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Shahjahanpur News: कागजों में चमका शहर, जमीन पर विकास ताक रही जनता

Sat, 19 Sep 2026 01:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 01:16 AM IST
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The city shines on paper, while the public waits for development on the ground.
नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर। संवाद
शाहजहांपुर। नगर निगम बोर्ड की बैठकों में शहर के विकास और जनसुविधाओं से जुड़े प्रस्ताव लगातार पारित किए जा रहे हैं, लेकिन इनमें से कई प्रस्ताव धरातल पर उतरने का अब भी इंतजार कर रहे हैं। नतीजा यह है कि विकास कार्यों में देरी का खामियाजा पार्षदों के साथ आम जनता को भी भुगतना पड़ रहा है। सात फरवरी को सीवर लाइन डालने से क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति के करीब आठ माह बाद भी 108 सड़कों में से करीब 15 सीसी मार्गों का ही निर्माण पूरा हो सका है।
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सात फरवरी 2026 को हुई बोर्ड बैठक में बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, बंदरों को पकड़ने, लू से बचाव के लिए टिनशेड और वाटर कूलर लगाने, जाम से निजात के लिए अतिक्रमण हटाने, नालियों से अतिक्रमण हटाकर सड़कों के चौड़ीकरण और स्वच्छता समेत कई प्रस्ताव रखे गए थे। पार्षदों ने भी करीब 15 प्रमुख प्रस्ताव दिए थे। इसके बाद 25 अप्रैल की बोर्ड बैठक में करोड़ों रुपये के कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
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वहीं, सीवर लाइन डालने से खराब हुई 108 सड़कों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने के बावजूद काम की गति धीमी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बजट जारी नहीं होने से कई सड़कें निर्माण की राह देख रही हैं।
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गर्मी बीती, नहीं लगे वाटर कूलर

लू से बचाव के लिए सभी वार्डों में टिनशेड और वाटर कूलर लगाने तथा खराब हैंडपंपों को रिबोर कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था। अब जबकि गर्मी समाप्ति की ओर है कई जगह वाटर कूलर नहीं लग पाए हैं। वाटर कूलर लगाने की टेंडर प्रक्रिया तक पूरी नहीं हो सकी है।
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अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव भी बेअसर

शहर में जाम और जलभराव की समस्या को देखते हुए नालियों और सड़कों से अतिक्रमण हटाने के प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में रखे गए थे। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के स्तर से भी इस संबंध में निर्देश दिए गए, लेकिन कई स्थानों पर नालियों के ऊपर अतिक्रमण बना हुआ है। बारिश के दौरान यही अतिक्रमण जलनिकासी में बाधा बनती है।
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फॉगिंग मशीन और पेंटिंग का काम भी सवालों में

18 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में प्रतिवर्ष पार्षदों के विवेकाधिकार के अनुसार जनहित के कार्य कराने का निर्णय किया गया था। इसके अलावा 20 लाख रुपये की बड़ी फॉगिंग मशीन खरीदने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। ये प्रस्ताव भी अब तक लंबित हैं।

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए 20 लाख रुपये से पेंटिंग कराने का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसमें कुछ स्थानों पर पेंटिंग कराई गई, लेकिन पार्षदों का कहना है कि अपेक्षित स्तर पर काम नहीं हुआ। इसी प्रकार सीएम ग्रिड के कार्यों के लिए सेवानिवृत्त सहायक अभियंताओं को आउटसोर्सिंग पर रखने का प्रस्ताव भी आगे नहीं बढ़ सका।
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तीन साल में एक बार मिला 12 लाख का काम

पार्षदों को अपने क्षेत्र में नाली, सड़क और गलियों जैसे छोटे विकास कार्य कराने के लिए प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये तक के कार्य प्रस्ताव देने की स्वीकृति दी गई थी। पार्षदों के अनुसार, तीन साल में केवल एक बार ही 12 लाख रुपये के कार्य मिल सके। इसके बाद उनके प्रस्तावों पर टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसका असर यह है कि पार्षदों को अपने क्षेत्रों में छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्ट्रीट लाइट खराब होने पर उसे बदलवाने में भी उन्हें परेशानी होती है।
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पार्षदों की बात

नगर निगम बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्तावों पर अमल नहीं हो पाता। पार्षदों को जनहित के लिए प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये के कार्य दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ।
- रामबरन सिंह चंदेल, पार्षद
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बोर्ड बैठक में पार्षदों के प्रस्तावों पर चर्चा होती है और उन्हें कार्ययोजना में शामिल किया जाता है। इसके बावजूद कई कार्य समय से शुरू नहीं हो पाते हैं।

-विपिन यादव, पार्षद
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बोर्ड बैठक का उद्देश्य कार्ययोजना तैयार कर विकास कार्य कराना है। पार्षद अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर नगर निगम के चक्कर लगाते हैं, लेकिन कई बार समय से समाधान नहीं हो पाता।

- रूपेश वर्मा अन्नू, पार्षद
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बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित हो जाते हैं, लेकिन काम शुरू होने में काफी समय लग जाता है। सड़कें कई माह तक खोदी पड़ी रहती हैं। स्ट्रीट लाइट की समस्या के लिए भी पार्षदों को निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

- शिवओम सक्सेना, पार्षद
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बोर्ड बैठक में पार्षदों की सहमति से प्रस्ताव पारित किए जाते हैं। कुछ कार्यों में तकनीकी और अन्य प्रक्रियाओं के कारण देरी हो सकती है। प्रयास रहता है कि स्वीकृत कार्यों को समय से कराया जाए।


- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त

नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर। संवाद

नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर। संवाद

नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर। संवाद

नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर। संवाद

नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर। संवाद

नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर। संवाद

नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर। संवाद

नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर। संवाद

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