इरादतनगर। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुए सड़क हादसे में रोडवेज बस चालक की मौत हो गई। वहीं गांव में श्मशान घाट न होने और कीचड़ भरे रास्ते के कारण अंतिम संस्कार में भारी परेशानी हुई। मजबूरी में ग्रामीणों को निजी खेत में खड़ी बाजरे की फसल काटकर अंतिम संस्कार की जगह बनानी पड़ी।
हादसा रात 11 बजे करीब हुआ। इरादतनगर के गढ़ी नौहवार निवासी 57 वर्षीय जीवन सिंह रोडवेज में चालक थे। परिजन रवि, विकास और परिचालक श्यामवीर के अनुसार, जीवन सिंह लखनऊ से बस लेकर ड्यूटी पर निकले थे। एक्सप्रेस-वे पर किलोमीटर 146 के पास (कन्नौज जिले के तिर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत) तकनीकी खराबी के चलते बस बंद हो गई थी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए चालक जीवन सिंह बस से नीचे उतरे थे, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शुक्रवार शाम जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजन की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान गांव में सार्वजनिक श्मशान घाट न होने की गंभीर समस्या भी सामने आई। रास्ते में कीचड़ भरी होने के कारण अंतिम संस्कार में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मजबूरी में ग्रामीणों को निजी खेत में खड़ी बाजरे की फसल काटकर अंतिम संस्कार के लिए जगह बनानी पड़ी। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में जल्द से जल्द पक्के सार्वजनिक अंत्येष्टि स्थल के निर्माण की मांग की है।