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प्रवक्ता ने खुद को गोली से उड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 17 Feb 2016 11:32 PM IST
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गंगापार में सोरांव के मेवालाल अयोध्या प्रसाद इंटर कॉलेज में प्रवक्ता राजेश कुमार सिंह (40) ने बुधवार शाम खुद की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार ली। परिजन लहूलुहान शिक्षक को लेकर निजी अस्पताल भागे। जहां डॉक्टरों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर शिवकुटी पुलिस पहुंची। बताया जाता है कि कुछ महीने से शिक्षक डिप्रेशन के शिकार थे। उनका इलाज चल रहा था। वह छोटी-छोटी बात पर गुस्से में आ जाते थे।
मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले राजेश कुमार सिंह गोविंदपुर एलआईजी कॉलोनी में राणा प्रताप सिंह के यहां किराए पर रहते थे। उनकी पत्नी स्वाति सोरांव के सराय बाहर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। वह शाम लगभग पांच बजे घर पहुंचे। किसी बात को लेकर तनाव में थे। पत्नी ने पूछ लिया तो वह नाराज हो गए और खुद की लाइसेंसी पिस्टल कनपटी पर सटाकर गोली मार ली। गोली बाईं कनपटी की ओर से पार हो गई। गोली लगते ही वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। पति को इस हाल में देख पत्नी स्वाती सिंह चीख पड़ी। उन्होंने राजेश के एक दोस्त को फोन लगाया लेकिन वह कोलकाता में थे। उन्होंने दूसरे दोस्तों को फोनकर राजेश के घर भेजा।
घरवाले और दोस्त खून से लथपथ राजेश को लेकर कचहरी के पास स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर शिवकुटी पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। राजेश की मौत की खबर सुनकर शिक्षक संघ के नेता शैलेष पांडेय और अन्य साथी एसआरएन पहुंच गए। राजेश ने हॉस्टल में रहकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। इसके बाद 2005 में वह प्रवक्ता हो गए। शादी के बाद वह परिवार के साथ गोविंदपुर इलाके में किराए पर रहने लगे। उन्होंने सलोरी में मकान भी खरीदा हुआ था। राजेश दो भाइयों में बड़े थे। छोटा भाई पिता के साथ गांव में रहता है। दो बच्चे एक बेटा हर्षित प्रताप सिंह (8) और छह साल की बेटी है। राजेश की मौत से पत्नी और बच्चों का रोकर बुरा हाल है।
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मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले राजेश कुमार सिंह गोविंदपुर एलआईजी कॉलोनी में राणा प्रताप सिंह के यहां किराए पर रहते थे। उनकी पत्नी स्वाति सोरांव के सराय बाहर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। वह शाम लगभग पांच बजे घर पहुंचे। किसी बात को लेकर तनाव में थे। पत्नी ने पूछ लिया तो वह नाराज हो गए और खुद की लाइसेंसी पिस्टल कनपटी पर सटाकर गोली मार ली। गोली बाईं कनपटी की ओर से पार हो गई। गोली लगते ही वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। पति को इस हाल में देख पत्नी स्वाती सिंह चीख पड़ी। उन्होंने राजेश के एक दोस्त को फोन लगाया लेकिन वह कोलकाता में थे। उन्होंने दूसरे दोस्तों को फोनकर राजेश के घर भेजा।
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घरवाले और दोस्त खून से लथपथ राजेश को लेकर कचहरी के पास स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर शिवकुटी पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। राजेश की मौत की खबर सुनकर शिक्षक संघ के नेता शैलेष पांडेय और अन्य साथी एसआरएन पहुंच गए। राजेश ने हॉस्टल में रहकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। इसके बाद 2005 में वह प्रवक्ता हो गए। शादी के बाद वह परिवार के साथ गोविंदपुर इलाके में किराए पर रहने लगे। उन्होंने सलोरी में मकान भी खरीदा हुआ था। राजेश दो भाइयों में बड़े थे। छोटा भाई पिता के साथ गांव में रहता है। दो बच्चे एक बेटा हर्षित प्रताप सिंह (8) और छह साल की बेटी है। राजेश की मौत से पत्नी और बच्चों का रोकर बुरा हाल है।
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