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हरियाणाः रेवाड़ी में दो बच्चों को लेकर नहर में कूदी पुलिसकर्मी की पत्नी, महिला-बेटे का शव मिला

हरियाणा से बड़ी खबर आ रही है। रेवाड़ी में एक पुलिसवाले की पत्नी अपने दो बच्चों को लेकर नहर में कूद गई।

21 अगस्त 2019

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भिवानी

बुधवार, 21 अगस्त 2019

धोखाधड़ी के शिकार किसानों ने बैठक कर जताया रोष

अलख ऑयल मिल के मालिकों द्वारा 14 से अधिक गांवो के किसानों को डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लगाकर फरार होने के मामले को लेकर बुधवार को नई अनाज मंडी में किसानों की पंचायत हुई। किसानों ने कहा कि उन्होंने मिल मालिकों के विश्वास पर अपनी खून पसीने की मेहनत से उपजाई फसल मिल मालिकों के विश्वास पर दी थी। लेकिन, मिल मालिकों ने उनका विश्वास तोड़ा है। पीड़ित लोगों ने बाद में पुलिस से भी मुलाकात की।
बुधवार को आयोजित पंचायत में भारतीय किसान यूनियन युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद भी पंचायत में पहुंचे और उन्होंने यूनियन की तरफ से किसानों को सहयोग का आश्वासन दिया। किसानों ने पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे पर कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। लोगों ने कहा कि पुलिस मामले में त्वरित कार्रवाई की जगह ढ़ुलमुल रवैया अपना रही है। भाकियू युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद ने कहा कि एक साजिश के तहत मिल मालिकों द्वारा किसानों के साथ ठगी की गई है। भाकियू पीड़ित किसानों के साथ है। किसानों को न्याय दिलवाने व दोषी मिल मालिकों पर कार्रवाई को लेकर अगर पुलिस प्रशासन ने सही कदम नहीं उठाए तो भाकियू आंदोलन करेगी। बाद में किसान बहल थाने में पहुंचे और थाना प्रभारी से मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट जानी। थाना प्रभारी की बात पर जब किसान संतुष्ट नहीं हुए तो उन्होंने डीएसपी गजेंद्र से बात की। डीएसपी ने भाकियू से कल तक का समय मांगा। अब बृहस्पतिवार को इस मामले में किसानों के साथ मिलकर भाकियू आगामी रणनीति तय करेगी। इस मौके पर मीरसिंह, हरपाल, दलबीर, बलवान ढ़ाणी केहरा, दिनेश सांगवान, वीरेंद्र गोकलपुरा आदि किसान मौजूद रहे।
फोटो 49 ... और पढ़ें

ताई थैले में कै लै री सै...कहकर उड़ाया बुजुर्ग महिला का पर्स

ताई थैले मैं कै लै री सै... इतना कहकर दो युवकों ने बुजुर्ग महिला का थैला खंगाल उसके अंदर रखा पर्स चोरी कर लिया। पर्स चोरी की घटना की शिकायत बुजुर्ग महिला ने सिटी पुलिस थाने में दी।
पुलिस को दी शिकायत में ढाणीमाहू निवासी 61 वर्षीय माया देवी ने वह अपनी लड़की कृष्णा से जो बैंक कॉलोनी में रहती है, उससे मिलने के लिए आई थी। जब वह नया बस स्टैंड के सामने पेट्रोल पंप पर खड़ी थी तो इसी दौरान उसके पास एक लड़का आया और बोला माता जी प्रसाद ले लो। बुजुर्ग महिला उस लड़के के साथ पेट्रोल पंप के साथ वाली गली के अंदर साथ चल दी। थोड़ा आगे चलते ही लड़के ने कहा कि कानों से सोने की बाली उतारकर पर्स के अंदर रख लो। उसने कानों से बाली उतारी और अपने पर्स में रख ली। इसी दौरान गली के नुक्कड़ पर एक दूसरा लड़का भी वहां आ गया और उसने बुजुर्ग महिला का ताई थैले में क्या है और उसका थैला चेक करने लगा। फिर एक लड़के ने कहा कि यहां पर बैठ जाओ। ये दोनों लड़के उसे गली के अंदर बैठाकर रफूचक्कर हो गए। जब उसने थैला संभाला तो उसके अंदर उसका पर्स नहीं मिला। बुजुर्ग महिला ने बताया कि पर्स के अंदर उसकी सोने की बाली, चांदी की पॉजेब और चुटकी के अलावा उसका मोबाइल फोन और तीन सौ से चार सौ रुपये थे। पुलिस ने इस संबंध में पर्स चोरी का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है। ... और पढ़ें

