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नगर पालिका नींद में, शहर हुआ कूड़ा

Thu, 30 Aug 2018 11:47 PM IST
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:47 PM IST
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नगर पालिका नींद में, शहर हुआ कूड़ा
मुद्दा
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शहर कूड़े से तरबतर, पालिका बेखबर
अथवा
शहर बना कूड़े की डगर, पालिका बेखबर
अथवा
कूड़ा डगर-डगर, नगर पालिका बेखबर
बाईपास पर डंप हो गया टनों कूड़ा, उठवाए तो कौन
मृत पशुओं के सड़ने से निकलना हुआ दूभर
30 एलकेएच 12 और 13
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। यदि आप लखनऊ अथवा बरेली की ओर से लखीमपुर आते हैं तो सावधान हो जाइए। शहर सीमा में घुसने से पहले बाईपास पर कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध आपका जी खराब कर सकती है। जी हां, शहर में घुसने से पहले ही आपको इस बात का अहसास हो जाएगा कि यह बहुत गंदा शहर है। इसके बाद भी नगर पालिका प्रशासन नींद में है। वहीं जिम्मेदार दो टूक बहानेवाजी करने में लगे हैं।
शहर से लेकर बाईपास पर तक कूड़ा ही कूड़ा नजर आता है। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष निरुपमा बाजपेयी ने चुनाव से पहले वादा किया था कि कूड़े का स्थायी समाधान करेंगे, लेकिन अध्यक्ष बनने के बाद इस ओर ध्यान तक नहीं दिया। नतीजतन शहर में जिधर देखो, उधर ही कूड़े के ढेर हैं। इतना ही नहीं बाईपास पर डलवाए जा रहे कूडे़ के ढेर में मृत पशुओं से उठती दुर्गंध से निकलना मुश्किल हो जाता है। लोगबाग नाक को रूमाल से ढककर निकलने को मजबूर होते हैं। पर्यावरण पूरी तरह से दूषित हो चुका है। ऐसा नहीं है कि नगर पालिका के पास संसाधन नहीं है, लेकिन इसके बाद भी शहर में कूड़े की समस्या विकराल होती जा रही है। हालात जल्द न सुधरे तो ऐसी परिस्थितियों में अब बस बीमारियां फैलना बाकी हैं।
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आंकड़ों में सफाई पर खूब हो रहा खर्चा
नगर पालिका प्रशासन के आंकड़ों पर गौर करें तो खूब खर्चा किया जा रहा है। सफाई और कूड़ा उठाने के लिए तीन लोडर, दो जेसीबी, तीन डम्फर, दो ट्रैक्टर ट्रॉली और 15 चौपहिया वाहन लगाए गए हैं। सफाई व्यवस्था के लिए 519 कर्मचारी लगे हैं, जबकि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 81 कर्मचारी लगे हैं। इस तरह हर रोज सफाई पर काफी खर्चा किया जा रहा है।
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वार्ड सदस्य का कहना
1
कोई सुनता ही नहीं तो क्या करें
30 एलकेएच 14
जब से पालिका बोर्ड का गठन हुआ है। तभी से कूड़े की समस्या को लेकर कहते हैं रहे है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। जब न अधिकारी सुनेंगे और न अध्यक्ष तो हम क्या करेंगे।
मनीषा माथुर, वार्ड सदस्य
2.
पालिका में उपेक्षा हो रही है
30 एलकेएच 15
कूड़े की शिकायत करते करते हमें शर्म आने लगी है। मुस्लिम मोहल्लों में सफाई नहीं हो रही है। कई बार कहा, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। शहर गंदगी का ढेर बनता जा रहा है।
राशिद पठान, वार्ड सदस्य
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डंपिंग ग्राउंड के बिना समाधान मेरे बस का नहीं
30 एलकेएच 16
कूड़े डालने के लिए जब तक जमीन नहीं मिलेगी। समस्या का समाधान नहीं हो सकता। काफी समय से डंपिंग ग्राउंड के लिए भूमि की मांग की जा रही है, लेकिन नहीं मिल सकी। बिना जमीन के समाधान मेरे बस का नहीं है।

अखिलेश त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी-नगर पालिका परिषद, लखीमपुर
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निरंतर साफ हो रहा शहर
30 एलकेएच 17
जब से नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पर निर्वाचित हुई हूं, तब से लगातार शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटी हूं। सफाई कर्मी और संसाधन पर्याप्त हैं। शहर निरंतर साफ हो रहा है। कूड़ा डंपिंग के लिए मझरा फार्म के पास जमीन का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। स्वीकृति मिलते ही यह समस्या भी दूर हो जाएगी। फिर हमारा प्रयास कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने पर होगा।
निरुपमा बाजपेयी, अध्यक्ष- नगर पालिका परिषद, लखीमपुर
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