फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Moradabad: Ambulance drivers angry over issuing challan, warning of strike from tomorrow

Moradabad: चालान काटने से भड़के एंबुलेंस चालक, डीएम-एसपी को देंगे ज्ञापन, कल से हड़ताल की चेतावनी

Fri, 08 Dec 2023 10:33 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 08 Dec 2023 10:33 AM IST
सार

मुरादाबाद जिले में करीब साढ़े चार सौ एंबुलेंस हैं। मालिकों ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग गाड़ियों की फिटनेस नहीं कर रहे हैं। इसके बाद खुद ही चालान कर देते हैं। तीन दिन पहले महाराणा प्रताप चौक पर एंबुलेंस का चालान कर दिया था जबकि अंदर मरीज बैठा था।

विज्ञापन
Moradabad: Ambulance drivers angry over issuing challan, warning of strike from tomorrow
एंबुलेंस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जिलेभर के निजी एंबुलेंस चालकों और मालिकों ने हड़ताल करने का फैसला किया है। इनका कहना है कि परिवहन विभाग फिटनेस के नाम पर मनमानी कर चालान काट रहा है। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, हड़ताल जारी रहेगी। इसके लिए शुक्रवार को अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया जाएगा।  

विज्ञापन


एंबुलेंस चालक संजय कश्यप ने बताया कि मुरादाबाद जनपद में करीब साढ़े चार सौ एंबुलेंस हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी गाड़ियों की फिटनेस नहीं कर रहे हैं। इसके बाद खुद ही चालान कर देते हैं। तीन दिन पहले महाराणा प्रताप चौक पर एंबुलेंस का चालान कर दिया था, जबकि अंदर मरीज बैठा था।
विज्ञापन


चालक से रुपयों की भी मांग की गई। शुक्रवार को जिलाधिकारी, एसएसपी, सीएमओ को ज्ञापन दिया जाएगा। चालक इरफान ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के समय हमने सेवाएं दीं थीं। बावजूद हमारी समस्याओं के समाधान के लिए कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एंबुलेंस मालिक कमल दुबे ने बताया कि वर्ष 2020 तक 22 सौ रुपये में गाड़ियों की फिटनेस होती थी। अब 20 हजार रुपये से कम ही नहीं लग रहे हैं। इसके बाद परिवहन विभाग के अधिकारी हमारी एंबुलेंस को किसी और के नाम स्थानांतरित करवाने को कह रहे हैं। वर्ष 2021 से फिटनेस नहीं कर रहे हैं।


हमारे पास इंश्योरेंस, प्रदूषण के कागज हैं। सिर्फ फिटनेस के कागज न होने की वजह से पहले गांधी नगर में नौ हजार रुपये का चालान काट दिया था। अब फिर दस हजार 500 रुपये का चालान एंबुलेंस के पीछे से फोटो खींचकर काट दिया है, जबकि मेरी एंबुलेंस में मरीज बैठा था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी सत्यापन के लिए रुपये देने पड़ते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed