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A royal bed worth ₹4 lakh, belonging to 'Bhole Bhandari' from Hansi, has become a new attraction in Jhajjar; it was crafted using 60 kg of brass.
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हांसी के भोले भंडारी के 4 लाख के शाही पलंग की झज्जर में बढ़ी शान, 60 किलो पीतल से किया तैयार
हांसी। हांसी के ढाणा खुर्द गांव निवासी भोले भंडारी ने देशी चारपाई और विशाल शाही पलंग बनाने की अपनी अनूठी कला से न केवल हांसी, बल्कि पूरे हरियाणा और देशभर में पहचान बनाई है। उनके हाथों से तैयार 4 लाख रुपये का विशाल शाही पलंग इन दिनों झज्जर की एक चौपाल की शान बढ़ा रहा है। 18 फुट लंबे और 9 फुट चौड़े इस पलंग को 60 किलो पीतल से सजाया गया है। इसकी भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पर एक साथ 100 से अधिक लोग बैठ सकते हैं। अब यह पलंग गुलिया खाप की शान बढ़ाएगा।
आपको बता दे कि विशाल पलंग का वजन अधिक होने के कारण इसे उठाना भी आसान नहीं था। इसे ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़ाने के लिए 60 से 70 लोगों ने मिलकर उठाया। इसके लिए ट्रॉली पर लंबे-लंबे गाटर लगाए गए, ताकि पलंग को सुरक्षित तरीके से रखा जा सके। पलंग को गांव ढाणा खुर्द से रवाना करते समय उत्सव जैसा माहौल रहा। डीजे बजाकर इसका स्वागत किया गया और फिर इसे झज्जर के लिए रवाना किया गया।गुलिया खाप के प्रधान प्रदीप गुलिया इस शाही पलंग को लेकर गए हैं। अब यह विशाल पलंग झज्जर की चौपाल में गुलिया खाप की शान बढ़ाएगा।
इस विशाल पलंग को तैयार करने में करीब चार महीने का समय लगा। पलंग के पायों और सीढ़ियों को खास डिजाइन दिया गया है। इसके पायों पर अशोक स्तंभ की आकृति भी लगाई गई है, जो इसे अलग पहचान देती है। पलंग को रेशम की रस्सियों से बुना गया है। भोले भंडारी के अनुसार, इसकी खास बनावट के कारण यह लंबे समय तक उपयोग में लाया जा सकता है और इसकी धुलाई भी की जा सकती है।
भोले भंडारी ने करीब 25 साल पहले इस कला में काम शुरू किया था। सूरजकुंड मेले में पहचान मिलने के बाद उनके परिवार ने देशी चारपाई और शाही पलंग बनाने के काम को आगे बढ़ाया। शुरुआत में जहां चारपाई और पलंग बनाने के ऑर्डर करीब 25 हजार रुपये से शुरू होते थे, वहीं अब इनकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंच गई है। हरियाणा के अलावा दिल्ली, नोएडा और विदेशों में भी उनके बनाए पलंगों की मांग है।
भोले भंडारी ने बताया कि अब 22 फुट लंबा और 11 फुट चौड़ा एक और विशाल शाही पलंग बनाने के ऑर्डर को लेकर बातचीत चल रही है। यह पलंग उनके काम की पहचान को एक नया आयाम दे सकता है।
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