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Shani Gochar 2025: साल 2025 में शनि का मीन राशि में गोचर, जानिए 12 राशियों पर क्या होगा इसका प्रभाव?
Tue, 31 Dec 2024 01:49 PM IST
ज्योति मेहरा
आनंद पाराशर
आनंद पाराशर
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Tue, 31 Dec 2024 01:49 PM IST
सार
शनि देव 29 मार्च 2025 को मीन राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव होगा। आइये जानते है कि आपकी राशि पर इसका क्या प्रभाव होगा।
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शनि गोचर का 12 राशियों पर प्रभाव
- फोटो : Amar Ujala
Shani Gochar 2025: शनि देव को ज्योतिष में न्याय का ग्रह कहा गया है। इसलिए जब भी शनि का राशि परिवर्तन होता है तो उसका एक बड़ा और व्यापक प्रभाव देखने को प्राप्त होता है। शनि देव 29 मार्च 2025 को मीन राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव होगा। आइये जानते है कि आपकी राशि पर इसका क्या प्रभाव होगा।
मेष राशि
- फोटो : अमर उजाला
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शनि दसवें और 11वें भाव के स्वामी होते हैं और अब शनि का गोचर आपके द्वादश भाव में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति के विदेश, एकांत ,अध्यात्म और व्यय का विचार किया जाता है। इस भाव में विराजमान शनि की दृष्टि आपके द्वितीय, छठे, और भाग्य स्थान पर होगी। मेष राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर कुछ प्रतिकूल परिणाम लेकर के आ सकता है। आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। आमदनी से अधिक खर्च हो सकता है। पारिवारिक वाद विवाद की संभावना बन सकती है। पैतृक संपत्ति को लेकर कुछ दिक्कत आ सकती है। अपने खर्चों को लेकर सावधान रहे। भाग्य का साथ मिलेगा। धर्म कर्म में आपकी रूचि बढ़ेगी। अपने पूर्वजों के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं।
मेष राशि के जातकों के लिए शनि दसवें और 11वें भाव के स्वामी होते हैं और अब शनि का गोचर आपके द्वादश भाव में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति के विदेश, एकांत ,अध्यात्म और व्यय का विचार किया जाता है। इस भाव में विराजमान शनि की दृष्टि आपके द्वितीय, छठे, और भाग्य स्थान पर होगी। मेष राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर कुछ प्रतिकूल परिणाम लेकर के आ सकता है। आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। आमदनी से अधिक खर्च हो सकता है। पारिवारिक वाद विवाद की संभावना बन सकती है। पैतृक संपत्ति को लेकर कुछ दिक्कत आ सकती है। अपने खर्चों को लेकर सावधान रहे। भाग्य का साथ मिलेगा। धर्म कर्म में आपकी रूचि बढ़ेगी। अपने पूर्वजों के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं।
वृषभ राशि
- फोटो : अमर उजाला
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि भाग्य स्थान और दशम भाव के स्वामी होते हैं और अब शनि का गोचर आपके लाभ स्थान में यानी की 11वें भाव में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति की इच्छा पूर्ति का विचार किया जाता है। उसके कर्मों के परिणाम का विचार किया जाता है। उसके मित्र, बंधु बांधव और मुनाफे का विचार भी किया जाता है। इस भाव में विराजमान शनि की दृष्टि आपके प्रथम भाव ,पंचम भाव, अष्टम भाव पर जाएगी। शनि का यह गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए किसी राजयोग से कम नहीं होगा। इस समय आपको अपने कर्म स्थल पर सफलताएं प्राप्त होगी। आपके रुके हुए काम पूरे होंगे। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। शेयर मार्केट, सट्टा , जुआ लॉटरी से फायदा होगा। कोई पुरानी बीमारी ठीक हो सकती है। पैतृक संपत्ति प्राप्त हो सकती है।
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि भाग्य स्थान और दशम भाव के स्वामी होते हैं और अब शनि का गोचर आपके लाभ स्थान में यानी की 11वें भाव में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति की इच्छा पूर्ति का विचार किया जाता है। उसके कर्मों के परिणाम का विचार किया जाता है। उसके मित्र, बंधु बांधव और मुनाफे का विचार भी किया जाता है। इस भाव में विराजमान शनि की दृष्टि आपके प्रथम भाव ,पंचम भाव, अष्टम भाव पर जाएगी। शनि का यह गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए किसी राजयोग से कम नहीं होगा। इस समय आपको अपने कर्म स्थल पर सफलताएं प्राप्त होगी। आपके रुके हुए काम पूरे होंगे। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। शेयर मार्केट, सट्टा , जुआ लॉटरी से फायदा होगा। कोई पुरानी बीमारी ठीक हो सकती है। पैतृक संपत्ति प्राप्त हो सकती है।
