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चार साल की बच्ची की बलि दिलाने वाले तांत्रिक पर रासुका
Updated Fri, 22 Dec 2017 12:19 AM IST
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सहारनपुर। जनकपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम खुर्द में चार साल की मासूम अक्षिता की हाथ पैर काटकर बलि दिलाने वाले तांत्रिक को पुलिस ने रासुका में निरुद्ध कर दिया है। पड़ोसी ने ही तांत्रिक के कहने पर पुत्र की चाहत में मासूम की बलि दे डाली।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि एक अक्तूबर को ग्राम खेड़ा में महावीर की चार साल की मासूम बच्ची अक्षिता दोपहर में लगभग साढ़े 12 बजे घर के बाहर खेलते समय अचानक गायब हो गई थी। जिसका क्षत-विक्षत शव दूसरे दिन सुबह उसके घर के निकट स्थित तालाब में झाड़ियों में पड़ा मिला था। उसकी हत्या के आरोप में महावीर के पड़ोसी सतीश तथा तांत्रिक बिरशपाल निवासी ग्राम बड़ावद, थाना बिनौली, जिला बागपत को गिरफ्तार किया था। तांत्रिक बिरशपाल ने सतीश को पुत्र प्राप्ति के लिए अक्षिता की बलि दिए जाने के लिए उकसाया था। जिस पर सतीश ने मासूम अक्षिता की बेरहमी से हत्या कर दी थी। एसएसपी ने बताया कि तांत्रिक न जाने कितने मासूमों को बलि चढ़वाता। आरोपी तांत्रिक समाज के लिए खतरनाक काम कर रहा था। तांत्रिक के डर से लोगों ने अपने बच्चों का घर से निकला बंद कर दिया था। पूरे क्षेत्र में तांत्रिक की दहशत थी। तांत्रिक जेल से बाहर आने के लिए जमानत कराने का प्रयास कर रहा था। बाहर आकर फिर से इस प्रकार की घटनाओं को दोहराने का प्रयास करता। जिस कारण तांत्रिक बिरशपाल के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियमत के तहत कार्रवाई की गई है।
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एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि एक अक्तूबर को ग्राम खेड़ा में महावीर की चार साल की मासूम बच्ची अक्षिता दोपहर में लगभग साढ़े 12 बजे घर के बाहर खेलते समय अचानक गायब हो गई थी। जिसका क्षत-विक्षत शव दूसरे दिन सुबह उसके घर के निकट स्थित तालाब में झाड़ियों में पड़ा मिला था। उसकी हत्या के आरोप में महावीर के पड़ोसी सतीश तथा तांत्रिक बिरशपाल निवासी ग्राम बड़ावद, थाना बिनौली, जिला बागपत को गिरफ्तार किया था। तांत्रिक बिरशपाल ने सतीश को पुत्र प्राप्ति के लिए अक्षिता की बलि दिए जाने के लिए उकसाया था। जिस पर सतीश ने मासूम अक्षिता की बेरहमी से हत्या कर दी थी। एसएसपी ने बताया कि तांत्रिक न जाने कितने मासूमों को बलि चढ़वाता। आरोपी तांत्रिक समाज के लिए खतरनाक काम कर रहा था। तांत्रिक के डर से लोगों ने अपने बच्चों का घर से निकला बंद कर दिया था। पूरे क्षेत्र में तांत्रिक की दहशत थी। तांत्रिक जेल से बाहर आने के लिए जमानत कराने का प्रयास कर रहा था। बाहर आकर फिर से इस प्रकार की घटनाओं को दोहराने का प्रयास करता। जिस कारण तांत्रिक बिरशपाल के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियमत के तहत कार्रवाई की गई है।
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