शाहजहांपुर में हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर और उनकी शिवांगी ने 13 पेज के सुसाइड नोट में सिलसिलेवार आत्महत्या करने की वजह को लिखा है। उन्होंने सूदखोरों के दबाव को बताया है, साथ ही परिवार की तरफ से मिली दुश्वारियों को भी लिखा है। पूरे नोट में उनकी जिंदगी और दिक्कतों का मर्म छिपा है। सचिन ग्रोवर के अपने भाइयों से संबंध बेहतर नहीं थे। इसका खुलासा उनके सुसाइड नोट में हुआ है।
सूदखोरों व कर्ज से परेशान होकर रोजा थाना क्षेत्र की दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी में मासूम बेटे को जहर पिलाकर सचिन ग्रोवर और उनकी पत्नी ने मंगलवार रात आत्महत्या कर ली थी। सचिन की सास ने मामले में तीन सूदखोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। तीनों पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने और धमकाने का आरोप है। जांच के दौरान पुलिस को 13 पेज का सुसाइड नोट मिला है।
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दंपती का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सचिन ने सुसाइड नोट में लिखा है कि लॉकडाउन में मेरे ऊपर बैंक का कर्ज हो गया था। ससुराल का घर, जेवर सब गिरवी पड़ गया था। नीलामी की नौबत आने पर सास, ससुर, साले और पत्नी ने साथ दिया, जबकि मेरी फैमिली ने नहीं। भाई गौरव ने ऐसा प्रेशर बनाया कि घर बिक जाए। उसके पास पूरी पावर थी घर बेचने की, क्योंकि घर उसके नाम पर था। माता जी भी उन्हीं की तरफ प्रभावित थीं।
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दंपती का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सचिन ने लिखा कि कर्जा होने के बावजूद हमें घर खरीदना पड़ा। इसके लिए लोन लेना पड़ा। इसकी मासिक किस्त एक लाख 20 हजार रुपये थी। इतना ही नहीं मेरी बीवी और बच्चे को क्यूं परेशान किया, उनका कोई लेनादेना नहीं था। सब मेरी बीवी पर दबाव बना रहे थे।
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आरोपी विक्की बग्गा, देवांश खन्ना और शैंकी आनंद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शैकी आनंद का मेरी मौत में सबसे बड़ा हाथ
सुसाइड नोट में लिखा है कि शैकी आनंद जो मेरा दोस्त है, मेरी मौत और मेरे परिवार की मौत में उसका सबसे बड़ा हाथ है। मैं उससे ब्याज पर पैसा लेता था। 30 प्रतिशत महीने तक पे करता था। तीन गुना रुपया देने के बाद भी जब रियायत नहीं की तो मैं परेशान होता था। इस पर वह और कर्ज अपने दोस्तों से दिलवा देता था। बाद में वही प्रेशर बनाकर निकलवा भी लेता था। मेरी मजबूरी का फायदा बहुत आसानी से उठा रहा था। मेरे शैंकी से अच्छे संबंध थे। मुझे ऐसा कभी नहीं लगा कि ये मेरे पीछे सबको भड़काता है। मैंने सबके रुपये वापस किए, बावजूद इसके सबको भड़काया।
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पत्नी के साथ कारोबारी का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुसाइड नोट में लिखा है कि आर्थिक कमाई बढ़ाने के लिए मैं हरियाणा से शराब लाकर बेचता था, जिसका रुपया ये फाइनेंस करते थे। उन्होंने मुझसे से खूब रुपया कमाया। मेरी गलती पकड़े जाने पर मैंने दो महीने का समय मांगा तो मुझे मारते थे और परिवार को फंसाने की धमकी देते थे। मेरे रिश्तेदार, मेरी सास को फंसाने की धमकी दे रहे थे। दिल का दौरा पड़ने के बावजूद शैंकी ने समय नहीं दिया।