{"_id":"6aa307d081cd95832c0920fe","slug":"investigation-launched-into-a-job-paying-11000-five-houses-and-luxry-cars-saharanpur-news-c-30-1-sha1002-183471-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: 11 हजार की नौकरी, पांच मकान और लग्जरी गाड़ियों की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: 11 हजार की नौकरी, पांच मकान और लग्जरी गाड़ियों की जांच शुरू
विज्ञापन
सहारनपुर। पीएनबी की करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोटों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए सवाल सामने आ रहे हैं। अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के रडार पर करेंसी चेस्ट में तैनात आउटसोर्स कर्मचारी भी आ गए हैं। निलंबित प्रबंधक अमित के बेहद करीबी बताए जा रहे एक कर्मचारी की संपत्ति और उसकी भूमिका को लेकर जांच शुरू की गई है।
महज 11 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले इस कर्मचारी के पास पांच मकान, स्कॉर्पियो और वरना कार समेत दो बाइक होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन संपत्तियों और वाहनों का स्वामित्व अभी जांच का विषय है। उक्त कर्मचारी की तैनाती चालक और लोडर के रूप में थी, लेकिन जांच में सामने आया है कि वह निलंबित प्रबंधक अमित का बेहद करीबी था। वह कथित तौर पर अमित के निजी सहायक की तरह काम करता था और अधिकांश समय करेंसी चेस्ट के भीतर ही रहता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि कर्मचारी ने खुद चालक की ड्यूटी करने के बजाय करीब 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से एक अन्य ड्राइवर रखा हुआ था।
करीब 11 हजार रुपये वेतन वाले कर्मचारी की कथित संपत्ति और वाहन अब जांच एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल हैं। एनआईए यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्ति और वाहनों की खरीद के लिए धन का स्रोत क्या है।
विज्ञापन
बुधवार को पुलिस ने मानकमऊ स्थित कर्मचारी के आवास पर भी छापा मारा। यहां से मिली जानकारी और दस्तावेजों को जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
महज 11 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले इस कर्मचारी के पास पांच मकान, स्कॉर्पियो और वरना कार समेत दो बाइक होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन संपत्तियों और वाहनों का स्वामित्व अभी जांच का विषय है। उक्त कर्मचारी की तैनाती चालक और लोडर के रूप में थी, लेकिन जांच में सामने आया है कि वह निलंबित प्रबंधक अमित का बेहद करीबी था। वह कथित तौर पर अमित के निजी सहायक की तरह काम करता था और अधिकांश समय करेंसी चेस्ट के भीतर ही रहता था।
विज्ञापन
जांच में यह भी सामने आया है कि कर्मचारी ने खुद चालक की ड्यूटी करने के बजाय करीब 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से एक अन्य ड्राइवर रखा हुआ था।
करीब 11 हजार रुपये वेतन वाले कर्मचारी की कथित संपत्ति और वाहन अब जांच एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल हैं। एनआईए यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्ति और वाहनों की खरीद के लिए धन का स्रोत क्या है।
विज्ञापन
बुधवार को पुलिस ने मानकमऊ स्थित कर्मचारी के आवास पर भी छापा मारा। यहां से मिली जानकारी और दस्तावेजों को जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।