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जाली नोटों के एजेंटों पर नहीं कस रहा शिकंजा
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बलिया। जनपद में पुलिस ने जाली नोटों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर भले ही पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि जाली नोटों के गिरोह के सदस्य या एजेंट अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उन तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। बिहार और झारखंड के जाली नोट के सौदागरों के तार जिले से जुड़े हुए हैं, जो जनपद में आकर एजेंटों के जरिये जाली नोटों को खपाने का कार्य करते हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस को अभी सिर्फ एक लाख के ही जाली नोट मिले हैं, लेकिन आशंका यह भी जताई जा रही है कि जाली नोटों की बड़ी खेप जनपद में पहुंच चुकी है।
केंद्र सरकार भले ही भ्रष्टाचार व जाली नोटों के प्रचलन को रोकने के लिए नोटबंदी की हो, लेकिन यह गोरखधंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। नगर के बहादुरपुर पुलिया के पास से चार जनवरी की रात कोतवाली एवं स्वाट टीम की संयुक्त टीम द्वारा एक लाख रुपये जाली नोट के साथ पकड़े गए तीन अभियुक्त हैं। पकड़े गए सभी आरोपी बिहार प्रांत के सारण जिला के रिविलगंज थाना के बस्ती टोला निवासी अमित कुमार सिंह, इसी थाने के मुुबारकपुर निवासी श्रवण कुमार शाह व सारण जिले के भगवाना बाजार के ब्रह्मपुर निवासी अदालत राय है। जिन्हें पुलिस ने शनिवार को संबंधित धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया था। पकड़े गए अभियुक्त जाली नोटों को बिहार से लाते थे और बलिया के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 500 रुपये को 400 रुपये में, 200 रुपये को 150 रुपये में व 100 रुपये को 80 रुपये में ले-देकर बदल कर लाभ प्राप्त करते थे। सूत्रों की माने तो बिहार और झारखंड के जाली नोट के सौदागरों के तार जिले के कुछ लोगों से जुड़े हुए हैं, जो एजेंटों के जरिये जाली नोटों को खपाने में मदद करते हैं। इनका गिरोह जिले में व्यापक स्तर पर सक्रिय है। उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि जाली नोटों की खेप जनपद में व्यापक स्तर पहुंचा होगा। जिसे एजेंटों के माध्यम से बाजार में चलाया जा रहा है। अगर पुलिस जांच करे तो और भी बड़े मात्रा में जाली नोट व तस्कर पकड़े जा सकते हैं। इस बाबत एएसपी विजय पाल सिंह ने बताया कि जाली नोटों को बाजार में किसी भी सूरत में चलने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए धर-पकड़ चलती रहेगी।
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केंद्र सरकार भले ही भ्रष्टाचार व जाली नोटों के प्रचलन को रोकने के लिए नोटबंदी की हो, लेकिन यह गोरखधंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। नगर के बहादुरपुर पुलिया के पास से चार जनवरी की रात कोतवाली एवं स्वाट टीम की संयुक्त टीम द्वारा एक लाख रुपये जाली नोट के साथ पकड़े गए तीन अभियुक्त हैं। पकड़े गए सभी आरोपी बिहार प्रांत के सारण जिला के रिविलगंज थाना के बस्ती टोला निवासी अमित कुमार सिंह, इसी थाने के मुुबारकपुर निवासी श्रवण कुमार शाह व सारण जिले के भगवाना बाजार के ब्रह्मपुर निवासी अदालत राय है। जिन्हें पुलिस ने शनिवार को संबंधित धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया था। पकड़े गए अभियुक्त जाली नोटों को बिहार से लाते थे और बलिया के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 500 रुपये को 400 रुपये में, 200 रुपये को 150 रुपये में व 100 रुपये को 80 रुपये में ले-देकर बदल कर लाभ प्राप्त करते थे। सूत्रों की माने तो बिहार और झारखंड के जाली नोट के सौदागरों के तार जिले के कुछ लोगों से जुड़े हुए हैं, जो एजेंटों के जरिये जाली नोटों को खपाने में मदद करते हैं। इनका गिरोह जिले में व्यापक स्तर पर सक्रिय है। उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि जाली नोटों की खेप जनपद में व्यापक स्तर पहुंचा होगा। जिसे एजेंटों के माध्यम से बाजार में चलाया जा रहा है। अगर पुलिस जांच करे तो और भी बड़े मात्रा में जाली नोट व तस्कर पकड़े जा सकते हैं। इस बाबत एएसपी विजय पाल सिंह ने बताया कि जाली नोटों को बाजार में किसी भी सूरत में चलने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए धर-पकड़ चलती रहेगी।
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