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ढाई बीघा जमीन और मकान के झगड़े में छिन गईं खुशियां

Wed, 04 Apr 2018 11:21 PM IST
unnao
unnao Updated Wed, 04 Apr 2018 11:21 PM IST
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Two bighas of land and happiness in the house quarrels
बिहार थानाक्षेत्र के सराय मंगली में महिला की हत्या के बाद मौजूद भीड़। - फोटो : amarujala

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उन्नाव। ढाई बीघा जमीन और मकान के झगड़े में दो सगे भाई एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए। हालात यहां तक पहुंच गए कि देवर ने भाभी की हत्या कर खुद भी जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे गंभीरावस्था में कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन  दोनों परिवार की खुशियां छिन गई हैं। भाभी की हत्या के आरोपी शिवेंद्र की पत्नी रो-रो कर कह रही थी कि उसे कभी जमीन का लालच नहीं था, लेकिन पति ने उसकी  एक नहीं सुनी। उसकी जिद की वजह से ही दोनों परिवार के बच्चों के सिर से साया छिनता नजर आ रहा है। बच्चे भी बिलख रहे हैं।
बिहार थाना के गांव सराय मंगली गांव निवासी शिवेंद्र उर्फ नन्हकू और उसके भाई छेदीलाल के बीच ढाई बीघा जमीन और पुश्तैनी मकान है। छेदीलाल के काम धंधे के सिलसिले में मुंबई जाने के बाद उसकी पत्नी मंजू पुराने घर को लेकर झगड़ा करती थी। करीब तीन साल से शिवेंद्र और मंजू में  विवाद होता। हर बार शिवेंद्र की पत्नी और उसके बूढ़े मां-बाप बीच बचाव कर देती थी। बुधवार को गुस्से में आए शिवेंद्र ने अपनी भाभी मंजू (35) की गड़ासे से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद वह पड़ोस के गांव अकठी के जंगल में छिप गया। भाभी की हत्या की आत्मग्लानि और जेल जाने के जर से उसने जान देने की ठान ली। शाम करीब 4:15 बजे शिवेंद्र ने ग्राम प्रधान श्रीराम को फोन करके बुलाया। ग्राम प्रधान करीब 4:30 बजे अकठी गांव के पास पहुंचे तो शिवेंद्र सड़क किनारे पड़ा था और उसके मुंह से झाग निकल रहा था। प्रधान ने तत्काल चौकी इंचार्ज बीके तिवारी को सूचना दी। पुलिस ने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल से उसे कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया है। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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दस सालों से मुंबई में काम कर रहा है पति
मृतका का पति छेदीलाल दस सालों से मुंबई में प्राइवेट नौकरी कर रहा है। वह  छह महीने पहले घर आया था। उसने पत्नी मंजू व भाई शिवेंद्र को शांति से रहने की सलाह दी थी। चार दिन रुकने के बाद वह मुंबई लौट गया था। उसे नहीं पता था कि अब पत्नी की अंतिम यात्रा में शामिल होने आना पड़ेगा। मंजू के पति के आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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बच्चों के सिर से उठा मां का साया
मंजू के तीन बच्चों में लवकुश (10), सुजल (8) व विशाल (6) हैं। इन बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। बच्चे मां का खून से लथपथ शव देख बिलख उठे। सबसे छोटा बेटा विशाल बार-बार मां के पास जाकर उन्हें हिलाता था। मां के शरीर में हलचल न होने पर चीखकर रोने लगता। बच्चे की यह हालत देख सभी की आंखें नम हो गईं।
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बूढ़े कंधों पर आया दो परिवारों का बोझ
 मंजू की हत्या व हत्या में छोटे बेटे  के शामिल होेने से परिवार बिखर गया। वृद्धावस्था में जिन बूढ़े कंधों को परिवार का सहारा मिलना चाहिए, अब उन्हें  दो परिवारों का बोझ उठाना पड़ेगा। मंजू के तीन बेटों के साथ ही हत्यारोपी बेटे शिवेंद्र की पत्नी प्रीती देवी व सात के बच्चे की देख-रेख बूढ़े कंधों पर आ गई है।
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एक ही मकान में अलग-अलग रहते थे दोनों परिवार
मंजू देवी व देवर शिवेंद्र एक ही मकान में अलग-अलग रहते थे। मंजू अपने बच्चों के साथ रहती थी। शिवेंद्र पत्नी व बूढ़े माता-पिता के साथ रहता था। हत्यारोपी के पिता हुबालाल की मानें तो शिवेंद्र आए दिन मंजू से बंटवारे को लेकर विवाद करता रहता था। वृद्धावस्था होने से वह बात नहीं मानता था। इसी के चलते बड़ा बेटा छेदीलाल उसे कुछ दिन पहले मुंबई ले गया था। वहां उसका मन नहीं लगा। इससे लौट आया था।  

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घटना के समय स्कूल गए थे बच्चे
 शिवेंद्र ने जिस समय भाभी मंजू की हत्या की, उस समय बच्चे गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई करने गए थे।  मां की मौत की खबर मिलने पर वह बिलखते हुए घर पहुंचे। मां का खून से लथपथ शव देखकर परेशान हो गए। वृद्ध बाबा व दादी ने बच्चों को संभाला।
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