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तत्कालीन कोतवाल के खिलाफ जांच शुरू
लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 22 Mar 2015 06:55 PM IST
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अप्रैल 2014 में शहर के मोहल्ला नौरंगाबाद के नीलांश अपहरणकांड में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन शहर कोतवाल इश्तेयाक अहमद के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
यह जांच गोला के सीओ मधुबन सिंह कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शहर कोतवाल इश्तेयाक अहमद ने इस अपहरण मामले की विवेचना सही दिशा में नहीं की। जिसके बाद विवेचना हटाकर क्राइम ब्रांच को सौंपनी पड़ी।
बता दें कि नीलांश के अपहरण मामले में तत्कालीन एसपी एसके सिंह ने जेलगेट चौकी इंचार्ज सर्वेश कुमार से विवेचना लेकर 23 अप्रैल 2014 को शहर कोतवाल इश्तेयाक अहमद को सौंप दी थी।
इस बीच शहर कोतवाल इश्तेयाक अहमद की जांच में नीलांश का चप्पल बरामद हुईं लेकिन उसके बाद पुलिस को कोई तथ्य नहीं मिल पाए।
इस मामले में लोगों के बढ़ते दबाव और विवचेना की प्रगति तेज करने के लिए जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई लेकिन अभी तक इस मामले में कोई प्रगति नहीं हो पाई। अब इस मामले में शुरुआती विवेचना सही दिशा में न किए जाने पर शहर कोतवाल रहे इश्तेयाक अहमद के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
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क्या है नीलांश के अपहरण का मामला
शहर के मोहल्ला नौरंगाबाद निवासी उदयशंकर मिश्रा के छह वर्षीय पुत्र नीलांश को अप्रैल 2014 में खेलते समय घर के पास से अगवा कर लिया गया था।
काफी तलाश के बाद जब उसका पता नहीं चला तो पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराई। जिसमें पुलिस ने मोहल्ले के ही गुड्डू नाई और उसके पुत्र जयप्रकाश तथा विजय प्रकाश को छह लाख रुपये की फिरौती मांगने और धमकी देने की धाराओं में जेल भेज दिया था। यहां बता दें कि नीलांश का अब तक सुराग नहीं लग सका है।
नीलांश अपहरणकांड मामले में विवेचना सही दिशा में न करने और लापरवाही बरतने को लेकर प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। इसे विभागीय प्रारंभिक जांच कहा जाता है।
-मधुबन सिंह, सीओ, गोला
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यह जांच गोला के सीओ मधुबन सिंह कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शहर कोतवाल इश्तेयाक अहमद ने इस अपहरण मामले की विवेचना सही दिशा में नहीं की। जिसके बाद विवेचना हटाकर क्राइम ब्रांच को सौंपनी पड़ी।
बता दें कि नीलांश के अपहरण मामले में तत्कालीन एसपी एसके सिंह ने जेलगेट चौकी इंचार्ज सर्वेश कुमार से विवेचना लेकर 23 अप्रैल 2014 को शहर कोतवाल इश्तेयाक अहमद को सौंप दी थी।
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इस बीच शहर कोतवाल इश्तेयाक अहमद की जांच में नीलांश का चप्पल बरामद हुईं लेकिन उसके बाद पुलिस को कोई तथ्य नहीं मिल पाए।
इस मामले में लोगों के बढ़ते दबाव और विवचेना की प्रगति तेज करने के लिए जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई लेकिन अभी तक इस मामले में कोई प्रगति नहीं हो पाई। अब इस मामले में शुरुआती विवेचना सही दिशा में न किए जाने पर शहर कोतवाल रहे इश्तेयाक अहमद के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
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क्या है नीलांश के अपहरण का मामला
शहर के मोहल्ला नौरंगाबाद निवासी उदयशंकर मिश्रा के छह वर्षीय पुत्र नीलांश को अप्रैल 2014 में खेलते समय घर के पास से अगवा कर लिया गया था।
काफी तलाश के बाद जब उसका पता नहीं चला तो पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराई। जिसमें पुलिस ने मोहल्ले के ही गुड्डू नाई और उसके पुत्र जयप्रकाश तथा विजय प्रकाश को छह लाख रुपये की फिरौती मांगने और धमकी देने की धाराओं में जेल भेज दिया था। यहां बता दें कि नीलांश का अब तक सुराग नहीं लग सका है।
नीलांश अपहरणकांड मामले में विवेचना सही दिशा में न करने और लापरवाही बरतने को लेकर प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। इसे विभागीय प्रारंभिक जांच कहा जाता है।
-मधुबन सिंह, सीओ, गोला