शाहजहांपुर में मासूम बेटे फतेह को जहर पिलाकर आत्महत्या करने वाले दंपती के मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। तीन मौतों से घर में मातम पसरा है। परिजनों के आंसू नहीं थम रहे। चार साल का फतेह पूरे परिवार का लाडला था। कभी दादी सीमा की गोद तो कभी मां शिवांगी के पास पहुंचकर दुखी चेहरों पर मुस्कान बिखेर देता था। उसकी मौत के बाद परिवार के लोग पूरी रात सो नहीं पाए। उनकी आंखों के सामने फतेह का चेहरा और उसकी खनकती आवाज गूंजती रही। सबसे ज्यादा दुखी दादी सीमा ग्रोवर हैं, जिनकी आंखें रोते हुए सूज चुकी हैं।
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पत्नी और बेटे के साथ कारोबारी का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोजा थाना क्षेत्र की दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी में स्थित दो मंजिला मकान में नीचे मां सीमा ग्रोवर और बड़ा पुत्र रोहित ग्रोवर और दूसरे फ्लोर पर सचिन ग्रोवर अपने परिवार के साथ रहते थे। सचिन का चार साल का बेटा फतेह ग्रोवर था। सचिन और रोहित में भले ही मतभेद रहते हों, पर परिवार में फतेह सबका लाडला था। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि रोहित के मकान में फतेह के कई बड़े फोटो लगे हैं।
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मासूम बेटे फतेह का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूरा परिवार उसे गोद में उठाकर दुलारता था। मंगलवार की रात हुई घटना पूरे परिवार के लिए वज्रपात से कम नहीं थी। बुधवार सुबह सचिन और उसकी पत्नी शिवांगी के शव अलग-अलग कमरों में फंदे से लटके मिले थे। मासूम फतेह का शव बेड पर पड़ा मिला था। सूदखोरों व कर्ज से परेशान सचिन ने फतेह को जहर दिया था, फिर पत्नी के साथ खुदकुशी कर ली थी।
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घटना के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दादी के नहीं थम रहे आंसू
पुलिस ने तीनों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिए। उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, लेकिन ये रात काटना पूरे परिवार के लिए काफी कष्टदायी थी। बेटे व पौत्र की याद में सीमा ग्रोवर के आंसू थम नहीं रहे थे। उन्होंने पूरी रात जागकर काटी। उनकी टकटकी जीने की तरफ लगी रही कि अभी फतेह आएगा और दादी बोलकर गले से लग जाएगा। एकाएक घटना को याद कर सीमा ग्रोवर रो पड़तीं हैं। पड़ोसियों ने बताया कि रात में कई बार उनके मकान से रोने की आवाजें आती रहीं।
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कारोबारी की पत्नी शिवांगी की बेटे के साथ फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना से फतेह के टीचर भी स्तब्ध
चार साल का फतेह जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ता था। उसकी मौत की खबर से कक्षाध्यापक से लेकर स्टाफ तक गमजदा हैं। काफी नटखट होने के चलते वह अध्यापकों का लाडला होने के चलते गोद में खेलता रहता था। फतेह को बोलने में दिक्कत आती थी। उसकी स्पीच थैरेपी होने के बाद वह थोड़ा बहुत बोलने लगा था।