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मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतरा, बड़ी अनहोनी बाल बाल टली
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:39 PM IST
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फोटो 3 से 6 तक
मालगाड़ी डिरेल होने से पांच घंटे बाधित रहा दिल्ली-लखनऊ डाउन ट्रैक
- मिलिट्री स्पेशल ट्रेन सहित पांच प्रभावित, अन्य ट्रेनों को धीरे-धीरे अप रूट ट्रैक से निकाला गया
- रेलवे अफसरों में मचा रहा हड़कंप, मुरादाबाद से रिलीफ ट्रेन पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर।
दिल्ली-लखनऊ डाउन ट्रैक पर मुरादाबाद जा रही मालगाड़ी रविवार सुबह ब्रह्मगढ़ी फाटक संख्या 70 के पास डिरेल हो गई। मालगाड़ी का 12 वां डिब्बा पटरी से उतर गया, उससे रूट पांच घंटे प्रभावित रहा। इसमें मिलिट्री स्पेशल ट्रेन सहित पांच को घंटों तक रोकना पड़ा। दर्जनों ट्रेनों को धीरे-धीरे दूसरे अप ट्रैक से निकाला गया। ऐसे मेें ट्रेन घंटों की देरी से चलीं। मालगाड़ी के डिरेल होने की सूचना मिलते ही अफसरों में हड़कंप मच गया। तत्काल मुरादाबाद से स्पेशल रिलीफ ट्रेन को मौके पर भेजा गया।
सिंभावली स्टेशन पर 24 जुलाई से खड़ी मालगाड़ी रविवार को मुरादाबाद जा रही थी। सुबह 6 बजे स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर पहुंचते ही ब्रह्मगढ़ी के फाटक संख्या 60 के पास मालगाड़ी का 12 वां डिब्बा नंबर एम 5248 डिरेल हो गया। ड्राइवर राजेश और गार्ड ऋषिपाल ने सिंभावली स्टेशन पर मालगाड़ी के डिरेल होने की सूचना दी तो रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। इसके चलते दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग के डाउन रूट से होकर जा रही पांच ट्रेनों को आनन फानन में इधर उधर रुकवा दिया गया। जिनमें अरुणाचल प्रदेश से मेरठ जा रही स्पेशल मिलिट्री ट्रेन समेत सत्याग्रह एक्सप्रेस, ऊना हिमाचल, अवध-असम, शताब्दी, नौचंदी एक्सप्रेस शामिल रहीं। मुरादाबाद मुख्यालय के माध्यम से टेक्निकल स्टाफ को स्टेशन मास्टर होशियार सिंह ने सूचित किया। सूचना मिलने पर गढ़ स्टेशन से आरपीएफ एसआई सुभाष यादव, गाजियाबाद से सहायक सुरक्षा अधिकारी आरसी जोशी, हापुड़ से इंस्पेक्टर मुहम्मद असलम मौके पर पहुंच गए। करीब 9 बजे मुरादाबाद से विभाग के आला अफसर टेक्निकल स्टाफ को लेकर एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन से मौके पर पहुंचे। टेक्निकल स्टाफ और अफसरों ने डिरेल हुए डिब्बे को पटरी पर चढ़ाकर सिंभावली स्टेशन पर पहुंचाया। एडीआरएम संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि मालगाड़ी का डिब्बा ट्रैक से उतरने की विभागीय जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी। टेक्निकल स्टाफ ने पटरी की जांच कर ट्रैक को ट्रेनों के आवागमन के लिए हरी झंडी दे दी। जिससे करीब पौने पांच घंटों तक बाधित रहने के बाद दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग के डाउन रूट पर ट्रेनों का आवागमन सुचारु हो पाया। ट्रैक ओके होने पर सबसे पहले सुबह 10.55 बजे वध असम ट्रेन को निकाला गया।
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तो सकता था हादसा
