छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-930 पर नवनिर्मित जमही टोल प्लाजा शुरू होते ही विवादों में आ गया है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य अधूरा होने का आरोप लगाते हुए युवा कांग्रेस ने टोल वसूली का विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा पहुंचकर नारेबाजी की और प्रबंधन के सामने स्थानीय लोगों को टोल शुल्क से पूरी तरह छूट देने की मांग रखी। संगठन ने मांग पूरी करने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
स्थानीय लोगों से टोल वसूली पर जताई नाराजगी
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि झलमला और आसपास के गांवों के लोगों को रोजमर्रा के काम, दफ्तर, अस्पताल और व्यापार के सिलसिले में जिला मुख्यालय आना-जाना पड़ता है। ऐसे में टोल वसूली शुरू होने से स्थानीय निवासियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि जब सड़क निर्माण और मरम्मत के काम पूरे नहीं हुए हैं, तो टोल वसूली क्यों शुरू की गई। प्रदर्शन के दौरान टोल प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक बहस भी हुई। युवा कांग्रेस ने स्थानीय लोगों के लिए आवागमन मुफ्त करने की मांग की है।
सड़क निर्माण में गड़बड़ी का आरोप
युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रशांत बाला ने झलमला से शेरपार तक सड़क निर्माण में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया और कांक्रीट के बजाय मुरम बिछाकर काम पूरा करने की औपचारिकता की गई।
प्रशांत बाला के अनुसार, सड़क के कुछ हिस्सों में धंसाव होने लगा है, जिससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग भी उठाई। हालांकि, निर्माण में भ्रष्टाचार और मानकों के उल्लंघन से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
72 घंटे का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रशांत बाला ने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थानीय वाहन चालकों को रियायत या निःशुल्क पास की सुविधा मिलने की बात सामने आती है। ऐसे में बालोद के जमही टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों से शुल्क वसूले जाने पर उन्होंने सवाल उठाए।
संगठन ने प्रशासन और टोल प्रबंधन को 72 घंटे का समय देते हुए स्थानीय निवासियों के लिए टोल मुक्त आवागमन की मांग की है। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि तय समय में मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल, टोल वसूली और सड़क निर्माण को लेकर उठे सवालों पर संबंधित विभाग और टोल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।