झाबुआ जिले के राणापुर थाना क्षेत्र के ग्राम जुनागांव में कथित रूप से प्रलोभन देकर और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की संबंधित धाराओं के तहत दो आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम जुनागांव के कोदर फलिया निवासी भारत (45) पुत्र स्व. रदन सिंगाड ने राणापुर थाने में लिखित शिकायत दी। फरियादी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता और बड़े बेटे की कुछ समय पूर्व बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। आरोप है कि इसी पारिवारिक परिस्थिति का फायदा उठाते हुए पुवाला निवासी पांगुसिंह (40) और प्रेम (35) ने उससे संपर्क किया।
जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश
फरियादी के अनुसार, दोनों आरोपियों ने राणापुर के पुराने बस स्टैंड पर उसे रोककर कहा कि उसके घर का माहौल ठीक नहीं चल रहा है और उसके देवता उससे नाराज हैं। इसके बाद 23 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:30 बजे दोनों आरोपी उसके घर पहुंचे। उस समय घर पर भारत और उसकी बेटी वेस्ती मौजूद थीं। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया और लोटे से पानी छिड़का। इसके बाद अपने पास रखी बाइबल पर फरियादी का हाथ रखवाकर धर्म परिवर्तन करने पर हर महीने 1,000 रुपये देने, कपड़े उपलब्ध कराने तथा पूरे परिवार का मुफ्त इलाज कराने की बात कही गई। फरियादी ने इस पूरी घटना से असहज होकर अपने परिजन राकेश सिंगाड को फोन कर मौके पर बुलाया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
जानकारी मिलने के बाद गांव के तड़वी जानिया सिंगाड और अगनसिंह सिंगाड सहित अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें राणापुर थाने ले जाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश रावत के निर्देश पर पुलिस ने पांगुसिंह और प्रेम के विरुद्ध मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3 एवं 5 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे की विवेचना सउनि मनीष कुमार, चौकी प्रभारी कंजावानी को सौंपी गई है।
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पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, कथित प्रलोभन और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाए जाने से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।