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चकबंदी अधिकारी के घर पकडा गया फर्जी न्यायालय
Updated Fri, 03 Aug 2018 03:20 AM IST
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चकबंदी अधिकारी समेत पांच पर मुकदमा दर्ज
- आवास से मिलीं 318 पत्रावलियां, गांव के नक्शे व 85 हजार नकद
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बानपुर के चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी समेत पांच के खिलाफ शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। चकबंदी अधिकारी के आवास से चकबंदी से संबंधित 318 पत्रावलियां, गांव के नक्शे, 85 हजार रुपये नकद समेत कई संदिग्ध पत्रावलियां व सामान बरामद किया गया है।
चकबंदी अधिकारी बानपुर कल्याण प्रताप सिंह का स्थानांतरण होने के बाद भी वह घर पर पत्रावलियां में काम कर रहे थे। सूचना पर बुधवार को एडीएम सदर घनश्याम वर्मा ने छापा मारा था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को चकबंदी अधिकारी कल्याण प्रताप सिंह, सहायक चकबंदी अधिकारी विजय कुमार श्रीवास्तव व लक्ष्मी प्रसाद, चकबंदी लेखपाल सोनू कुशवाहा और टाइपिस्ट महेंद्र सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना व षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गौरतलब है कि चकबंदी अधिकारी कल्याण प्रताप सिंह 31 जुलाई को स्थानांतरित होकर बिजनौर जिला के लिए कार्यमुक्त हो चुके थे। लेकिन, इसके बाद भी वह कर्मचारियों की मदद से चकबंदी न्यायालय से मूल पत्रावलियों को मंगाकर अपने राजकीय आवास पर अवैधानिक रुप से पत्रावलियों का निस्तारण करते हुए पाए गए थे। यहां तक कि कार्यमुक्त होने के बाद भी पिछली तिथियों में आदेश पारित किए जा रहे थे। टाइप राइटर से आदेश टाइप किया जा रहा था। मौके पर मिलीं चार पत्रावलियां, जिनमें आदेश टाइप किए जा रहे थे, उनको सील कर दिया गया था। कमरे में एक अटैची से 85 हजार रुपये बरामद हुए थे।
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इनसेट
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14 दिन की रिमांड पर भेजा
मुकदमा लिखे जाने के बाद पुलिस ने सभी को न्यायालय मेें पेश किया और रिमांड मांगी, जिस पर जिला न्यायाधीश बीएस पटेल की अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की रिमांड मंजूर करते हुए जेल भेज दिया।
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- आवास से मिलीं 318 पत्रावलियां, गांव के नक्शे व 85 हजार नकद
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बानपुर के चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी समेत पांच के खिलाफ शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। चकबंदी अधिकारी के आवास से चकबंदी से संबंधित 318 पत्रावलियां, गांव के नक्शे, 85 हजार रुपये नकद समेत कई संदिग्ध पत्रावलियां व सामान बरामद किया गया है।
चकबंदी अधिकारी बानपुर कल्याण प्रताप सिंह का स्थानांतरण होने के बाद भी वह घर पर पत्रावलियां में काम कर रहे थे। सूचना पर बुधवार को एडीएम सदर घनश्याम वर्मा ने छापा मारा था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को चकबंदी अधिकारी कल्याण प्रताप सिंह, सहायक चकबंदी अधिकारी विजय कुमार श्रीवास्तव व लक्ष्मी प्रसाद, चकबंदी लेखपाल सोनू कुशवाहा और टाइपिस्ट महेंद्र सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना व षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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गौरतलब है कि चकबंदी अधिकारी कल्याण प्रताप सिंह 31 जुलाई को स्थानांतरित होकर बिजनौर जिला के लिए कार्यमुक्त हो चुके थे। लेकिन, इसके बाद भी वह कर्मचारियों की मदद से चकबंदी न्यायालय से मूल पत्रावलियों को मंगाकर अपने राजकीय आवास पर अवैधानिक रुप से पत्रावलियों का निस्तारण करते हुए पाए गए थे। यहां तक कि कार्यमुक्त होने के बाद भी पिछली तिथियों में आदेश पारित किए जा रहे थे। टाइप राइटर से आदेश टाइप किया जा रहा था। मौके पर मिलीं चार पत्रावलियां, जिनमें आदेश टाइप किए जा रहे थे, उनको सील कर दिया गया था। कमरे में एक अटैची से 85 हजार रुपये बरामद हुए थे।
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14 दिन की रिमांड पर भेजा
मुकदमा लिखे जाने के बाद पुलिस ने सभी को न्यायालय मेें पेश किया और रिमांड मांगी, जिस पर जिला न्यायाधीश बीएस पटेल की अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की रिमांड मंजूर करते हुए जेल भेज दिया।