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कुरुक्षेत्र: दो दिन की हड़ताल पर पटवारी, रजिस्ट्री और इंतकाल समेत कई काम ठप
कुरुक्षेत्र। रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर 20 और 21 अगस्त को प्रदेशभर के पटवारी और कानूनगो दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर हैं। वीरवार को पटवारी काम छोड़कर पटवार भवन में धरने पर बैठ गए और जमकर रोष जताते रहे। हड़ताल के चलते तहसीलों में कामकाज ठप रहा। राजस्व संबंधी कामकाज के लिए तहसीलों में पहुंचे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वही जमाबंदी वह इंतकाल सहित अन्य कार्यों के लिए बनाए गए काउंटर भी सूने पड़े रहे।
ऑनलाइन राजस्व पोर्टलों में आ रही तकनीकी खामियों, डिजिटल क्रॉप सर्वे और अन्य लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों ने यह विरोध शुरू किया है।
हड़ताल के दौरान पटवारियों और कानूनगो के दफ्तरों में उपलब्ध नहीं होने से रजिस्ट्री, इंतकाल, आय एवं जाति प्रमाण पत्र, भूमि पैमाइश और दस्तावेजों से जुड़े कई जरूरी काम अटक गए। दूर-दराज के गांवों से तहसीलों में पहुंचे ग्रामीणों को काम नहीं होने के कारण दिनभर भटकना पड़ा।
पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन जिला प्रधान साहब सिंह का कहना है कि सरकार ने डिजिटल क्रॉप सर्वे का अतिरिक्त कार्य पटवारियों के सिर डाल दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनका मुख्य काम राजस्व संबंधी कार्यों को निपटाना है, जबकि डिजिटल क्रॉप सर्वे का अतिरिक्त भार उनके नियमित कार्यों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने नए लागू किए गए सरकारी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऑनलाइन पोर्टल में कई तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण रोजमर्रा के राजस्व कार्य करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
पतवार एवं कानून को संगठन के प्रधान साहब सिंह ने कहा कि यदि सरकार उनकी जायज मांगों का गंभीरता से संज्ञान लेकर जल्द समाधान नहीं करती है तो कर्मचारी मजबूरन आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
कर्मचारियों का कहना है कि दो दिन की सांकेतिक हड़ताल के बाद भी यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती है तो राज्य यूनियन की मुख्य बॉडी बैठक कर आगे की रणनीति और आंदोलन को लेकर फैसला करेगी।
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