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दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग ने दिया बेटी को जन्म
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Oct 2016 01:03 AM IST
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भिवानी में करीब दो माह से सामान्य अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में उपचाराधीन दुष्कर्म पीड़ित किशोरी ने दोपहर के समय बेटी को जन्म दिया। डिलीवरी के लिए हुए सिजेरियन ऑपरेशन के बाद जच्चा और बच्चा दोनों की हालत खराब हो गई। नवजात बच्ची को नीकू वार्ड में भर्ती कराया गया है वहीं मां बनी किशोरी की हालत भी खून की कमी के कारण गंभीर है।
टीआईटी कॉलोनी क्षेत्र की एक प्रवासी मजदूर की करीब साढ़े 14 वर्षीय बच्ची से इस साल के आरंभ में दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। किशोरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसी की कॉलोनी में कोचिंग लेने आए किशोर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले का पता बच्ची के गर्भवती होने के बाद पता लगा। करीब दो माह पहले बच्ची को गंभीर हालत के चलते सामान्य अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड के एक अलग कमरे में रखा गया। बच्ची को इस हालत के कारण पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी। माता-पिता के अलावा बड़ी बहन पीड़ित बच्ची की देखभाल में जुटी थी।
मंगलवार दोपहर बच्ची को अधिक तकलीफ हुई। जिसके बाद डाक्टरों की टीम पहुंची और सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। बच्ची दोपहर करीब ढाई बजे बच्ची को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद से ही जच्चा-बच्चा की हालत नाजुक है। नवजात बच्ची को नीकू वार्ड में रखा गया है तो मां बनी किशोरी में भी खून की कमी के कारण समस्या बनी हुई है। शाम के समय चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी की चेयरमैन राजबाला श्योराण, सदस्य सुमन बजाड़, सरोज बाला बोहरा ने अस्पताल पहुंचकर जच्चा-बच्चा की हालत के बारे में जानकारी ली।
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पिछले सप्ताह मां बनी अविवाहित युवती का बच्ची रखने से इंकार
पिछले सप्ताह मां बनी अविवाहित युवती व उसके परिवार ने भी बच्ची को अपने साथ रखने से इंकार कर दिया है। इस बारे सीडब्ल्यूसी को लिखित में दिया गया है कि वे बच्ची नहीं रखना चाहते। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन राजबाला श्योराण ने बताया कि युवती और उसके परिवार के बच्ची रखने से इंकार के बाद अब सीडब्ल्यूसी की बैठक कर नवजात बच्ची को पंचकुला के शिशु गृह भेजा जाएगा। फिलहाल बच्ची नीकू वार्ड में भर्ती है।
टीआईटी कॉलोनी क्षेत्र की एक प्रवासी मजदूर की करीब साढ़े 14 वर्षीय बच्ची से इस साल के आरंभ में दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। किशोरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसी की कॉलोनी में कोचिंग लेने आए किशोर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले का पता बच्ची के गर्भवती होने के बाद पता लगा। करीब दो माह पहले बच्ची को गंभीर हालत के चलते सामान्य अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड के एक अलग कमरे में रखा गया। बच्ची को इस हालत के कारण पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी। माता-पिता के अलावा बड़ी बहन पीड़ित बच्ची की देखभाल में जुटी थी।
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मंगलवार दोपहर बच्ची को अधिक तकलीफ हुई। जिसके बाद डाक्टरों की टीम पहुंची और सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। बच्ची दोपहर करीब ढाई बजे बच्ची को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद से ही जच्चा-बच्चा की हालत नाजुक है। नवजात बच्ची को नीकू वार्ड में रखा गया है तो मां बनी किशोरी में भी खून की कमी के कारण समस्या बनी हुई है। शाम के समय चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी की चेयरमैन राजबाला श्योराण, सदस्य सुमन बजाड़, सरोज बाला बोहरा ने अस्पताल पहुंचकर जच्चा-बच्चा की हालत के बारे में जानकारी ली।
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पिछले सप्ताह मां बनी अविवाहित युवती का बच्ची रखने से इंकार
पिछले सप्ताह मां बनी अविवाहित युवती व उसके परिवार ने भी बच्ची को अपने साथ रखने से इंकार कर दिया है। इस बारे सीडब्ल्यूसी को लिखित में दिया गया है कि वे बच्ची नहीं रखना चाहते। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन राजबाला श्योराण ने बताया कि युवती और उसके परिवार के बच्ची रखने से इंकार के बाद अब सीडब्ल्यूसी की बैठक कर नवजात बच्ची को पंचकुला के शिशु गृह भेजा जाएगा। फिलहाल बच्ची नीकू वार्ड में भर्ती है।