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आखिरी सांस तक गंगाजली करेंगी संघर्ष
मैगलगंज (लखीमपुर खीरी)।
Updated Sat, 30 Jan 2016 07:57 PM IST
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थाना मैैगलगंज के श्रीपालपुर में 29 जून 2014 को हुए पदुम एनकाउंटर मामले में सपा विधायक सुनील कुमार लाला, तत्कालीन एसओ विश्वनाथ यादव समेत 15 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो चुका हैै। इस मामले में वादिनी एवं मृतक की मां गंगाजली ने आखिरी सांस तक इंसाफ पाने के लिए संघर्ष करने की बात कही है। बहू और उसके तीन बेटों की जिम्मेदारी संभाले गंगाजली सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हैं।
गंगाजली के मुताबिक उसके पति की हत्या हो जाने के बाद घर की जिम्मेदारी उनके एकलौते पुत्र पदुम पर आ गई थी, लेकिन हालात ऐसे बिगड़े कि उसका एकलौता सहारा भी पुलिस की कार्रवाई में छिन गया। पदुम के मारे जाने के बाद उसकी पत्नी नन्ही देवी और तीन बच्चों अभिषेक, नागेश और डैनी के परिवरिश की जिम्मेदारी गंगाजली पर आ गई है। गंगाजली के पास खेती के लिए अपनी जमीन नहीं है, लेकिन दूसरों की बटाई खेती कर परिवार का भरण पोषण कर रही है। सरकारी योजनाओं का लाभ भी उसके परिवार को नहीं मिला, मसलन झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहे परिवार को इंदिरा या लोहिया आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका हैै। राशन कार्ड भी नहीं बने हैं।
गंगाजली ने अमर उजाला से बातचीत में कहा है कि यदि मेरा बेटा अपराधी था, तो उसे जेल भेजा जाता या उसे कानून सजा देता। कोर्ट का सहारा लेकर पुलिस और सपा विधायक के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंकने वाली गंगाजली को इस बात का भी मलाल है कि उसका बेटा दिल्ली में नौकरी करने लगा था और घटना वाले दिन वह दिल्ली जाने के लिए घर से निकला था। आरोप है कि इस दौरान साजिशन उसकी हत्या कर दी गई।
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गंगाजली के मुताबिक उसके पति की हत्या हो जाने के बाद घर की जिम्मेदारी उनके एकलौते पुत्र पदुम पर आ गई थी, लेकिन हालात ऐसे बिगड़े कि उसका एकलौता सहारा भी पुलिस की कार्रवाई में छिन गया। पदुम के मारे जाने के बाद उसकी पत्नी नन्ही देवी और तीन बच्चों अभिषेक, नागेश और डैनी के परिवरिश की जिम्मेदारी गंगाजली पर आ गई है। गंगाजली के पास खेती के लिए अपनी जमीन नहीं है, लेकिन दूसरों की बटाई खेती कर परिवार का भरण पोषण कर रही है। सरकारी योजनाओं का लाभ भी उसके परिवार को नहीं मिला, मसलन झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहे परिवार को इंदिरा या लोहिया आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका हैै। राशन कार्ड भी नहीं बने हैं।
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गंगाजली ने अमर उजाला से बातचीत में कहा है कि यदि मेरा बेटा अपराधी था, तो उसे जेल भेजा जाता या उसे कानून सजा देता। कोर्ट का सहारा लेकर पुलिस और सपा विधायक के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंकने वाली गंगाजली को इस बात का भी मलाल है कि उसका बेटा दिल्ली में नौकरी करने लगा था और घटना वाले दिन वह दिल्ली जाने के लिए घर से निकला था। आरोप है कि इस दौरान साजिशन उसकी हत्या कर दी गई।
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