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मिथुन राशि
- फोटो : अमर उजाला
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि अष्टम और भाग्य स्थान के स्वामी होते हैं और अब शनि का गोचर आपके दशम भाव में होने जा रहा है। यह व्यक्ति के कर्म का भाव है और इस भाव में विराजमान शनि की दृष्टि आपके द्वादश भाव ,चतुर्थ भाव और सप्तम भाव पर जा रही है। शनिदेव का यह गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। आपके कार्यस्थल पर जो उचित परिणाम या अनुकूल परिणाम आपको प्राप्त नहीं हो रहे थे वह अब आपको होने लग जाएंगे। इसके अलावा आपको विदेश यात्राएं करने का मौका प्राप्त हो सकता है। आप कोई संपत्ति की खरीद कर सकते हैं। साझेदारी में कोई नया काम शुरू करना चाहते थे तो वह कर सकते हैं। हालांकि अपने पति के स्वास्थ्य का आपको ख्याल रखना होगा। शनि का यह गोचर कुल मिलाकर आपके लिए अच्छा रहेगा।
मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि अष्टम और भाग्य स्थान के स्वामी होते हैं और अब शनि का गोचर आपके दशम भाव में होने जा रहा है। यह व्यक्ति के कर्म का भाव है और इस भाव में विराजमान शनि की दृष्टि आपके द्वादश भाव ,चतुर्थ भाव और सप्तम भाव पर जा रही है। शनिदेव का यह गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। आपके कार्यस्थल पर जो उचित परिणाम या अनुकूल परिणाम आपको प्राप्त नहीं हो रहे थे वह अब आपको होने लग जाएंगे। इसके अलावा आपको विदेश यात्राएं करने का मौका प्राप्त हो सकता है। आप कोई संपत्ति की खरीद कर सकते हैं। साझेदारी में कोई नया काम शुरू करना चाहते थे तो वह कर सकते हैं। हालांकि अपने पति के स्वास्थ्य का आपको ख्याल रखना होगा। शनि का यह गोचर कुल मिलाकर आपके लिए अच्छा रहेगा।
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कर्क राशि
- फोटो : अमर उजाला
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए शनि सप्तम और अष्टम भाव के स्वामी होकर अकारक होते हैं और अब शनि का गोचर आपके नवम भाव में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति के धर्म का विचार किया जाता है। उसके पूर्वजों का विचार किया जाता है। धार्मिक यात्राओं का विचार किया जाता है। भाग्य का विचार किया जाता है। इस भाव में विराजमान शनि की दृष्टि 11वें भाव को , आपके तीसरे भाव को और आपके छठे भाव पर होगी। कर्क राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर मिला जुला रहने वाला है। अष्टम भाव के स्वामी का नवम भाव में जाने से आपको पैतृक संपत्ति को लेकर कुछ नुकसान हो सकता है। भाई बहनों के साथ विवाद होगा। हालांकि आपकी इच्छाएं पूरी होगी। आपको यात्राएं करने का मौका प्राप्त होगा। आपका कम्युनिकेशन अच्छा होगा। आपको नई नौकरी प्राप्त हो सकती है। आपकी कोई पुरानी बीमारी ठीक हो सकती है। आपके शत्रुओं से आपको मुक्ति मिलेगी।
कर्क राशि के जातकों के लिए शनि सप्तम और अष्टम भाव के स्वामी होकर अकारक होते हैं और अब शनि का गोचर आपके नवम भाव में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति के धर्म का विचार किया जाता है। उसके पूर्वजों का विचार किया जाता है। धार्मिक यात्राओं का विचार किया जाता है। भाग्य का विचार किया जाता है। इस भाव में विराजमान शनि की दृष्टि 11वें भाव को , आपके तीसरे भाव को और आपके छठे भाव पर होगी। कर्क राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर मिला जुला रहने वाला है। अष्टम भाव के स्वामी का नवम भाव में जाने से आपको पैतृक संपत्ति को लेकर कुछ नुकसान हो सकता है। भाई बहनों के साथ विवाद होगा। हालांकि आपकी इच्छाएं पूरी होगी। आपको यात्राएं करने का मौका प्राप्त होगा। आपका कम्युनिकेशन अच्छा होगा। आपको नई नौकरी प्राप्त हो सकती है। आपकी कोई पुरानी बीमारी ठीक हो सकती है। आपके शत्रुओं से आपको मुक्ति मिलेगी।