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बनकर तैयार हुआ विद्युुत उपकेंद्र
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:27 PM IST
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बरहज। जयनगर स्थित तहसील परिसर में करीब पांच करोड़ की लागत से 33/11 केवीए का बनकर तैयार विद्युत सब-स्टेशन से तहसील परिसर और नगर को आपूर्ति दी जाएगी। आपूर्ति बहाल किए जाने को लेकर विभाग ने शुक्रवार की रात करीब आठ बजे ट्रायल किया। मातहतों की मानें तो 10 दिन बाद से आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
राजकीय निर्माण विभाग ने दिसंबर 2014 में तहसील परिसर में करीब एक एकड़ भूमि पर पांच करोड़ की लागत से पांच एमवीए क्षमता का विद्युत सब-स्टेशन की नींव रखी, जिसे अक्टूबर 2016 में बनकर तैयार होना था। विभागीय कर्मियों का कहना है कि निर्माण कार्य हेतु राजकीय निर्माण विभाग ने एक कंपनी को दिया था। पॉवर हाउस के ट्रायल होने से नगर के लोगों लो-वोल्टेज और ओवरलोडिंग के फाल्ट से निजात मिलने की आस जगी है। इस संबंध में एसडीओ शिवमनाथ तिवारी ने बताया कि सब-स्टेशन जल्द ही विभाग को हैैंडओवर होने के बाद आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
तकनीकी दिक्कतों से हुआ विलंब
बरहज। तहसील परिसर में बनकर तैयार विद्युत सब-स्टेशन के चालू होने में हुई देरी की वजह से मातहत 33 हजार केवीए की मेन लाइन के रूट में आई दिक्कत को बता रहे हैं। सेकेंडरी वर्क गोरखपुर के सब डिविजनल ऑफिसर जितेन्द्र नाथ ने बताया कि विद्युत सब-स्टेशन को देवरिया की मेन लाइन से जोड़े जाने पर फुलवरिया, देवरिया-बेलडांड़ मोड़ पर विद्युत पोल लगाए जाने के दरम्यान विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके कारण समस्या हुई थी लेकिन मई 2017 में लाइन क्लियर करा दिया गया। उन्होंने बताया कि दस दिनों तक बिना ओवरलोड के ट्रायल तौर पर आपूर्ति पूरी कर लिए जाने के बाद विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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राजकीय निर्माण विभाग ने दिसंबर 2014 में तहसील परिसर में करीब एक एकड़ भूमि पर पांच करोड़ की लागत से पांच एमवीए क्षमता का विद्युत सब-स्टेशन की नींव रखी, जिसे अक्टूबर 2016 में बनकर तैयार होना था। विभागीय कर्मियों का कहना है कि निर्माण कार्य हेतु राजकीय निर्माण विभाग ने एक कंपनी को दिया था। पॉवर हाउस के ट्रायल होने से नगर के लोगों लो-वोल्टेज और ओवरलोडिंग के फाल्ट से निजात मिलने की आस जगी है। इस संबंध में एसडीओ शिवमनाथ तिवारी ने बताया कि सब-स्टेशन जल्द ही विभाग को हैैंडओवर होने के बाद आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
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तकनीकी दिक्कतों से हुआ विलंब
बरहज। तहसील परिसर में बनकर तैयार विद्युत सब-स्टेशन के चालू होने में हुई देरी की वजह से मातहत 33 हजार केवीए की मेन लाइन के रूट में आई दिक्कत को बता रहे हैं। सेकेंडरी वर्क गोरखपुर के सब डिविजनल ऑफिसर जितेन्द्र नाथ ने बताया कि विद्युत सब-स्टेशन को देवरिया की मेन लाइन से जोड़े जाने पर फुलवरिया, देवरिया-बेलडांड़ मोड़ पर विद्युत पोल लगाए जाने के दरम्यान विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके कारण समस्या हुई थी लेकिन मई 2017 में लाइन क्लियर करा दिया गया। उन्होंने बताया कि दस दिनों तक बिना ओवरलोड के ट्रायल तौर पर आपूर्ति पूरी कर लिए जाने के बाद विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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