अब सौर ऊर्जा से जगमग होंगी प्रदेश की गोशालाएं : भानीराम मंगला

हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने कहा कि अब प्रदेश की गोशालाएं सौर ऊर्जा से जगमग होंगी, क्योंकि मुख्यमंत्री गोशाला जगमग योजना के तहत मात्र 10 प्रतिशत राशि देकर गोशालाओं में सोलर प्लांट लगाएं जा सकेंगे। वहीं गो तस्करी व गोमांस में प्रयुक्त होने वाले वाहनों की सुपरदारी अब नहीं हो सकेंगी। ऐसे वाहन पकड़े जाने पर सीधे जब्त होंगे। इसके लिए गो संवर्धन कानून में परिवर्तन किया जा रहा हैं। यह बात वीरवार को महम रोड स्थित आदर्श गोशाला का दर्जा प्राप्त भिवानी गोशाला में गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने कही। भिवानी गोशाला में जिले भर की गोशालाओं को गो सेवा आयोग द्वारा ग्रांट वितरण कार्यक्रम किया गया। विधायक एवं भिवानी गोशाला के ट्रस्टी घनश्याम सर्राफ व भिवानी गोशाला ट्रस्ट के प्रधान मोहनलाल बुवानीवाला ने चेयरमैन भानीराम मंगला का गोशाला पहुंचने पर अभिनंदन एवं स्वागत किया। भानीराम मंगला ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में 2015 से लेकर मार्च 2019 तक प्रदेश की पंजीकृत 462 गोशालाओं को 63 करोड़ 64 लाख 81 हजार 620 रुपये की अनुदान राशि बांटी जा चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 15 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि गोसेवा आयोग द्वारा गोशालाओं को अनुदान के रूप में बांटी जाएंगी। जिसकी शुरूआत में ग्रांट वितरण के साथ की गई है। भिवानी की विभिन्न गोशालाओं को 58 लाख 46 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए। चेयरमैन ने कहा कि मुुख्यमंत्री मनोहर लाल की पहल पर हरियाणा की सभी गोशलाओं को मुख्यमंत्री गोशाला जगमग योजना के तहत सोलर ऊर्जा प्लेटें 90 प्रतिशत अनुदान पर अक्षय ऊर्जा विभाग के माध्यम से दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए गोबर के गमले, डंडे, धूप-बत्ती, टिकिया, गोमूत्र से फिनाइल व कीटनाशक दवाईयां बनाने वाले उपकरण खरीदने पर 90 प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। विधायक घनश्याम सर्राफ ने भी गोशाला संचालकों से आह्वान किया कि जो गोशाला पंजीकृत नहीं है, वे जल्द से जल्द पंजीकरण करवाकर गोसेवा आयोग द्वारा दी जा रही सहायता राशि का लाभ उठाएं। भिवानी गोशाला ट्रस्ट की तरफ से प्रधान मोहनलाल बुवानीवाला ने चेयरमैन को आदर्श गोशाला का दर्जा दिए जाने पर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने गोशाला की भावी योजनाएं भी आयोग के चेयरमैन के समक्ष रखी। ग्रांट वितरण समारोह में पशु पालन विभाग के उपनिदेशक डॉ जयसिंह, पशु चिकित्सक डॉ मोहनलाल, विजय कुमार गोयल, कमल प्रसाद अग्रवाल, सुरेंद्र जिंदल, रामनिवास सिवानीवाले, नंदकिशोर अग्रवाल, विक्की महता, पतराम मित्तल, संत कुमार आदि मौजूद रहे। ... और पढ़ें

जैविक पद्धति अपनाकर खेती करके किसान ने बचाई अपनी जमीन, आप भी कर सकते हैं जानिए कैसे

हरियावास गांव के किसान ने आवश्यकता आविष्कार की जननी की कहावत को चरितार्थ करते हुए अपनी बर्बाद होती खेती को खुद के उपाय से बचा लिया। पेस्टी साइड्स के प्रयोग से उसकी जमीन इतनी प्रभावित हो गई थी कि उसके खेत में ग्वार की पैदावार प्रति एकड़ पांच से सात मन तक आ गई थी।

