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MP: प्रसूता के लिए रोते-गिड़गिड़ाते रहे परिजन, लेकिन डॉक्टरों ने एक ना सुनी...दम तोड़ गई जिंदगी; जमकर हंगामा
मध्यप्रदेश के खंडवा जिला अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद रविवार को जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई किये जाने की मांग की। इधर हंगामें की जानकारी लगते ही एसडीएम, सीएसपी, तहसीलदार और थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जहां हंगामा कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की गई।
वहीं प्रसूता के परिजनों का आरोप था कि सीजर से हुई डिलीवरी के बाद देर रात अचानक उसकी तबीयत खराब होने पर उन्होंने मौजूद स्टाफ से इलाज की गुहार लगाई, लेकिन स्टाफ ने बदतमीजी कर उन्हें भगा दिया। जिसके बाद रविवार तड़के तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें प्रसूता को इंदौर ले जाने का कहा गया, लेकिन एम्बुलेंस की व्यवस्था करके नहीं दी गयी। साथ ही अस्पताल में मौजूद स्टाफ डिलीवरी के लिये आने वाले मरीजों से रिश्वत की मांग करते हैं, हालांकि काफी देर समझाने के बाद परिजन प्रसूता का पीएम कराने को तैयार हुए, जिसके बाद मामले में मर्ग कायम कर शव को पीएम रूम भिजवाया गया।
इलाज में लापरवाही, स्टाफ ने मांगे पैसे
इधर प्रसूता की सास अनिता कनाडे ने बताया कि बहू आरती की तबियत बिगड़ने पर उन्होंने मौजूद नर्सिंग स्टाफ से बहुत मिन्नतें कीं, के वे उसे देख कर उसका इलाज कर दें, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने उनकी एक नहीं सुनी और उनके साथ बदतमीजी कर उन्हें भगा दिया गया, लेकिन उनकी बहू की तबीयत लगातार बिगड़ते देख उन्होंने आसपास मौजूद मरीज के परिजनों से भी गुहार लगाकर नर्सिंग स्टाफ को समझाने और इलाज करने के लिए मनाने की बात कही। जिस पर भी मौजूद स्टाफ ने उनकी एक नहीं सुनी। वहीं अनीता कनाडे का कहना था कि इसके बाद वे अस्पताल की ड्यूटी डॉक्टर लक्ष्मी डुडवे से भी अपनी बहू का इलाज करने की गुहार लगाने पहुंची, लेकिन उन्होंने भी हमें धमका कर भगा दिया कि चिल्ला चोट मत करो, नहीं तो थाने से पुलिस बुला लूंगी। यहां अस्पताल में भी सभी काम करने वाली महिला कर्मचारी पैसे की मांग करती हैं, जिन्हें उन्होंने 500 रु भी दिए थे। तो ये अस्पताल क्या मरीजों को मारने के लिए है, अब मुझे न्याय मिले और नाइट ड्यूटी के स्टाफ को सस्पेंड किया जाए।
इलाज की जगह कहा इंदौर ले जाओ
इधर मृतका का पति अंकित कनाडे का कहना था कि जिला अस्पताल में घोर लापरवाही बरती जाती है। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वे रात करीब 3 बजे से ही नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर से उनकी पत्नी को बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी, और उल्टा इंदौर ले जाने की बात कहते रहे। वहीं हंगामें की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन संजू दीक्षित ने भी परिजन से बात की और वहां मौजूद डॉक्टर और स्टाफ से पूरे मामले को लेकर चर्चा की। जिसके बाद मीडिया को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उल्टी के बाद महिला की मौत हुई है। उसका पीएम कराया जा रहा है, जो भी चीजों होंगी जांच के बाद सामने आ जाएंगी।
मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने मामला शांत कराया
वहीं जिला अस्पताल में हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंचे CSP और मोघट थाना प्रभारी ने परिजन को उचित कार्रवाई की बात कहते हुए शांत कराया और महिला का पीएम कराने के लिए परिजन को मनाया। इसके बाद मामला शांत हुआ और मृतका के शव को पोस्टमार्टम रूम में भिजवाया गया।
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