प्रधान प्रत्याशी पर मारपीट का आरोप
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अगया गांव में वोट मांगने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। जिसमें दो लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। पुलिस का लाल चेतावनी कार्ड भी बेअसर रहा। क्योंकि मामले में पूर्व प्रधान, प्रधान प्रत्याशी पर भी पुलिस की चेतावनी को नजर अंदाज करते हुए मारपीट की घटना में शामिल होने का आरोप है।
दोनों तरफ से चार लोगों को शांतिभंग में चालान करके पुलिस ने मामले का अल्पीकरण कर दिया। चुनाव को लेकर गांव में चार बार मारपीट हो चुकी है। जिला पंचायत चुनाव में मतदान के दिन भी बूथ पर मारपीट हो चुकी है। ऐसे में कोतवाली पुलिस की लापरवाही बड़ी घटना को दावत दे सकती है।
कोतवाली, अगया निवासी हरिदत्त तिवारी का आरोप है कि उनका भतीजा सतीश दरवाजे पर था। सुबह नौ बजे पूर्व प्रधान, प्रत्याशी विजय बहादुर गुप्ता समर्थकों के साथ पहुंचे और भतीजे को जुलूस में चलने को कहा। इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विजय बहादुर गुप्ता ने समर्थकों के साथ सतीश की पिटाई शुरू कर दी। किसी ने कट्टा निकाल कर फायरिंग का प्रयास किया।
विवाद की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और विजय बहादुर गुप्ता, अजय गुप्ता और दूसरे पक्ष से हरिदत्त तिवारी और सतीश को हिरासत में ले लिया। प्रत्याशी विजय बहादुर ने सभी आरोपी से इंकार करते हुए दूसरे पक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया है।
पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है, क्योंकि पिछले सप्ताह भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। पुलिस ने एक तरफ से एनसीआर दर्ज कर लिया लेकिन दूसरे तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की। मारपीट के मामले में पीड़ित कमलेश ने मेडिकल कराकर थाने में तहरीर दे रखी है।
आरोप है कि प्रभावशाली लोगों की जद में आकर पुलिस एक तरफा कार्रवाई कर रही है। कोतवाल गोपाल त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्याशी विजय बहादुर गुप्ता को लाल कार्ड जारी किया गया था। इसके बाद भी उन्होंने मारपीट की। बाबजूद इसके आरोपियों को पुलिस शांतिभंग की धाराओं में चालान कर दिया।