डिब्बा ट्रैक से नीचे उतरने की घटना होने के बाद भी कोई हादसा न होने से रेलवे महकमा राहत की सांस ले रहा है। दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग देश के अति व्यस्ततम रेल रूटों में है, जिस पर 24 घंटों में 80 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। जिस पर एक ही टाइम में दोनों ट्रैकों पर अक्सर ट्रेन आती जाती रहती हैं और एक ही रूट पर आगे-पीछे ट्रेन फर्राटा भरती रहती हैं। भाग्यवश हादसे के दौरान डाउन रूट पर पीछे से कोई ट्रेन नहीं आ रही थी और न ही दूसरे ट्रैक पर कोई ट्रेन जा रही थी। अन्यथा पटरी से उतरे डिब्बे से टकराने पर बड़ा हादसा हो सकता था। स्टेशन मास्टर होशियार सिंह ने बताया कि मालगाड़ी का डिब्बा उतरने की खबर मिलते ही आनन फानन में इमरजेंसी मैसेज देकर डाउन रूट पर आने वाली ट्रेनों समेत अप रूट पर मुरादाबाद की तरफ से आ रहीं ट्रेनों को इधर उधर रुकवाया गया।
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कई ट्रेनें लेट, दो के रूट डायवर्ट
हापुड़।
मालगाड़ी के डिरेल होने के चलते हापुड़ के यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। हादसे के कारण हापुड़ से गुजरने वाली दो ट्रेनों के रूट को डायवर्ट कर दिया गया। जबकि इससे कई अन्य ट्रेनें भी बाधित रहीं, जिससे यात्रियों को घंटों स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा।
मालगाड़ी के डिरेल होने से हापुड़ में भी ट्रेनों का संचालन गड़बड़ा गया। ट्रैक से दिल्ली से बरेली जाने वाली ऊना हिमाचल एक्सप्रेस व कोटद्वार से दिल्ली जाने वाली गढ़वाल एक्सप्रेस को वाया मेरठ होकर निकाला गया। इसके अलावा गुवाहाटी एक्सप्रेस एक घंटा, नौचंदी दो घंटे, छपरा एक्सप्रेस तीन घंटे, मैमू पांच घंटे व दिल्ली मुरादाबाद पैसेंजर तीन घंटे लेट रहीं। ट्रेनें लेट होने से स्टेशन पर यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गर्मी में लोग स्टेशन पर परेशान दिखायी दिए।
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फोटो 3 से 6 तक
मालगाड़ी डिरेल होने से पांच घंटे बाधित रहा दिल्ली-लखनऊ डाउन ट्रैक
- मिलिट्री स्पेशल ट्रेन सहित पांच प्रभावित, अन्य ट्रेनों को धीरे-धीरे अप रूट ट्रैक से निकाला गया
- रेलवे अफसरों में मचा रहा हड़कंप, मुरादाबाद से रिलीफ ट्रेन पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर।
दिल्ली-लखनऊ डाउन ट्रैक पर मुरादाबाद जा रही मालगाड़ी रविवार सुबह ब्रह्मगढ़ी फाटक संख्या 70 के पास डिरेल हो गई। मालगाड़ी का 12 वां डिब्बा पटरी से उतर गया, उससे रूट पांच घंटे प्रभावित रहा। इसमें मिलिट्री स्पेशल ट्रेन सहित पांच को घंटों तक रोकना पड़ा। दर्जनों ट्रेनों को धीरे-धीरे दूसरे अप ट्रैक से निकाला गया। ऐसे मेें ट्रेन घंटों की देरी से चलीं। मालगाड़ी के डिरेल होने की सूचना मिलते ही अफसरों में हड़कंप मच गया। तत्काल मुरादाबाद से स्पेशल रिलीफ ट्रेन को मौके पर भेजा गया।
सिंभावली स्टेशन पर 24 जुलाई से खड़ी मालगाड़ी रविवार को मुरादाबाद जा रही थी। सुबह 6 बजे स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर पहुंचते ही ब्रह्मगढ़ी के फाटक संख्या 60 के पास मालगाड़ी का 12 वां डिब्बा नंबर एम 5248 डिरेल हो गया। ड्राइवर राजेश और गार्ड ऋषिपाल ने सिंभावली स्टेशन पर मालगाड़ी के डिरेल होने की सूचना दी तो रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। इसके चलते दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग के डाउन रूट से होकर जा रही पांच ट्रेनों को आनन फानन में इधर उधर रुकवा दिया गया। जिनमें