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86 गैंग लीडरों की सूची तैयार, छिड़ेगा अभियान
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आजमगढ़। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ रही, वैसे-वैसे पुलिस की कार्रवाई भी तेज हो गई है। चुनाव में खलल डालने की आशंका से पुलिस ने आजमगढ़, बलिया और मऊ के 86 ऐसे बदमाशों की सूची तैयार की है, जिनके इशारे पर उनके गिरोह के 210 से अधिक सदस्य घटनाओं को अंजाम देकर कोहराम मचाते हैं। पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मुखबिरों, एलआईयू और आईबी की मदद ले रही। डीआईजी ने पुलिस को गैंग लीडर और गुर्गों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। अपराध जगत से राजनीति में प्रवेश करने वालों पर भी सर्विलांस सेल की मदद से क्राइम ब्रांच और एसटीएफ निगाह रख रही हैं। चिह्नित किए गए गैंग लीडरों में आजमगढ़ जिले के 36, मऊ के 21 और बलिया के 29 बदमाश व इनके 210 से अधिक गुर्गे शामिल हैं। डीआईजी कार्यालय से प्राप्त सूची के मुताबिक जिन 86 गैंग लीडरों को टारगेट किया जा रहा, उनमें दो लाख रुपये का इनामी बलिया जिले के हल्दी थाने के चैन छपरा गांव निवासी कौशल चौबे और उसके गिरोह के 23 सदस्य, बिलरियागंज थाना क्षेत्र के शहाबुद्दीनपुर गांव निवासी शराब माफिया प्रदीप यादव और उसके गिरोह के 22 सदस्य शामिल हैं। वहीं, मऊ जिले के सरायलखंसी थाने के कैथवली गांव निवासी रमेश सिंह काका और उसके गिरोह के 19 सदस्य, निजामाबाद कस्बा निवासी सचिन पांडेय व उसके गिरोह के 10 सदस्य, मऊ जिले के सरायलखंसी थाने के हसनपुर गांव निवासी प्रदीप यादव, दोहरीघाट थाने के ललितपुर लुदुही गांव निवासी सुनील यादव व उसके गिरोह के दस सदस्य हिट लिस्ट में हैं। पुलिस की सूची में कई ऐसे भी नाम शामिल है, जिनसे कभी पूर्वांचल में दहशत थी। इन्होंने राजनीति में भी अपनी पैठ बना ली है और घटनाओं को अंजाम देने वालों को शरण देकर उन्हें बचाने का काम कर रहे हैं।
जब्त की जाएंगी अवैध संपत्तियां
गैंग लीडरों की गिरफ्तारी के अलावा इनकी बेनामी संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। उनके द्वारा अपराध जगह में उतरने से लेकर अब तक अर्जित की गईं संपतियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा। इसके लिए स्थानीय पुलिस और राजस्व कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं।
अपराधी से नेता बनने वालों पर भी नजर
आजमगढ़। चिन्हित मंडल के 86 गैंग लीडरों में कई लोग अपराधी से अब नेता बन गए हैं। ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सर्विलांस सेल, एलआईयू और आईबी को लगाया गया है। खुफिया विभाग के लोग नेता बनने वाले अपराधियों के दैनिक दिनचर्या से लेकर अन्य तरह की जानकारियां जुटाकर उच्चाधिकारियों से अवगत करा रहे हैं। खुफिया विभाग से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस सहित अन्य एजेंसियां प्रमुखता से काम कर रही हैं।
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मंडल के तीनों जिलों के 86 गैंग लीडर और उनके गिरोह के सदस्यों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। सर्विलांस सेल, एलआईयू, आईबी की मदद से क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीमें अपना काम कर रही। - मनोज कुमार तिवारी, डीआईजी, आजमगढ़ परिक्षेत्र
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जब्त की जाएंगी अवैध संपत्तियां
गैंग लीडरों की गिरफ्तारी के अलावा इनकी बेनामी संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। उनके द्वारा अपराध जगह में उतरने से लेकर अब तक अर्जित की गईं संपतियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा। इसके लिए स्थानीय पुलिस और राजस्व कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं।
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अपराधी से नेता बनने वालों पर भी नजर
आजमगढ़। चिन्हित मंडल के 86 गैंग लीडरों में कई लोग अपराधी से अब नेता बन गए हैं। ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सर्विलांस सेल, एलआईयू और आईबी को लगाया गया है। खुफिया विभाग के लोग नेता बनने वाले अपराधियों के दैनिक दिनचर्या से लेकर अन्य तरह की जानकारियां जुटाकर उच्चाधिकारियों से अवगत करा रहे हैं। खुफिया विभाग से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस सहित अन्य एजेंसियां प्रमुखता से काम कर रही हैं।
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मंडल के तीनों जिलों के 86 गैंग लीडर और उनके गिरोह के सदस्यों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। सर्विलांस सेल, एलआईयू, आईबी की मदद से क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीमें अपना काम कर रही। - मनोज कुमार तिवारी, डीआईजी, आजमगढ़ परिक्षेत्र