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ऊना के नंदपुर में पुलिया बंद होने से 2000 कनाल जमीन जलमग्न, धान की फसल बर्बाद होने पर भड़के ग्रामीण
Ankesh Dogra
Updated Mon, 19 Oct 2026 01:08 PM IST
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ऊना जिले के अंब विकास खंड की ग्राम पंचायत नंदपुर के वार्ड नंबर एक में बरसाती पानी की निकासी बाधित होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी पुलिया बंद होने के कारण टकारला और धंदड़ी की ओर से नाले के माध्यम से आने वाला बरसाती पानी खेतों में जमा हो रहा है। इस बार करीब 2000 कनाल कृषि भूमि जलभराव की चपेट में आ गई, जिससे धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। फसलों को हुए नुकसान से ग्रामीणों में रोष है।
ग्रामीणों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी पुलिया से बरसाती पानी की निकासी होती थी। आरोप है कि पुलिया के साथ लगती जमीन खरीदने के बाद वहां मिट्टी डालकर भूमि को ऊंचा कर दिया गया, जिससे पानी के निकास का रास्ता बाधित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि किसी को अपनी जमीन पर मिट्टी डालने से आपत्ति नहीं है, लेकिन ऐसा करते समय बरसाती पानी की निकासी के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी जानी चाहिए, ताकि आसपास के खेतों में जलभराव न हो।
ग्रामीणों ने बताया कि टकारला और धंदड़ी की ओर से नाले में आने वाला बरसाती पानी पहले कृषि भूमि से होकर पुलिया के रास्ते आगे निकल जाता था। अब निकासी बाधित होने के कारण पानी खेतों में जमा हो जाता है। इस बार बरसात के दौरान खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में डूबकर खराब हो गई। जलभराव के कारण कृषि भूमि पर अन्य फसलें उगाना भी मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, समस्या केवल खेतों तक सीमित नहीं है। बरसात के दौरान पानी लोगों के घरों में भी घुस गया था, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते निकासी व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो आने वाले बरसात के मौसम में भी उन्हें इसी तरह नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिलाधीश को शिकायत दी जा चुकी है। इसके अलावा विधायक सुदर्शन सिंह बबलू के समक्ष भी मामला उठाया गया है, लेकिन उनके अनुसार अभी तक पानी की निकासी बहाल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से मौके का निरीक्षण कर निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि पानी के प्राकृतिक बहाव का रास्ता बहाल किया जाए, ताकि कृषि भूमि को जलभराव से बचाया जा सके और बरसाती पानी घरों में प्रवेश न करे।
समस्या की जानकारी मिलने पर जिला परिषद सदस्य सरवन सिंह बंटू ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित कृषि भूमि और खराब हुई फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान करवाने का भरोसा दिया।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारियों के हस्तक्षेप से पानी की निकासी का रास्ता बहाल होगा और उन्हें इस समस्या से राहत मिलेगी।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रधान रंजना देवी, वार्ड पंच रमनदीप सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने की मांग की, ताकि किसानों की जमीन और फसलों को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
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