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20 साल की लड़की ने 11 साल खाए बाल: पेट में बना 1.16 किलो का गोला, नहीं लगती थी भूख; गिरता गया वजन, ऐसे बची जान

Sat, 05 Sep 2026 06:57 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Sat, 05 Sep 2026 06:57 PM IST
सार

प्रोफेसर डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि ऐसे मामलों का लंबे समय तक पता नहीं चल पाता, क्योंकि मरीज अक्सर बाल खाने की आदत के बारे में नहीं बताते। सर्जरी के बाद छात्रा की हालत में सुधार हुआ है। उसकी भूख लौट आई है, वजन बढ़ने लगा है और वह दोबारा पढ़ाई कर रही है। 

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Girl ate hair for 11 years 1.16 kg ball formed in her stomach
पेट से निकले बाल - फोटो : अमर उजाला/AI

विस्तार

महज 20 साल की उम्र और पिछले 11 साल से बाल खाने की आदत... लंबे समय तक किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। धीरे-धीरे पेट में जमा होते गए बालों ने एक बड़े और सघन गोले का रूप ले लिया। आखिरकार तेज पेट दर्द, उल्टी और जी मिचलाने की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंची छात्रा के पेट से डॉक्टरों ने 1.16 किलो वजन का बालों का गोला (ट्राइकोबेजोअर) निकाला।

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नहीं लगती थी भूख, गिर रहा था वजन 
द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची छात्रा को तीन दिन से तेज पेट दर्द था। उसे लंबे समय से भूख नहीं लग रही थी, वजन कम हो रहा था और थकान भी बनी रहती थी। जांच के दौरान डॉक्टरों को पेट के ऊपरी हिस्से में सख्त गांठ महसूस हुई। एंडोस्कोपी में पेट के भीतर बालों का बड़ा गुच्छा दिखाई दिया। यह जे आकार का था और खाने की नली से छोटी आंत की शुरुआत तक फैला हुआ था।

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एंडोस्कोपी से काम नहीं बना तो लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का लिया सहारा
डॉक्टरों के मुताबिक, बाल पचते नहीं हैं। ऐसे में वर्षों तक खाए गए बाल पेट में जमा होते रहे और धीरे-धीरे एक ठोस गोले में बदल गए। शुरुआत में एंडोस्कोपी के जरिए इसे निकालने की कोशिश की गई, लेकिन आकार और मजबूती अधिक होने के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसके बाद डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का सहारा लिया। पेट में जगह कम होने के कारण प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण थी। पेट की अंदरूनी परत को नुकसान से बचाते हुए छोटा चीरा लगाकर पूरा बालों का गोला बाहर निकाला गया।

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सर्जरी के बाद हालत में सुधार
प्रोफेसर डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि ऐसे मामलों का लंबे समय तक पता नहीं चल पाता, क्योंकि मरीज अक्सर बाल खाने की आदत के बारे में नहीं बताते। सर्जरी के बाद छात्रा की हालत में सुधार हुआ है। उसकी भूख लौट आई है, वजन बढ़ने लगा है और वह दोबारा पढ़ाई कर रही है। डॉक्टरों ने कहा कि बाल खाने जैसी असामान्य आदत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर पहचान और मनोवैज्ञानिक मदद से समस्या दोबारा होने का खतरा कम किया जा सकता है।

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