किसान ने जैविक पद्धति को अपनाकर आज उसे फिर से बीस मन प्रति एकड़ तक पहुंचाकर अपनी खेती को बचा लिया है। हरियावास के बिजेन्द्र ने इसके लिए किसी विशेषज्ञ की मदद नहीं ली। उसने जहर को जहर मारता है, बुजुर्गों की इस बात को मन से लगाया तथा उसी पर अपना ध्यान फोकस किया।

किसान ने खेती में स्प्रे के लिए खेत में ही मिलने वाले वाले कड़वी चीजों को एकत्रित किया और उसका घोल तैयार किया। दो बार इसी स्प्रे से जब उसे आशातीत सफलता मिली तो उसने फिर एक बार जैविक खाद की स्प्रे तैयार की। तीसरी बार की स्प्रे से उसकी योजना कामयाब रही और फसल खेत में लहलहाती हुई नजर आई।

किसान के प्रयोग की जब चर्चा चली तो कृषि विशेषज्ञ उसे देखने आए तथा कहा कि वास्तव में उसने अपने खुद के दिमाग से अपनी खत्म होती खेती को बचा लिया है। ... और पढ़ें
जैविक खेती जैविक खेती

मुख्य पेयजल लाइन की लीकेज से धंस रहा फुटपाथ

घंटाघर चौक पर सामान्य अस्पताल के पास बार-बार धंस रहे फुटपाथ की खुदाई की गई तो मुख्य पेयजल लाइन में लीकेज मिला। लीकेज के कारण सामान्य अस्पताल का सीवर मेनहाल भी धंस गया और लाइनें डैमेज हो गई। इतना ही नहीं लाइन लीकेज के कारण स्वच्छ पानी सीवर में बहता रहा और कॉलोनी वासी पानी के लिए परेशान रहे। खुदाई दौरान टेलीफोन के तार भी टूट गए। जिससे अनेक फोन ठप हो गए। जनस्वास्थ्य विभाग की टीम अब इसे ठीक करने में जुटी है।
पिछले दिनों घंटाघर चौक के पास सामान्य अस्पताल की दीवार के साथ लगता फुटपाथ मिट्टी खिसकने से धंस गया था। पिछले एक महीने में यह चार बार धंसा। दो दिन पूर्व भी अचानक ही यहां मिट्टी खिसकने से पांच फीट गहरा गड्ढा बन गया। सड़क के बिल्कुल किनारे होने के कारण यहां हादसे की आशंका बढ़ गई थी। मंगलवार को जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसकी जांच करने मौके पर पहुंचे। जेसीबी से खुदाई कर जांच की तो पाया कि मुख्य पेयजल लाइन ही लीक है। लीकेज के कारण मिट्टी का बड़ा हिस्सा सीवर में जा चुका था और यहां सड़क धंसने की भी संभावना बनी हुई थी। इस लीकेज के कारण सामान्य अस्पताल सीवर मेनहाल भी धंस गया। जिससे अब दोबारा बनाना पड़ेगा
अस्पताल की सीवरेज लाइन को भी किया जाएगा बंद
घंटाघर की फुटपाथ की तरफ से नर्सिंग छात्रावास व वार्डों की तरफ जाने वाली सीवरेज की मुख्य लाइन को बंद किया जाएगा। क्योंकि जिला सामान्य अस्पताल के इस हिस्से के सीवरेज पानी की निकासी के लिए बना सीवरेज मैनहोल पेयजल लाइन लीकेज के कारण फुटपाथ धंसने की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया। अब इस सीवरेज मेनहोल को नए सिरे से ही तैयार कराया जाएगा। इस कार्य के लिए यहां की सीवरेज लाइन को भी बंद किया जाएगा। जिससे अस्पताल के एक हिस्से के गंदे पानी की निकासी पर संकट मंडराने लगा है।
कई कॉलोनियों में होती है पेयजल सप्लाई
घंटाघर से दिनोद गेट की तरफ जाने वाली पानी की मुख्य लाइन शहर के तीन बुस्टिंग स्टेशनों के साथ कई कॉलोनियों में पेयजल सप्लाई करती है। इस मैन लाइन से नेहरू पार्क कॉलोनी बुस्टर, जिला सामान्य अस्पताल परिसर का बुस्टर व बीटीएम चौक का बुस्टर को पेयजल सप्लाई होती है। इसके अलावा घंटाघर, कृष्णा कॉलोनी व दिनोद गेट क्षेत्र, देवसर चुंगी सहित आसपास की कई कॉलोनियों में पेयजल सप्लाई यहीं से होती है। मुख्य पेयजल लाइन की लीकेज को ठीक करने में जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ठीक करने में जुटे है। जिस कारण शाम की सप्लाई कई कॉलोनियों में प्रभावित रहेगी। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनका प्रयास है कि जल्द से जल्द लाइन को ठीक किया जाए।
पब्लिक हेल्थ कर्मचारियों के साथ जेसीबी मशीन के सहारे खोदकर मुख्य पेयजल लाइन का मुआयना किया है, जिसमें लीकेज मिला। इस लीकेज को ठीक करने का काम शुरू करा दिया है। इसी के पास सीवरेज मैनहोल भी पूरी तरह से डैमेज हो चुका है। इस संबंध में सीवरेज शाखा के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। अगर लीकेज का समाधान समय से नहीं हुआ तो पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
चरण सिंह, जेई गवर्नमेंट वर्क पब्लिक हेल्थ विभाग। ... और पढ़ें

