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दरारों ने दी थी खतरे की चेतावनी: मुरादाबाद में सतर्कता से टला बड़ा हादसा, 54 साल पुराना दो मंजिला मकान धराशायी
Sat, 05 Sep 2026 11:10 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:10 PM IST
सार
मुरादाबाद के मुगलपुरा थाना क्षेत्र में जामा मस्जिद चौराहे के पास शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे 54 वर्ष पुराना दो मंजिला मकान भर-भराकर गिर गया। खास बात यह है कि 30 घंटे पहले ही भवन में दरारें आने पर प्रशासन ने जर्जर घोषित किया था।
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दो मंजिला मकान धराशायी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुरादाबाद के मुगलपुरा थाना क्षेत्र में जामा मस्जिद चौराहे के पास शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे 54 वर्ष पुराना दो मंजिला मकान भर-भराकर गिर गया। खास बात यह है कि 30 घंटे पहले ही भवन में दरारें आने पर प्रशासन ने जर्जर घोषित किया था। साथ ही भवन में रह रहे दो परिवारों को बाहर करने के साथ सात दुकानों को खाली कराकर नोटिस चस्पा किया गया था।
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1982 में बने भवन के ग्राउंड फ्लोर पर सात दुकानें थीं जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर सरफराज और सरताज अपने-अपने परिवारों के साथ रह रहे थे। बीते रोज भवन में दरारें पड़ने और तिरछा होने के बाद लोगों ने पुलिस-प्रशासन को संभावित खतरे से अवगत कराया था। आनन फानन पहुंची टीम ने भवन और दुकानों को खाली कराया था जबकि दोनों परिवार मकान को खाली करने के लिए तैयार नहीं थे।
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पड़ोस में रहने वाले नईम ने जब खतरे की आशंका जताते हुए आस पड़ोस के लोगों को इसकी जानकारी दी तो सूचना पर शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे सीओ कोतवाली कुलदीप गुप्ता, मुगलपुरा थाना प्रभारी केके राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर नगर निगम और तहसील की टीम भी बुला ली। इसके बाद सरफराज और सरताज के परिवारों के आठ लोगों को बाहर निकाला गया। सभी दुकानें भी खाली करा दी गईं। मकान के सामने वाली सड़क बैरिकेडिंग कर बंद करा दी गई थी। इसके बाद शनिवार की दोपहर जब बारिश शुरू हुई तो खतरे से आशंकित जामा मस्जिद क्षेत्र में रहने वालों की नजर मकान पर टिकी थी। तभी अचानक भर-भराकर गिरने लगा।
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इससे बिजली के तार और खंभे मकान के मलबे की चपेट में आ गए और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मकान गिरने की जानकारी मिलने पर पुलिस और नगर निगम की टीम भी मौके पर पहुंच गई। तत्काल नगर निगम ने मलबा हटवाने का कार्य शुरू कर दिया। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह का कहना है कि मकान एक दिन पहले ही खाली करा दिया गया था। इस सतर्कता की वजह से कोई जनहानि नहीं हुई है।
खतरे को देखते हुए पड़ोसी पहले ही हो गए थे सतर्क
पड़ोस में रहने वाले नईम ने बताया कि मकान में दरारें देखकर उन्हें पहले ही खतरे की आशंका हो गई थी। वहीं आकिल रजा ने बृहस्पतिवार को दरार पर कागज लगा दिया था। अगले दिन देखा तो कागज फट गया था। एक पड़ोसी रिसासत ने भी अपना मकान खाली कर दिया था। इनके अलावा भी आस-पड़ोस के लोग इस मकान पर नजर रखे हुए थे। मकान के बराबर से कोई न निकले, इसके लिए बैरिकेडिंग कर दी गई थी।
मुगलपुरा क्षेत्र में शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे गिरे मकान का कई लोगों ने वीडियो बना लिया। इसमें दिख रहा है कि किस तरह मकान धीरे-धीरे गिर रहा है और फिर दूर तक उसका मलबा फैल जाता है। लोग वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब वायरल कर रहे हैं।