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भाई की जिंदगी के लिए मांगी थी मन्नत, अब 50 किलोमीटर दंडवत यात्रा कर मां चिंतपूर्णी के दरबार पहुंचेंगी अमनदीप
Ankesh Dogra
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:11 AM IST
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मां भगवती के प्रति अटूट आस्था और विश्वास की एक भावुक कहानी सामने आई है। पंजाब के होशियारपुर जिले के चौहाल की रहने वाली अमनदीप अपने भाई के स्वस्थ होने पर मां चिंतपूर्णी के दरबार में माथा टेकने के लिए करीब 50 किलोमीटर की दंडवत यात्रा कर रही हैं। भाई की सलामती के लिए मांगी गई मन्नत पूरी होने के बाद वह अपना संकल्प पूरा करने निकली हैं।
जानकारी के अनुसार, अमनदीप के भाई का सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद परिवार उनकी हालत को लेकर काफी चिंतित था। ऐसे मुश्किल समय में अमनदीप ने मां चिंतपूर्णी के दरबार में भाई के जल्द स्वस्थ होने की मनोकामना की थी।
परिवार के लिए यह दौर बेहद कठिन था। भाई के स्वास्थ्य को लेकर चिंता के बीच अमनदीप ने मां भगवती से प्रार्थना की और मन्नत पूरी होने पर दंडवत यात्रा करने का संकल्प लिया।
भाई के स्वस्थ होने के बाद अमनदीप अब अपनी मन्नत पूरी करने के लिए पंजाब के चौहाल से मां चिंतपूर्णी के दरबार तक दंडवत यात्रा कर रही हैं। करीब 50 किलोमीटर की यह कठिन यात्रा उनके लिए केवल दूरी तय करना नहीं, बल्कि मां भगवती के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने का माध्यम है।
दंडवत यात्रा में श्रद्धालु जमीन पर लेटकर प्रणाम करते हुए आगे बढ़ते हैं। इस तरह की यात्रा में शारीरिक मेहनत और धैर्य की जरूरत होती है। अमनदीप का यह संकल्प उनकी धार्मिक आस्था और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
मां चिंतपूर्णी के दरबार में देशभर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। अमनदीप की यात्रा भी उनके व्यक्तिगत विश्वास और परिवार के प्रति प्रेम की कहानी है। भाई के स्वस्थ होने के बाद वह मां के दरबार में पहुंचकर अपनी मन्नत पूरी करना चाहती हैं।
उनकी यात्रा श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। यह कहानी दिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में आस्था कई लोगों के लिए भावनात्मक संबल और उम्मीद का सहारा बनती है।
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