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पिता की फटकार पर आठवीं के छात्र ने दी जान

Sun, 31 Jan 2016 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद Updated Sun, 31 Jan 2016 01:37 AM IST
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Father's reprimand was the eighth student life

पिता ने पढ़ाई में मन लगाने के लिए कहकर मोबाइल छीना तो तैश में आकर आठवीं कक्षा के छात्र अनुराग शर्मा ने मौत गले लगा ली। शनिवार शाम चक मुंडेरा में इस छात्र ने पिता की फटकार के बाद घर के भीतर फांसी लगा ली। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। महज 14 साल के बालक की आत्महत्या से इलाके के लोग भी सकते में रह गए। खबर पाकर पहुंची धूमनगंज थाने की फोर्स ने शव कब्जे में लिया।

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धूमनगंज के चक मुंडेरा में रहने वाले डॉ. विनोद कुमार शर्मा होम्योपैथी के डॉक्टर हैं। उन्होंने घर के निकट क्लीनिक खोल रखी है। उनके दो बेटे और एक पुत्री हैं। उनमें अनुराग (14) सबसे छोटा था। वह स्थानीय सेंट विष्णा स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र था। अगले महीने परीक्षा होनी थी इसलिए मां-बाप उसे बार-बार पढ़ाई में ध्यान लगाने के लिए कहते थे। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे भी पिता डॉ.विनोद शर्मा ने अनुराग को मोबाइल पर व्यस्त देखा तो नाराज हो गए। उन्होंने अनुराग के हाथ से मोबाइल फोन और बाइक की चाभी छीनी और पढ़ाई करने के लिए कहकर क्लीनिक चले गए। अनुराग गुस्से में छत पर चला गया। 

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कुछ देर बाद डॉक्टर की पत्नी छत पर बने टीनशेड़ के कमरे में गई तो वहां अनुराग को फांसी पर लटका देख उनका दिल बैठ गया। वह चीखते हुए बाहर निकलीं। मुहल्ले वाले जुट गए। खबर पाकर डॉ.विनोद भी घर पहुंच गए। अनुराग टीनशेड के पाइप में कुत्ते की चेन बांधकर फांसी पर लटक गया था। उसे फौरन फंदे से उतारा गया लेकिन उसकी सांस थम चुकी थी। मां रोने-चीखने लगीं तो पिता डॉ.विनोद भी फफककर रोने लगे। आसपास के लोग माता-पिता को संभालने में जुट गए। 

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धूमनगंज थाने की पुलिस भी आ गई। पिता डॉ.विनोद ने ही रोते हुए लोगों और पुलिस को बताया कि उन्होंने अनुराग को पढ़ाई करने के लिए डांटकर मोबाइल फोन और बाइक की चाभी छीन ली थी। चौकी प्रभारी ट्रांसपोर्ट नगर राकेश तिवारी ने बताया कि परीक्षा के चलते बच्चे को सिर्फ पढ़ने के लिए डांटना ही इस बेहद दुखद घटना का कारण बन गया।


अनुराग को उसकी मां ने पालतू डॉगी के साथ खेलने पर भी डांटा था। मोबाइल से फुरसत मिलने पर वह डॉगी के साथ खेलने में जुट जाता था। ऐसे में वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहा था। पिता से पहले मां ने भी अनुराग से नाराजगी जताई थी कि वह कुत्ते के साथ ज्यादा समय न खराब करे और किताब लेकर बैठ जाए। शायद यही वजह है कि अनुराग ने गुस्से में डॉगी की चेन से ही फांसी लगा ली थी।

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