{"_id":"6ae4396a1920d743fa072965","slug":"bengal-major-action-ed-money-laundering-case-agency-has-conducted-raids-eight-locations-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, एजेंसी ने आठ ठिकानों पर की छापेमारी, क्या है पूरा मामला?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, एजेंसी ने आठ ठिकानों पर की छापेमारी, क्या है पूरा मामला?
Fri, 30 Oct 2026 12:00 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Fri, 30 Oct 2026 12:00 PM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पश्चिम बंगाल में आठ ठिकानों पर छापेमारी की। जांच कोहिनूर पावर, बैंकों और अन्य लोगों से जुड़ी है। एजेंसी दिवाला प्रक्रिया और एनसीएलटी की कार्यवाही के कथित दुरुपयोग की जांच कर रही है।
विज्ञापन
ईडी की बड़ी कार्रवाई
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई 'मनी लॉन्ड्रिंग' की जांच के सिलसिले में की गई है, जिसमें दिवाला प्रक्रिया के कथित दुरुपयोग का मामला शामिल है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी है।
अधिकारियों ने क्या बताया?
उन्होंने बताया कि कोहिनूर पावर, कर्ज देने वाले बैंकों और कुछ अन्य लोगों से जुड़े इस मामले में राज्य में कुल आठ ठिकानों पर छापेमारी की गई है। यह कार्रवाई 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए) के तहत की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या 'अपराध से मिली रकम' का इस्तेमाल किया गया है और क्या 'नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल' (एनसीएलटी) की कार्यवाही का गलत इस्तेमाल हुआ है।उन्होंने बताया कि जिन ठिकानों पर तलाशी ली गई, वे कंपनी के निदेशकों, ऑडिटरों और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल्स से जुड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकारियों ने क्या बताया?
उन्होंने बताया कि कोहिनूर पावर, कर्ज देने वाले बैंकों और कुछ अन्य लोगों से जुड़े इस मामले में राज्य में कुल आठ ठिकानों पर छापेमारी की गई है। यह कार्रवाई 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए) के तहत की गई है।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार, जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या 'अपराध से मिली रकम' का इस्तेमाल किया गया है और क्या 'नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल' (एनसीएलटी) की कार्यवाही का गलत इस्तेमाल हुआ है।उन्होंने बताया कि जिन ठिकानों पर तलाशी ली गई, वे कंपनी के निदेशकों, ऑडिटरों और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल्स से जुड़े हैं।
विज्ञापन