डीसी साहब, सीवर लाइन है ठप, गंदा पानी आ रहा, विधायक से मिले तो कहते हैं अधिकारी सुनते नहीं : पार्षद

सीवर समस्या को लेकर शहर के पार्षद उपायुक्त से मिलने पहुंचे। साथ ही विधायक के खिलाफ भी मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में क्षेत्र मेें विकास कार्य नहीं करने के आरोप लगाए। पार्षदों ने आरोप लगाया कि सीवर व्यवस्था ठप है। इस कारण गंदा पानी सप्लाई में आ रहा है। विधायक के पास जाते है तो जवाब मिलता है कि सीएम विंडो पर शिकायत कर दो। अधिकारी मेरी सुनते नहीं। साथ ही किसी युवा पार्षद साथी को प्रत्याशी बनाने की मांग की है। वहीं विधायक ने कहा कि 125 करोड़ गलियों के लिए ला दिये और 65 करोड़ से अमरुत योजना का काम चल रहा है। सीवरेज की समस्या मंत्री के समक्ष भी रखी थी और काम भी हो रहा है। लोकतंत्र में सभी को अपनी दावेदारी रखने का अधिकार है और ये विरोध करने वाले पार्षद भी टिकट के लिए ही ऐसा कर रहे है।
शहर में सीवरेज की गंभीर समस्या बनी हुई और इस कारण शहर की अधिकतर कॉलोनियों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। जिस कारण लोग परेशान है। पिछली कष्ट निवारण समिति की बैठक में विधायक घनश्याम सर्राफ ने शिक्षा मंत्री के समक्ष भी यह मुद्दा रखा था। शिक्षा मंत्री ने जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को सारी सीवरेज लाइनों की सफाई कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
पार्षद पहुंचे डीसी दरबार, युवा को टिकट देने की रखी मांग
दोपहर के समय पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल पार्षद हर्षदीप डुडेजा के नेतृत्व में उपायुक्त से मिलने पहुंचा और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि शहर में सीवरेज की समस्या बनी हुई है। भिवानी आगमन के दौरान भी मुख्यमंत्री के समक्ष यह समस्या रखी थी। पार्षद हर्षदीप ने कहा कि जन समस्याओं के लिए जब विधायक के पास जाते है तो वे सीएम विंडो पर शिकायत करने की सलाह देते है। कहते है कि अधिकारी उनकी सुनते और मानते नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे है। पार्षदों ने मांग की कि इस बार किसी प्रगतिशील और जनहित की सोच रखने वाले युवा को पार्टी का प्रत्याशी बनाये। किसी युवा पार्षद को उम्मीदवार बनाया जाता है तो वे पूरा सहयोग करेंगे। इस मौके पर पार्षद हर्षदीप, पानू मस्ता, संदीप भारद्वाज, ललित सैनी, प्रवीण मास्टर, विजय तंवर, नरेंद्र तंवर, ज्योति कामरा, बलवान, गोविंद बिल्लु बादशाह, मांगेराम शर्मा, सुरेंद्र पूनिया, हरिराम, रोशन लाल, अशोक जोगी, राज कुमार, पवन सैनी, संजय दुआ, अंचल अरोड़ा, मनीष गुरेजा, जितेंद्र कुमार, नंदकिशोर आदि मौजूद थे।
नगर परिषद में 125 करोड़ रुपये की राशि गलियों व अन्य विकास कार्यों के लिए लेकर आए। 65 करोड़ रुपये से अमरुत योजना के तहत कॉलोनियों में सीवरेज और पानी की लाइनें बिछाने का काम चल रहा है। अभी भी संतुष्ट नहीं है। लोकतंत्र में सभी को अपनी दावेदारी रखने का अधिकार है। यह पार्टी का काम है कि किसे टिकट देती है।
घनश्याम सर्राफ, पूर्व मंत्री एवं विधायक ... और पढ़ें

