Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Panipat News
›
Annual uniform and laundry allowance for rural sanitation workers increased; in the event of death while on duty, a dependent will be provided a job on compassionate grounds.
{"_id":"6ae5dcc40a110ad74c05c49d","slug":"video-annual-uniform-and-laundry-allowance-for-rural-sanitation-workers-increased-in-the-event-of-death-while-on-duty-a-dependent-will-be-provided-a-job-on-compassionate-grounds-2026-10-31","type":"video","status":"publish","title_hn":"ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वार्षिक वर्दी व धुलाई भत्ता बढ़ा, ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर आश्रित को अनुकंपा के आधार पर मिलेगी नौकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वार्षिक वर्दी व धुलाई भत्ता बढ़ा, ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर आश्रित को अनुकंपा के आधार पर मिलेगी नौकरी
पानीपत। प्रदेश के सफाई कर्मचारियों का वार्षिक वर्दी व धुलाई भत्ता सरकार ने बढ़ा दिया है। इसके साथ ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी।
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने शनिवार को ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक में उनकी लंबित मांगों को पूरा करते हुए इसकी घोषणा की। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में शनिवार को हुई बैठक में पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान भी शामिल हुए। बैठक में कर्मचारियों की 17 प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई। इसके बाद 12 मांगों से संबंधित आवश्यक पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। सरकार के इस कदम से प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उनकी जायज मांगों का स्थायी समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी गांवों को स्वच्छ रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका कार्य केवल झाड़ू लगाने या कचरा उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्वच्छ और स्वस्थ ग्रामीण वातावरण तैयार करने में उनका अप्रतिम योगदान है। सरकार उनके कठोर परिश्रम और सेवाओं का सम्मान करती है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश की 6230 ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) के माध्यम से 579 करोड़ रुपये सीधे पंचायतों के खातों में जारी किए गए हैं। इससे गांवों में मूलभूत सुविधाओं को और मजबूत बनाया जा सकेगा।
भत्ते और मानदेय को लेकर विभागीय कार्रवाई
पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान ने बताया कि कर्मचारियों को मानदेय के बकाया एरियर, अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि का बकाया मानदेय, तथा गांव से बाहर ड्यूटी लगाने पर 200 रुपये दैनिक भत्ता देने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा, वार्षिक वर्दी भत्ते को चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये और धुलाई भत्ते को एक हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी, ईपीएफ व ईएसआई मृत्यु दावों में प्रशासनिक सहायता तथा प्रत्येक माह की सात तारीख तक मानदेय भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। यूनियन के प्रदेश प्रधान बसाऊ राम और महासचिव विनोद कुमार ने बैठक को सकारात्मक बताश्या और कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता दिखाई है। पत्रों के जारी होने से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
इस मौके पर एडीसी अंकित चौकसे, जिला परिषद सीईओ डॉ. किरण सिंह, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, डीडीपीओ राजेश शर्मा और यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।