{"_id":"6abe4bd8bb53fa18e00352f4","slug":"rahul-gandhi-reached-out-to-the-affected-tribals-he-cradled-and-affectionately-held-young-lokesh-and-addressed-every-issue-with-sensitivity-balaghat-news-c-1-1-noi1553-4785650-2026-10-01","type":"video","status":"publish","title_hn":"पीड़ित आदिवासियों के बीच राहुल गांधी: मासूम लोकेश को गोद में लेकर दुलारा, हर मुद्दे को संवेदनशीलता से समझा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीड़ित आदिवासियों के बीच राहुल गांधी: मासूम लोकेश को गोद में लेकर दुलारा, हर मुद्दे को संवेदनशीलता से समझा
मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले बालाघाट से एक बेहद भावुक और संवेदनशील तस्वीर सामने आई है। क्षेत्र में अलग-अलग बीमारियों और कारणों के चलते 30 से अधिक मासूम बच्चों की असामयिक मृत्यु ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद परिस्थिति के बीच पीड़ितों का ढाढस बंधाने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विशेष रूप से बालाघाट पहुंचे। उन्होंने पीड़ित आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचकर न सिर्फ उनका दर्द साझा किया, बल्कि उन्हें हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया।
दौरे के दौरान एक बेहद आत्मीय और भावुक क्षण उस समय देखने को मिला जब राहुल गांधी पीड़ित महिला बबनिन बाई से बातचीत कर रहे थे। बबनिन बाई ने हाल ही में अपने मासूम बच्चे लोकेश को खोया है। राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान मृत बच्चे के जुड़वां या घर के अन्य छोटे बच्चे (2 साल 2 महीने की मासूम) को अपनी गोद में उठा लिया। उन्होंने बच्चे को बड़े लाड-प्यार से गोद में लेकर खिलाया, जिससे वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इस संवेदनशील व्यवहार से उन्होंने पीड़ित मां और परिवार को यह अहसास कराया कि इस दुख की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं।
इस पूरे दौरे के दौरान राहुल गांधी ने किसी राजनीतिक औपचारिकता के बजाय ज़मीनी स्तर पर लोगों से संवाद किया। उन्होंने आदिवासी परिवारों के साथ ज़मीन पर बैठकर उनकी समस्याओं को सुना और समझा। पूर्व विधायक हिना कावरे ने बताया कि राहुल गांधी ने हर एक मुद्दे को बेहद संवेदनशीलता के साथ समझा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसे हर महत्वपूर्ण विषय पर गहराई से चर्चा की।
राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया कि वे इस मामले को दिल्ली तक उठाएंगे और पीड़ितों को न्याय व हर संभव शासकीय मदद दिलवाएंगे। इस दौरे ने शासन-प्रशासन की कमियों को उजागर करने के साथ-साथ यह संदेश भी दिया है कि संकट के समय आदिवासियों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा होना ज़रूरी है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।