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पुलिस को मृत व्यक्ति से भी शांति भंग की आशंका
मितौली
Updated Sat, 21 Nov 2015 07:14 PM IST
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प्रधानी के चुनाव में शांति स्थापित करने के लिए पुलिस भी अजब गजब तरीके अपना रही है। मितौली पुलिस ने तो संवेदनशीलता की सारी हदें पार करते हुए मृत व्यक्ति के नाम नोटिस जारी कर दिया। पुलिस को मृत व्यक्ति से शांति भंग की आशंका है। पुलिस का यह कारनामा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
थाना क्षेत्र के ग्राम बबौना निवासी मैकू का पुत्र सुंदर पिछले तीन वर्षों से कैंसर से पीड़ित था और चारपाई पर ही पड़ा रहता था। घरवालों के मुताबिक चार नवंबर को उसकी मौत हो गई। बताते हैं इस बात की जानकारी पुलिस को भी दी गई थी। फि र भी पंचायत चुनाव के नजदीक आते ही पुलिस को जिन लोगों से शांति भंग की आशंका थी, उनके साथ ही सुंदर के नाम से भी नोटिस जारी कर दी। घर पर नोटिस पहुंचने से परिवारीजन हैरत में हैं।
उनके मुताबिक पुलिस ने शांति भंग की आशंका में उसे पाबंद कर जमानत के लिए समन भेजा है। हालांकि अब मितौली पुलिस अपनी गलती के बचाव में उतर आई है। इस बाबत सीओ मिथिलेश कुमारी दीक्षित का कहना है कि सुंदर को 31 अक्तूबर को नोटिस जारी की गई थी, जबकि उसकी मौत चार नवंबर को हुई है। पुलिस अब अगली कार्रवाई में रिपोर्ट भेजने की बात कह रही है।
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थाना क्षेत्र के ग्राम बबौना निवासी मैकू का पुत्र सुंदर पिछले तीन वर्षों से कैंसर से पीड़ित था और चारपाई पर ही पड़ा रहता था। घरवालों के मुताबिक चार नवंबर को उसकी मौत हो गई। बताते हैं इस बात की जानकारी पुलिस को भी दी गई थी। फि र भी पंचायत चुनाव के नजदीक आते ही पुलिस को जिन लोगों से शांति भंग की आशंका थी, उनके साथ ही सुंदर के नाम से भी नोटिस जारी कर दी। घर पर नोटिस पहुंचने से परिवारीजन हैरत में हैं।
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उनके मुताबिक पुलिस ने शांति भंग की आशंका में उसे पाबंद कर जमानत के लिए समन भेजा है। हालांकि अब मितौली पुलिस अपनी गलती के बचाव में उतर आई है। इस बाबत सीओ मिथिलेश कुमारी दीक्षित का कहना है कि सुंदर को 31 अक्तूबर को नोटिस जारी की गई थी, जबकि उसकी मौत चार नवंबर को हुई है। पुलिस अब अगली कार्रवाई में रिपोर्ट भेजने की बात कह रही है।
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