एक्सईएन को फटकार लगा विधायक बोले- सात दिन में सड़क नहीं बनी तो करा दूंगा सस्पेंड

तोशाम बाईपास का डाबर कॉलोनी का खस्ताहाल मार्ग सोमवार को लोगों के लिए आफत बना। यहां एक बुजुर्ग शिक्षक का निधन होने पर अर्थी ले जाने के लिए भी रास्ता नहीं था। ऐसे में ट्रैक्टर से अर्थी को रामबाग तक पहुंचाया गया। वहीं दिनभर वाहन मार्ग पर फंसते रहे। जिन्हें जेसीबी से निकाला गया। सूचना पर विधायक घनश्याम सर्राफ मौके पर पहुंचे और एक्सईएन को फटकार लगाते हुए अल्टीमेटम दिया कि सात दिन में मार्ग वाहन चलने लायक नहीं बनाया तो वे सीएम से बात कर सस्पेंड करा देंगे। साथ ही ठेकेदार को भी ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी। इसके बाद हरकत में आए ठेकेदार व विभाग अधिकारियों ने मार्ग के दोनों ओर से और बीच से निकलने वाले दो मार्गों को बंद करवा दिया ताकि अन्य वाहन यहां न फंसे।
आठ मार्च से तोशाम बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है। डाबर कॉलोनी के पास करीब 1400 मीटर का टुकड़ा अभी भी लंबित है और यह लोगों के लिए परेशानी बना है। यहां निर्माण के लिए एक फीट तक खुदाई की गई। जिसमें पानी भरने से अब कीचड़ बना हुआ है। अब बारिश के कारण गड्ढे तीन-तीन फीट तक गहरे हो गए है। यह मुख्य मार्ग है और हर रोज यहां से करीब 30 हजार वाहन गुजरते है। अब यहां वाहन धंस रहे है। लोग सब जगह शिकायत कर चुके है। ट्वीट कर भी सीएम को शिकायत दी गई।
ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की दी चेतावनी
सोमवार दोपहर करीब साढे़ 12 बजे विधायक घनश्याम सर्राफ अधिकारियों को साथ लेकर तोशाम बाईपास (डाबर कॉलोनी) के पास पहुंचे। वहां बदहाल सड़क का निरीक्षण किया। यहां एक्सईएन बीएंडआर कृष्ण कुमार से कहा कि सात दिन में मार्ग वाहन चलने लायक नहीं बना तो आठवें दिन मुख्यमंत्री से बात करके सस्पेंड करा दूंगा। साथ ही ठेकेदार को भी ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी। कार्यकारी अभियंता व ठेकेदार ने समयावधि में कार्य पूरा करवाने का आश्वासन दिया। विधायक ने वहां पर मौजूद लोगों से कहा कि वे पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों से मिलकर अभी सडक को क्रास करने वाली पाइप लाइन को जुड़वा लें। खासकर एक गली से दूसरे गली में ज्वाइंट को अभी से तैयार करवाए। इसी तरह सीवर की लाइन भी अभी दुरुस्त करवा लें ताकि बाद में सड़क तोड़ने जैसी समस्याएं न आए। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलवाया और उनको पाइप लाइनों के जोड़ मिलाने के निर्देश दिए।
पार्षद पति सुभाष तंवर ने बताया कि इस मामले में अधिकारियों व ठेकेदार की लापरवाही है। ठेकेदार जानबूझकर ढिलाई बरत रहा है।
इलाके के लोगों ने उनको सूचना दी थी कि तोशाम बाईपास पर सड़क निर्माण में ढिलाई बरती जा रही है। निम्र स्तर की निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने निरीक्षण किया तो अनियमितताएं मिली है। सड़क के निर्माण के लिए सात दिन का समय दिया है। अगर निर्धारित समयावधि में कार्य नहीं होता तो अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। विधायक घनश्याम सर्राफा
सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है और मेटेरियल भी सड़क पर डाला हुआ है। बारिश आने के कारण यहां जलभराव हो गया। जिस कारण व्यवस्था बिगड़ी। यहां वाहनों की आवाजाही भी ज्यादा है। सात दिन की बात विधायक ने कही है तो हम निर्धारित समयावधि में चलने लायक रास्ता तैयार करवा देंगे। कृष्ण कुमार, एक्सईएन
बीएंडआर ... और पढ़ें

