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आंतरिक विकास कार्यवाही से पहले एमडीए करे विचार
Updated Wed, 05 Sep 2018 02:20 AM IST
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आंतरिक विकास कार्य पर कार्रवाई से पहले एमडीए करे विचार
मेरठ। एमडीए द्वारा शहर की विकसित कॉलोनियों में बिल्डरों द्वारा आंतरिक विकास कार्यों को लेकर बरती गई लापरवाही पर कार्रवाई शुरू की गई है। जिसमें कुछ बिल्डरों के खिलाफ एमडीए द्वारा आरसी जारी की गयी है। इस पर विरोध जताते हुए मंगलवार को रियल इस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के सदस्य एमडीए उपाध्यक्ष से मिले और कार्रवाई से पहले कई बिंदुओं पर विचार करने की बात कही।
रियल इस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के बैनर तले आधा दर्जन से ज्यादा बिल्डर मंगलवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग और संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष कमल ठाकुर के नेतृत्व में एमडीए उपाध्यक्ष से मिले। इन लोगों ने कहा कि आंतरिक विकास के संबंध में एक एग्रीमेंट पत्रावली संलग्न होती है। उसी की शर्तों के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए। विकास कार्यों के बाबत प्लॉट, भूखंड, बैंक गारंटी एमडीए में बंधक होती है, उससे पूर्व कोई भी आरसी जारी करने जैसी कार्रवाई करना गलत है।
बिल्डरों ने कहा कि बकाया कार्य केे स्टीमेट की प्रतिलिपि विकासकर्ता को उपलब्ध करानी चाहिए। विकास कार्य बकाया है कि क्षतिग्रस्त है तो उससे अवगत कराकर अलग-अलग श्रेणी में रखा जाये। इसके साथ ही 8 साल से कम स्वीकृत मानचित्र पर कोई भी कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है। ऐसे में किसी भी कार्रवाई से पूर्व इन बिंदुओं पर विचार करने के साथ एमडीए रियल इस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन को भी कार्रवाई की बाबत जानकारी दे, ताकि जो कमियां यदि कहीं है तो उसे पूरा कराते हुए एमडीए को सहयोग किया जा सके। इस दौरान बिल्डर अशोक गर्ग, अतुल गुप्ता, उत्कर्ष जैन, ज्ञानेंद्र अग्रवाल, वकुल गोयल, योगेंद्र राणा, समय सिंह सैनी, गजेंद्र नीलकंठ, विकास जैन, राहुल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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मेरठ। एमडीए द्वारा शहर की विकसित कॉलोनियों में बिल्डरों द्वारा आंतरिक विकास कार्यों को लेकर बरती गई लापरवाही पर कार्रवाई शुरू की गई है। जिसमें कुछ बिल्डरों के खिलाफ एमडीए द्वारा आरसी जारी की गयी है। इस पर विरोध जताते हुए मंगलवार को रियल इस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के सदस्य एमडीए उपाध्यक्ष से मिले और कार्रवाई से पहले कई बिंदुओं पर विचार करने की बात कही।
रियल इस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के बैनर तले आधा दर्जन से ज्यादा बिल्डर मंगलवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग और संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष कमल ठाकुर के नेतृत्व में एमडीए उपाध्यक्ष से मिले। इन लोगों ने कहा कि आंतरिक विकास के संबंध में एक एग्रीमेंट पत्रावली संलग्न होती है। उसी की शर्तों के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए। विकास कार्यों के बाबत प्लॉट, भूखंड, बैंक गारंटी एमडीए में बंधक होती है, उससे पूर्व कोई भी आरसी जारी करने जैसी कार्रवाई करना गलत है।
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बिल्डरों ने कहा कि बकाया कार्य केे स्टीमेट की प्रतिलिपि विकासकर्ता को उपलब्ध करानी चाहिए। विकास कार्य बकाया है कि क्षतिग्रस्त है तो उससे अवगत कराकर अलग-अलग श्रेणी में रखा जाये। इसके साथ ही 8 साल से कम स्वीकृत मानचित्र पर कोई भी कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है। ऐसे में किसी भी कार्रवाई से पूर्व इन बिंदुओं पर विचार करने के साथ एमडीए रियल इस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन को भी कार्रवाई की बाबत जानकारी दे, ताकि जो कमियां यदि कहीं है तो उसे पूरा कराते हुए एमडीए को सहयोग किया जा सके। इस दौरान बिल्डर अशोक गर्ग, अतुल गुप्ता, उत्कर्ष जैन, ज्ञानेंद्र अग्रवाल, वकुल गोयल, योगेंद्र राणा, समय सिंह सैनी, गजेंद्र नीलकंठ, विकास जैन, राहुल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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