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MP News: हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर भड़के पंडित मिश्रा, बोले- बांग्लादेश में हिंसा भारत के आत्मसम्मान पर हमला
कुबेरेश्वर धाम से उठी एक आवाज आज केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे भारत के अंतःकरण को झकझोर रही है। कुबेरेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ओर देश के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को भारत के हृदय पर किया गया प्रहार बताया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह केवल किसी दूसरे देश की घटना नहीं, बल्कि हर भारतीय के आत्मसम्मान पर चोट है। उनकी वाणी में पीड़ा थी, परंतु उससे भी अधिक देश और धर्म के प्रति चिंता थी।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने एक वक्तव्य में बांग्लादेश पर भड़कते हुए कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय भय और आतंक के साए में जी रहा है। हाल में दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल की निर्मम हत्या ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। घर जलाए जा रहे हैं, मंदिर तोड़े जा रहे हैं, महिलाएं असुरक्षित हैं और बच्चे भविष्य से भयभीत हैं। यह केवल अत्याचार नहीं, यह सुनियोजित दमन है। उन्होंने कहा कि आज जो सनातन पर चोट पहुंचाई जा रही है, वह बांग्लादेश की सीमा तक सीमित नहीं है। यह भारत की आत्मा को घायल करने का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है, ताकि हिंदुओं को डराया जा सके, उनकी एकता को तोड़ा जा सके और उनके आत्मबल को कुचला जा सके।
अब जागना ही होगा
पंडित मिश्रा ने कहा कि आज कथाएं, सत्संग और धार्मिक आयोजन लोगों को यही सिखा रहे हैं कि जागना, समझना और संगठित होना। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि अब समय आ गया है, जब हिंदू समाज को अपने मतभेद भुलाकर एक स्वर में खड़ा होना होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथन को स्मरण करते हुए कहा
“बटोगे तो कटोगे” यह वाक्य केवल नारा नहीं, यह इतिहास का सत्य है। उन्होंने कहा कि भारत को केवल राजनीतिक या आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी मजबूत होना होगा। सनातन की रक्षा ही राष्ट्र की रक्षा है और राष्ट्र की रक्षा ही आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत हिंसा नहीं चाहता, परंतु अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस अवश्य रखता है। उन्होंने कहा कि अगर आज वे उत्पात मचा रहे हैं, तो आने वाला समय भारत के संकल्प और सामर्थ्य का होगा।जो हिंदुओं पर आतंक कर रहे हैं, उन्हें यह जान लेना चाहिए कि यह मानवता के विरुद्ध अपराध है और इसे रोका जाना चाहिए।
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