हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस जांच के बीच सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट सामने आने से हलचल मच गई है। बृहस्पतिवार शाम सोनीपत के गोगी गिरोह से जुड़े बताए जा रहे भोलू शाहपुरिया के नाम से बनाई गई इंस्टाग्राम आईडी से पोस्ट डाली गई। इसमें दावा किया गया कि अंकित हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सुमित और मोहित का एनकाउंटर नहीं हुआ, बल्कि उनकी हत्या की गई।
अंकित हत्याकांड: ‘सुमित-मोहित का एनकाउंटर नहीं, हत्या हुई’; भोलू शाहपुरिया के नाम से इंस्टा-पोस्ट वायरल
अंकित बालियान हत्याकांड के बीच भोलू शाहपुरिया के नाम से एक और इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल हुई है। इसमें सुमित और मोहित के एनकाउंटर को हत्या बताया गया और अंकित को निर्दोष कहा गया। पुलिस आईडी और पोस्ट की सत्यता की जांच कर रही है।
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अंकित को भी निर्दोष बताया
पोस्ट में अंकित बालियान को निर्दोष बताए जाने का भी दावा किया गया है। इसमें सोशल मीडिया पर भड़काऊ या उकसाने वाली पोस्ट से स्वयं को अलग बताया गया है। पोस्ट के अंत में ‘गोगी भाई’ लिखा गया है।
पुलिस बोली- आईडी और पोस्ट की हो रही जांच
शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पोस्ट किस व्यक्ति ने डाली है, इसकी जांच कराई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इंस्टाग्राम आईडी वास्तव में भोलू शाहपुरिया की है या किसी अन्य व्यक्ति ने उसके नाम से इसे बनाया है। पुलिस पोस्ट की सामग्री, आईडी और इससे जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
27 अगस्त को इसी नाम से अंकित की हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी
इससे पहले 27 अगस्त को भी इसी नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई थी। उसमें अंकित बालियान की शामली में हत्या की जिम्मेदारी भोलू शाहपुरिया के नाम से ली गई थी।
उस पोस्ट में अंकित पर दुश्मनों का साथ देने और गोगी गिरोह के खिलाफ गाना बनाने का आरोप लगाया गया था। साथ ही धमकी भरा संदेश भी पोस्ट किया गया था। बाद की जांच में पुलिस ने दावा किया था कि जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट कनाडा में बैठे चिराग और अमेरिका में बैठे मोंटी ने भोलू शाहपुरिया के नाम से डाली थी।
एनकाउंटर की कार्रवाई भी जांच के दायरे में
अंकित हत्याकांड में 31 अगस्त को पुलिस मुठभेड़ में सुमित और मोहित की मौत हुई थी। इसके बाद इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब भोलू शाहपुरिया के नाम से सामने आई नई पोस्ट में भी एनकाउंटर को हत्या बताया गया है।
वहीं, इस मुठभेड़ की जांच को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग की ओर से शामली जिलाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगे जाने की प्रक्रिया भी सामने आ चुकी है।
पोस्ट की सत्यता सामने आने के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट की तकनीकी जांच कर रही है। आईडी किसकी है, पोस्ट किसने डाली और इसमें किए गए दावे वास्तविक हैं या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस अंकित हत्याकांड से जुड़े सोशल मीडिया नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।