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मिलिभगत कर ग्रामीणों के नाम से ऋण निकाला, लाखों हड़पे
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:52 PM IST
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आजमगढ़। सगड़ी तहसील के मुहम्मदपुर के सैकड़ों ग्रामीणों के नाम पर बिचौलियों ने लाखों का ऋण निकाल लिया। पहले तो ऋण लेने वाले इसकी कुछ किस्तें बैंक में जमा की। इस दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों पर बैंक की ओर से किस्तें जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट पहुंच बिचौलियों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। एडीएम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नवंबर 2017 में तहसील क्षेत्र के एक गांव के परिवार ने 10 ग्रामीणों का समूह बनाकर बैंक से लोन दिलाने की बात कर उनके कागज बनवाए। इस दौरान उनसे धोखे से सभी ग्रामीणों के नाम पर 30 लाख रुपये तक का लोन निकाल लिया। सारे पैसे खुद रख लिए। पहले तो कुछ माह तक उसने बैंकों की किस्त भी जमा की। इसके बाद उसकी मौत हो गई। अब बैंक की ओर से लोन की किस्त जमा करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। चार फाइनेंस कंपनियों के नाम पर ये खेल खेला गया है। ग्रामीणों का आरोप था कि लोन के लिए आरोपी की इन फाइनेंस कंपंनियों की मिलीभगत थी। ग्रामीणों ने एडीएम प्रशासन को पूरी सूची सौंपकर मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रदर्शनकारियों में उषा, सीमा, बादशाह, भारती, भीम दास, कुंती, रूबी, नंनदलाल, प्रेमलता, लालती, पूजा चौबे आदि मौजूद रहीं।
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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नवंबर 2017 में तहसील क्षेत्र के एक गांव के परिवार ने 10 ग्रामीणों का समूह बनाकर बैंक से लोन दिलाने की बात कर उनके कागज बनवाए। इस दौरान उनसे धोखे से सभी ग्रामीणों के नाम पर 30 लाख रुपये तक का लोन निकाल लिया। सारे पैसे खुद रख लिए। पहले तो कुछ माह तक उसने बैंकों की किस्त भी जमा की। इसके बाद उसकी मौत हो गई। अब बैंक की ओर से लोन की किस्त जमा करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। चार फाइनेंस कंपनियों के नाम पर ये खेल खेला गया है। ग्रामीणों का आरोप था कि लोन के लिए आरोपी की इन फाइनेंस कंपंनियों की मिलीभगत थी। ग्रामीणों ने एडीएम प्रशासन को पूरी सूची सौंपकर मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रदर्शनकारियों में उषा, सीमा, बादशाह, भारती, भीम दास, कुंती, रूबी, नंनदलाल, प्रेमलता, लालती, पूजा चौबे आदि मौजूद रहीं।
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