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Shamli News: अंकित हत्याकांड ने खोला गैंगों का डिजिटल जाल, सोशल मीडिया से वेस्ट यूपी में बिछाया जा रहा नेटवर्क
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- लॉरेंस, गोगी और काला जठेड़ी गैंग के अकाउंट खंगाल रही पुलिस, शामली समेत कई जिलों के युवाओं को जोड़ने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के बाद पुलिस की जांच अब सोशल मीडिया के उस नेटवर्क तक पहुंच गई है, जिसके जरिए बड़े आपराधिक गिरोह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस को सोशल मीडिया अकाउंट की पड़ताल में लॉरेंस बिश्नोई, गोगी और काला जठेड़ी गैंग से जुड़े नेटवर्क को लेकर अहम जानकारी मिली है। इन अकाउंट के जरिए वेस्ट यूपी के युवाओं से संपर्क बढ़ाने और उन्हें गिरोहों से जोड़ने की गतिविधियां सामने आई है।
पुलिस को आशंका है कि हरियाणा और दिल्ली के बाद अब इन गिरोहों की नजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर है। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। शामली के अलावा बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और गाजियाबाद के युवाओं के सोशल मीडिया संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
- पोस्ट और वीडियो से युवाओं को लुभाने की कोशिश
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गैंग से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट पर आपराधिक गतिविधियों और गैंग के सदस्यों की छवि को इस तरह पेश किया जा रहा है, जिससे युवा प्रभावित हों। इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क बढ़ाकर उन्हें नेटवर्क में शामिल करने की आशंका है।
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पुलिस अब ऐसे अकाउंट की सूची तैयार कर रही है, जिनसे पश्चिमी यूपी के युवाओं का लगातार संपर्क सामने आया है। मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया चैट और संदिग्धों के संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
-- अंकित की हत्या में भी सोशल मीडिया कनेक्शन की जांच
शामली। अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग से जुड़े भोलू शाहपुरिया द्वारा सोशल मीडिया पर लिए जाने के बाद पुलिस की जांच में डिजिटल नेटवर्क अहम हो गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्याकांड के आरोपियों का इन गैंग के सोशल मीडिया अकाउंट या उनसे जुड़े लोगों से कोई संपर्क था या नहीं।
हत्या के बाद कई अकाउंट से जिम्मेदारी लेने के दावे भी सामने आए हैं। पुलिस इन पोस्ट और वीडियो की सत्यता जांचने के साथ इनके पीछे छिपे लोगों की पहचान करने में जुटी है।
- फुरकान केस की कड़ियां भी खंगाल रही जांच एजेंसी
शामली में एक लाख रुपये के इनामी फुरकान के एनकाउंटर के बाद हुई जांच में उसके गिरोह के कुछ सदस्यों के लॉरेंस गिरोह के संपर्क में होने की बात सामने आने का दावा किया गया था। अब अंकित हत्याकांड में गोगी गैंग का नाम आने के बाद पुलिस इन पुराने इनपुट और मौजूदा घटनाक्रम के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
-- हरियाणा से वेस्ट यूपी तक दबिश
शामली। अंकित हत्याकांड के आरोपियों की तलाश में शामली पुलिस के साथ हरियाणा पुलिस और एसटीएफ मेरठ की टीमें भी लगी हैं। कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया गतिविधियों को जोड़कर हत्यारोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस और जांच एजेंसियां आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। गिरोहों के नेटवर्क का पता लगाकर उसे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वेस्ट यूपी के युवाओं को लारेंस, गोगी, काला गैंग द्वारा अपने साथ जोड़ने की बात जांच में सामने आई है। युवाओं से भी अपील है कि वे सोशल मीडिया के जरिए अपराधियों के संपर्क में न आएं और किसी भी तरह के लालच में न पड़ें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के बाद पुलिस की जांच अब सोशल मीडिया के उस नेटवर्क तक पहुंच गई है, जिसके जरिए बड़े आपराधिक गिरोह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस को सोशल मीडिया अकाउंट की पड़ताल में लॉरेंस बिश्नोई, गोगी और काला जठेड़ी गैंग से जुड़े नेटवर्क को लेकर अहम जानकारी मिली है। इन अकाउंट के जरिए वेस्ट यूपी के युवाओं से संपर्क बढ़ाने और उन्हें गिरोहों से जोड़ने की गतिविधियां सामने आई है।
पुलिस को आशंका है कि हरियाणा और दिल्ली के बाद अब इन गिरोहों की नजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर है। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। शामली के अलावा बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और गाजियाबाद के युवाओं के सोशल मीडिया संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
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- पोस्ट और वीडियो से युवाओं को लुभाने की कोशिश
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गैंग से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट पर आपराधिक गतिविधियों और गैंग के सदस्यों की छवि को इस तरह पेश किया जा रहा है, जिससे युवा प्रभावित हों। इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क बढ़ाकर उन्हें नेटवर्क में शामिल करने की आशंका है।
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पुलिस अब ऐसे अकाउंट की सूची तैयार कर रही है, जिनसे पश्चिमी यूपी के युवाओं का लगातार संपर्क सामने आया है। मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया चैट और संदिग्धों के संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
शामली। अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग से जुड़े भोलू शाहपुरिया द्वारा सोशल मीडिया पर लिए जाने के बाद पुलिस की जांच में डिजिटल नेटवर्क अहम हो गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्याकांड के आरोपियों का इन गैंग के सोशल मीडिया अकाउंट या उनसे जुड़े लोगों से कोई संपर्क था या नहीं।
हत्या के बाद कई अकाउंट से जिम्मेदारी लेने के दावे भी सामने आए हैं। पुलिस इन पोस्ट और वीडियो की सत्यता जांचने के साथ इनके पीछे छिपे लोगों की पहचान करने में जुटी है।
- फुरकान केस की कड़ियां भी खंगाल रही जांच एजेंसी
शामली में एक लाख रुपये के इनामी फुरकान के एनकाउंटर के बाद हुई जांच में उसके गिरोह के कुछ सदस्यों के लॉरेंस गिरोह के संपर्क में होने की बात सामने आने का दावा किया गया था। अब अंकित हत्याकांड में गोगी गैंग का नाम आने के बाद पुलिस इन पुराने इनपुट और मौजूदा घटनाक्रम के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
शामली। अंकित हत्याकांड के आरोपियों की तलाश में शामली पुलिस के साथ हरियाणा पुलिस और एसटीएफ मेरठ की टीमें भी लगी हैं। कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया गतिविधियों को जोड़कर हत्यारोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस और जांच एजेंसियां आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। गिरोहों के नेटवर्क का पता लगाकर उसे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वेस्ट यूपी के युवाओं को लारेंस, गोगी, काला गैंग द्वारा अपने साथ जोड़ने की बात जांच में सामने आई है। युवाओं से भी अपील है कि वे सोशल मीडिया के जरिए अपराधियों के संपर्क में न आएं और किसी भी तरह के लालच में न पड़ें।