Hindi News
›
Video
›
Chhattisgarh
›
Allegation of a 4th-grade student being beaten at an Ashram school; inquiry demanded.
{"_id":"6aafd998720a200a110106e3","slug":"allegation-of-a-4th-grade-student-being-beaten-at-an-ashram-school-inquiry-demanded-bastar-news-c-1-1-noi1498-4745665-2026-09-20","type":"video","status":"publish","title_hn":"चौथी के छात्र की पिटाई का आरोप: खिड़की का कांच तोड़ने की बात पर शिक्षक ने डंडे से मारा, जांघ में सूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौथी के छात्र की पिटाई का आरोप: खिड़की का कांच तोड़ने की बात पर शिक्षक ने डंडे से मारा, जांघ में सूजन
कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत बालक आश्रम शाला कोसागांव में चौथी कक्षा के छात्र के साथ शिक्षक द्वारा डंडे से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। छात्र और उसके पिता ने शिक्षक उमेश नेताम पर मारपीट का आरोप लगाया है। घटना के बाद छात्र की जांघ में सूजन आने और चलने में परेशानी होने की बात कही गई है।
जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर को छात्र नकुल नाग के साथ कथित मारपीट की घटना हुई। छात्र के पिता रतन सिंह नाग का कहना है कि उनके पुत्र ने बताया कि शिक्षक ने खिड़की का कांच तोड़ने की बात कहते हुए उसके पैर और पीठ पर डंडे से तीन बार मारा। अगले दिन आश्रम शाला के अधीक्षक ने छात्र के पैर में सूजन होने की जानकारी उसके पिता को फोन पर दी। इसके बाद पिता आश्रम पहुंचे और छात्र को अस्पताल ले जाकर चिकित्सकीय जांच कराई।
पिता के अनुसार, चिकित्सक ने जांच के बाद दवा और मलहम दिया। छात्र ने अपने पिता को शिक्षक द्वारा मारपीट किए जाने की जानकारी दी है।
मामले में छात्र और उसके पिता के आरोपों के आधार पर शिक्षक का पक्ष तथा घटना की वास्तविक परिस्थितियां भी सामने आना जरूरी है। शिक्षा विभाग और प्रशासन द्वारा यदि जांच कराई जाती है तो छात्र, शिक्षक, आश्रम शाला के अधीक्षक तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान लिए जाने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। विभागीय जांच पूरी होने तक शिक्षक पर लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
स्थानीय स्तर पर शिक्षक के पूर्व निलंबन और शराब सेवन से जुड़े दावे भी सामने आए हैं, हालांकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
आश्रम शालाओं में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंताएं महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई करने की अपेक्षा की जा रही है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।