस्टम प्रदेश में बारिश का एक और दौर ला सकता है। इसकी ताकत और सक्रियता पर यह निर्भर करेगा कि मानसून के विदा होने से पहले प्रदेश में कितनी बारिश होती है।मंगलवार को पश्चिमी हिस्से में निम्न दाब क्षेत्र सक्रिय रहा। मानसून ट्रफ की गतिविधियां भी बनी रहीं, लेकिन इसका असर प्रदेश में तेज बारिश के रूप में नहीं दिखा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन में धूप खिली रही। मैहर में शाम के समय तेज बारिश हुई।
88.5% बारिश पूरी, 14 दिन बाकी
मानसून सीजन खत्म होने में अब करीब 14 दिन बाकी हैं। 1 जून से 30 सितंबर तक चलने वाले मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का 88.5% कोटा पूरा हो चुका है।18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं। इन जिलों में आगे होने वाली बारिश सामान्य आंकड़े से अतिरिक्त होगी। वहीं इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिले सामान्य बारिश से पीछे हैं। अलीराजपुर में सामान्य की आधी बारिश भी नहीं हो सकी है। इसके उलट निवाड़ी में सामान्य से 49% ज्यादा पानी गिर चुका है।
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यह भी पढ़ें-भोपाल के रहवासी इलाकों में कारोबार: 62,500 प्रतिष्ठानों की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली,कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल
जून की कमी ने बिगाड़ा पूरा हिसाब
इस मानसून में सबसे बड़ी कमी जून में रही। जून में प्रदेश में सामान्य से 14% कम बारिश हुई। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से आंकड़े में सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया। जुलाई के आखिरी सप्ताह में मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय हुआ और बारिश बढ़ी, फिर भी पूरे जुलाई में सामान्य से 13% कम बारिश दर्ज हुई। अगस्त में अच्छी बारिश हुई, लेकिन शुरुआती महीनों की कमी पूरी नहीं हो सकी। यही वजह है कि मानसून सीजन खत्म होने में दो सप्ताह से भी कम समय बचा है और प्रदेश अभी भी सामान्य बारिश से 6% पीछे है। मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। इसके मुकाबले अब तक 33 इंच पानी गिर चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के बीच है।
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17 से 19 सितंबर तक बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 17 से 19 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां ज्यादा व्यापक हो सकती हैं। वहीं, 18 से 21 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 19 सितंबर के बाद बनने वाला नया सिस्टम प्रदेश में बारिश का एक और दौर ला सकता है। इसकी ताकत और सक्रियता पर यह निर्भर करेगा कि मानसून के विदा होने से पहले प्रदेश में कितनी बारिश होती है।मंगलवार को पश्चिमी हिस्से में निम्न दाब क्षेत्र सक्रिय रहा। मानसून ट्रफ की गतिविधियां भी बनी रहीं, लेकिन इसका असर प्रदेश में तेज बारिश के रूप में नहीं दिखा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन में धूप खिली रही। मैहर में शाम के समय तेज बारिश हुई।
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88.5% बारिश पूरी, 14 दिन बाकी
मानसून सीजन खत्म होने में अब करीब 14 दिन बाकी हैं। 1 जून से 30 सितंबर तक चलने वाले मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का 88.5% कोटा पूरा हो चुका है।18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं। इन जिलों में आगे होने वाली बारिश सामान्य आंकड़े से अतिरिक्त होगी। वहीं इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिले सामान्य बारिश से पीछे हैं। अलीराजपुर में सामान्य की आधी बारिश भी नहीं हो सकी है। इसके उलट निवाड़ी में सामान्य से 49% ज्यादा पानी गिर चुका है।
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जून की कमी ने बिगाड़ा पूरा हिसाब
इस मानसून में सबसे बड़ी कमी जून में रही। जून में प्रदेश में सामान्य से 14% कम बारिश हुई। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से आंकड़े में सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया। जुलाई के आखिरी सप्ताह में मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय हुआ और बारिश बढ़ी, फिर भी पूरे जुलाई में सामान्य से 13% कम बारिश दर्ज हुई। अगस्त में अच्छी बारिश हुई, लेकिन शुरुआती महीनों की कमी पूरी नहीं हो सकी। यही वजह है कि मानसून सीजन खत्म होने में दो सप्ताह से भी कम समय बचा है और प्रदेश अभी भी सामान्य बारिश से 6% पीछे है। मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। इसके मुकाबले अब तक 33 इंच पानी गिर चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के बीच है।
