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नवजात बालिका की मौत परिजनों ने शुरू किया हंगामा
Updated Fri, 23 Nov 2018 11:43 PM IST
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सिकंदरपुर। थाना क्षेत्र के कस्बा में बिना रजिस्ट्रेशन के चलाए जा रहे निजी अस्पताल में शुक्रवार की सुबह नवजात बालिका की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और कार्रवाई का भरोसा दिया। जबकि स्वास्थ्य विभाग घटना के बाद भी आंख बंद करके बैठा रहा, जिससे लोगों में रोष रहा।
बताया जाता है कि कस्बे में स्थित एक मैटरनिटी अस्पताल एवं चाइल्ड केयर सेंटर में थाना क्षेत्र के कुंडीडीह गांव निवासी हरिश्चंद्र की पत्नी को परिजनों ने 19 नवंबर को प्रसव के लिए भर्ती कराया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने शुल्क लेकर ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद बच्चे को आईसीयू में रख दिया गया और अस्पताल कर्मियों द्वारा बताया गया कि बच्चा ठीक है लेकिन परिजनों का आरोप है कि बच्चे की हालत ठीक नहीं थी। जबकि यह कहा जाता रहा कि जल्दी ठीक हो जाएगा। इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह पांच बजे बच्ची की मौत हो गई और वहां मौजूद चिकित्सक से पूछने पर कहने लगे कि ले जाओ मर गई तो हम क्या करें। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। वहीं, हंगामा देख निजी अस्पताल के डॉक्टर भाग गए। घटना की जानकारी होते ही एसओ एसी तिवारी पहुंचे और लोगों को शांत कराया। इस बाबत नर्सिंग होम की संचालिका डा. रश्मि राय ने बताया कि इसे आशा बहू लेकर आई थी और अस्पताल में ही ऑपरेशन हुआ था। बच्ची हुई थी। माइनर इंफेक्शन की वजह से बच्ची की मौत हो गई। वहीं, परिजनों ने पुलिस को प्राथमिकी देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बताया जाता है कि कस्बे में स्थित एक मैटरनिटी अस्पताल एवं चाइल्ड केयर सेंटर में थाना क्षेत्र के कुंडीडीह गांव निवासी हरिश्चंद्र की पत्नी को परिजनों ने 19 नवंबर को प्रसव के लिए भर्ती कराया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने शुल्क लेकर ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद बच्चे को आईसीयू में रख दिया गया और अस्पताल कर्मियों द्वारा बताया गया कि बच्चा ठीक है लेकिन परिजनों का आरोप है कि बच्चे की हालत ठीक नहीं थी। जबकि यह कहा जाता रहा कि जल्दी ठीक हो जाएगा। इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह पांच बजे बच्ची की मौत हो गई और वहां मौजूद चिकित्सक से पूछने पर कहने लगे कि ले जाओ मर गई तो हम क्या करें। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। वहीं, हंगामा देख निजी अस्पताल के डॉक्टर भाग गए। घटना की जानकारी होते ही एसओ एसी तिवारी पहुंचे और लोगों को शांत कराया। इस बाबत नर्सिंग होम की संचालिका डा. रश्मि राय ने बताया कि इसे आशा बहू लेकर आई थी और अस्पताल में ही ऑपरेशन हुआ था। बच्ची हुई थी। माइनर इंफेक्शन की वजह से बच्ची की मौत हो गई। वहीं, परिजनों ने पुलिस को प्राथमिकी देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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