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The havoc wreaked by elephants in the Marwahi Forest Division shows no signs of abating. The presence of vario
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तीन दलों में घूम रहे हाथी: बच्चों को लेकर घर से भागा परिवार, पीछे हाथियों ने मकान और धान की फसल रौंदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 02:07 PM IST
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गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन मंडल में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। मरवाही वन परिक्षेत्र के अलग-अलग गांवों में हाथियों के दलों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीती रात बहरी झोरकी गांव में हाथियों के एक दल ने ग्रामीण के घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान मकान, खड़ी धान की फसल, बोर और बाउंड्रीवॉल को नुकसान पहुंचाया गया। वहीं, घर में बंधे मवेशी पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
जान बचाने के लिए परिवार ने छोड़ा घर
ग्रामीण राम सिंह के मुताबिक, रात के समय अचानक हाथियों का दल उनके घर की ओर पहुंच गया। हाथियों की आहट और उत्पात से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए उन्हें बच्चों के साथ घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा। इस दौरान हाथियों ने घर में घुसकर अनाज और घरेलू सामान बिखेर दिया। घर में बंधे मवेशी पर भी हमला किया, जिससे उसका सींग और कमर टूट गई। घटना के बाद से परिवार दहशत में है।
तीन अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हाथी
वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) श्रीकुमार निशांत ने बताया कि वर्तमान में हाथियों का दल तीन अलग-अलग समूहों में क्षेत्र में विचरण कर रहा है। पहला दल बहरी झोरकी के कक्ष क्रमांक 2003 और 2001 के आसपास मौजूद है। इसी दल ने मंगल पिता बलदेव के मकान को क्षतिग्रस्त किया है। दूसरा दल कक्ष क्रमांक 2004 में टिपका पानी के पास और तीसरा दल कक्ष क्रमांक 2002 के अखराडांड क्षेत्र में मौजूद है।
वन विभाग की टीम ने लिया नुकसान का जायजा
घटना की सूचना मिलने पर दानीकुंडी सर्किल का वन अमला मौके पर पहुंचा और नुकसान का जायजा लिया। वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को मुनादी के माध्यम से सतर्क रहने, रात में जंगल की ओर नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
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