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डीसीआरबी के साथ ही डीआईजी आफिस में होगा बदमाशों का रिकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jan 2016 09:29 PM IST
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गोरखपुर। बदमाशों को पकड़ने के बाद एसओ उनकी फोटो के साथ ही आपराधिक रिकार्ड का विवरण डीआईजी ऑफिस और डीसीआरबी भी भेजेंगे। बदमाशों पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ ही जिले स्तर से इनकी प्रभावी मॉनीटरिंग करने के लिए नई व्यवस्था शुरू कराई गई है। डीआईजी ने रेंज के सभी पुलिस कप्तान को पत्र लिख निर्देश का पालन शुरू कराने को कहा है।
लूट, चोरी, चेन स्नेचिंग, वाहन चोरी की बढ़ती घटना पर अकुंश लगाने के लिए डीआईजी ने बदमाशों की मॉनीटरिंग के लिए नई व्यवस्था शुरू कराई है। वारदात में शामिल बदमाशों के पकड़े जाने के बाद फोटो सहित डोजियर बनाकर थानेदार डीआईजी आफिस के साथ ही डीसीआरबी भेजेंगे। थानेवार सभी बदमाशों की सूची और फाइल इकट्ठा कर इनकी प्रभावी तरीके से अधिकारी मॉनीटरिंग कराएंगे।
घूमकर छोटी वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की प्रभावी निगरानी न हो पाने के कारण चोरी, चेन स्नेचिंग की घटना लगातार होने के कारण यह व्यवस्था शुरू कराई गई है। वारदात के बाद पुलिस पीड़ित को क्राइम ब्रांच भेजकर फोटो से बदमाशों की पहचान कराने का प्रयास करेगी। डोजियर में बदमाशों के परिवार और रिश्तेदार भी रखे जाएंगे ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे भी पूछताछ की जा सके।
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डीआईजी शिवसागर सिंह ने बताया कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की गई है। छोटे अपराध में शामिल बदमाशों का डोजियर बनने के बाद हल्का दरोगा, बीट सिपाही को उनके नियमित मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी जाएगी। जिले से बाहर के जो बदमाश होंगे उनकी निगरानी खुद करेंगे।
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लूट, चोरी, चेन स्नेचिंग, वाहन चोरी की बढ़ती घटना पर अकुंश लगाने के लिए डीआईजी ने बदमाशों की मॉनीटरिंग के लिए नई व्यवस्था शुरू कराई है। वारदात में शामिल बदमाशों के पकड़े जाने के बाद फोटो सहित डोजियर बनाकर थानेदार डीआईजी आफिस के साथ ही डीसीआरबी भेजेंगे। थानेवार सभी बदमाशों की सूची और फाइल इकट्ठा कर इनकी प्रभावी तरीके से अधिकारी मॉनीटरिंग कराएंगे।
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घूमकर छोटी वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की प्रभावी निगरानी न हो पाने के कारण चोरी, चेन स्नेचिंग की घटना लगातार होने के कारण यह व्यवस्था शुरू कराई गई है। वारदात के बाद पुलिस पीड़ित को क्राइम ब्रांच भेजकर फोटो से बदमाशों की पहचान कराने का प्रयास करेगी। डोजियर में बदमाशों के परिवार और रिश्तेदार भी रखे जाएंगे ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे भी पूछताछ की जा सके।
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डीआईजी शिवसागर सिंह ने बताया कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की गई है। छोटे अपराध में शामिल बदमाशों का डोजियर बनने के बाद हल्का दरोगा, बीट सिपाही को उनके नियमित मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी जाएगी। जिले से बाहर के जो बदमाश होंगे उनकी निगरानी खुद करेंगे।