अरुणाचल प्रदेश से मेरठ जा रही स्पेशल मिलिट्री ट्रेन समेत सत्याग्रह एक्सप्रेस, ऊना हिमाचल, अवध-असम, शताब्दी, नौचंदी एक्सप्रेस शामिल रहीं। मुरादाबाद मुख्यालय के माध्यम से टेक्निकल स्टाफ को स्टेशन मास्टर होशियार सिंह ने सूचित किया। सूचना मिलने पर गढ़ स्टेशन से आरपीएफ एसआई सुभाष यादव, गाजियाबाद से सहायक सुरक्षा अधिकारी आरसी जोशी, हापुड़ से इंस्पेक्टर मुहम्मद असलम मौके पर पहुंच गए। करीब 9 बजे मुरादाबाद से विभाग के आला अफसर टेक्निकल स्टाफ को लेकर एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन से मौके पर पहुंचे। टेक्निकल स्टाफ और अफसरों ने डिरेल हुए डिब्बे को पटरी पर चढ़ाकर सिंभावली स्टेशन पर पहुंचाया। एडीआरएम संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि मालगाड़ी का डिब्बा ट्रैक से उतरने की विभागीय जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी। टेक्निकल स्टाफ ने पटरी की जांच कर ट्रैक को ट्रेनों के आवागमन के लिए हरी झंडी दे दी। जिससे करीब पौने पांच घंटों तक बाधित रहने के बाद दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग के डाउन रूट पर ट्रेनों का आवागमन सुचारु हो पाया। ट्रैक ओके होने पर सबसे पहले सुबह 10.55 बजे वध असम ट्रेन को निकाला गया।
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तो सकता था हादसा
डिब्बा ट्रैक से नीचे उतरने की घटना होने के बाद भी कोई हादसा न होने से रेलवे महकमा राहत की सांस ले रहा है। दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग देश के अति व्यस्ततम रेल रूटों में है, जिस पर 24 घंटों में 80 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। जिस पर एक ही टाइम में दोनों ट्रैकों पर अक्सर ट्रेन आती जाती रहती हैं और एक ही रूट पर आगे-पीछे ट्रेन फर्राटा भरती रहती हैं। भाग्यवश हादसे के दौरान डाउन रूट पर पीछे से कोई ट्रेन नहीं आ रही थी और न ही दूसरे ट्रैक पर कोई ट्रेन जा रही थी। अन्यथा पटरी से उतरे डिब्बे से टकराने पर बड़ा हादसा हो सकता था। स्टेशन मास्टर होशियार सिंह ने बताया कि मालगाड़ी का डिब्बा उतरने की खबर मिलते ही आनन फानन में इमरजेंसी मैसेज देकर डाउन रूट पर आने वाली ट्रेनों समेत अप रूट पर मुरादाबाद की तरफ से आ रहीं ट्रेनों को इधर उधर रुकवाया गया।
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कई ट्रेनें लेट, दो के रूट डायवर्ट
हापुड़।
मालगाड़ी के डिरेल होने के चलते हापुड़ के यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। हादसे के कारण हापुड़ से गुजरने वाली दो ट्रेनों के रूट को डायवर्ट कर दिया गया। जबकि इससे कई अन्य ट्रेनें भी बाधित रहीं, जिससे यात्रियों को घंटों स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा।
मालगाड़ी के डिरेल होने से हापुड़ में भी ट्रेनों का संचालन गड़बड़ा गया। ट्रैक से दिल्ली से बरेली जाने वाली ऊना हिमाचल एक्सप्रेस व कोटद्वार से दिल्ली जाने वाली गढ़वाल एक्सप्रेस को वाया मेरठ होकर निकाला गया। इसके अलावा गुवाहाटी एक्सप्रेस एक घंटा, नौचंदी दो घंटे, छपरा एक्सप्रेस तीन घंटे, मैमू पांच घंटे व दिल्ली मुरादाबाद पैसेंजर तीन घंटे लेट रहीं। ट्रेनें लेट होने से स्टेशन पर यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गर्मी में लोग स्टेशन पर परेशान दिखायी दिए।
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