10 करोड़ से रोशन होंगी गलियां और मुख्य मार्ग

शहर की सारी स्ट्रीट लाइटें की वायर खराब हो चुकी है। इसी कारण शहर के अधिकतर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें बंद रहती है। ठेकेदार के कारिंदे किसी तरह जोड़-तोड़कर काम चला रहे है। अब इस लचर व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नया प्लान तैयार किया गया है। 10 करोड़ से शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों चाहे मुख्य मार्गों की हो या गलियों, कॉलोनियों की। सभी की वायर बदली जाएगी। सभी जगह इंसूलेटिड वायर लगाई जाएगी ताकि करंट की संभावनाओं से भी बचा जा सके। इसका टेंडर देने की तैयार हो गई है।
नहीं होगी बिजली की बर्बादी
अक्सर शहर में समस्या रहती है कि दिन के समय लाइटें जलती है और रात के समय बंद रहती है। इस समस्या के समाधान की भी तैयारी हो गई है। इसके लिए ऑटोमेटिक टाइमर मशीन लगाई जाएगी। जिसमें टाइम सेट होने के बाद अपने आप ही लाइटें शाम के समय जलने लगेंगी और सुबह बंद हो जाएंगी। इसके लिए एक लाइन पर एक पैनल लगाया जाएगा। इस लाइन पर जितनी भी स्ट्रीट लाइटें होंगी एक साथ जलेगी और एक साथ बंद होंगी।
गलियों-कॉलोनियों में नहीं हैं लाइटें
शहर के सरकुलर रोड और मुख्य मार्गों पर तो डीसी के निर्देश पर स्ट्रीट लाइटें ठीक करने का काम किया जा रहा है मगर शहर की अधिकांश कॉलोनियों में भी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बिगड़ी हुई है। कुछेक कॉलोनियों में ही नगर परिषद की स्ट्रीट लाइटें बची हुई है बाकी जगह तो स्टैंड तक गायब हो चुके है। कुछ कॉलोनियों में लोगों ने अपने स्तर पर बड़ी लाइटें लगवाई हुई हे। इस प्लान के तहत कॉलोनियों की भी स्ट्रीट लाइटों की वायर बदलकर उन्हें दुरुस्त किया जाएगा।
शहर में स्ट्रीट लाइटें ठीक करने का काम चल रहा है। जल्द ही सभी स्ट्रीट लाइटों की पुरानी वायर बदलने का ठेका दिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि शहर में कोई भी गली में अंधेरे में न रहे।
रण सिंह यादव, चेयरमैन
नगर परिषद ... और पढ़ें

300 बिलों के नहीं मिले डेढ़ करोड़, ठेकेदारों ने किया हंगामा

29 बिजली के पोल पर लगी क्षतिग्रस्त स्ट्रीट लाइट।
300 बिलों के करीब डेढ़ करोड़ की बकाया की राशि के लिए जनस्वास्थ्य विभाग में ठेकेदारों ने खूब हंगामा किया। एक्सईएन पर आरोप लगाए तो तीखी नोक-झोंक भी हुई। आरोप लगाया कि छह माह से किसी भी ठेकेदार को न तो कोई पेमेंट हुई है और न ही नए वर्क ऑर्डर दिए गए। ठेकेदारों ने हंगामा करने के साथ ही विभाग परिसर में नारेबाजी कर रोष जताया। साथ ही काम छोड़ने की चेतावनी दी। वहीं एक्सईएन का कहना है कि काम की जांच के आधार पर ही पेमेंट की जाएगी।
पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी और ठेकेदार आमने सामने हैं। मामला ठेकेदारों के काम का बकाया बिलों का भुगतान नहीं किए जाने का है। सोमवार सुबह करीबन 11 बजे महम रोड स्थित पब्लिक हेल्थ विभाग के सर्कल कार्यालय में सीवरेज शाखा के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के बाहर ठेकेदारों ने जमकर नारेबाजी की। पब्लिक हेल्थ विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे ठेकेदार शिवरतन सिंगला, विनोद मिढा, जयभगवान बैरागी, योगेंद्र, सतीश, मौसम सिंह, हरिश, जयपाल, सुरेश का आरोप है कि फरवरी माह से उन्हें कोई पेमेंट नहीं हुई हैं, जबकि जेई और एसडीओ कार्यालय से कार्यकारी अभियंता कार्यालय में ठेकेदारों के करीबन 300 बिलों की करीबन डेढ़ करोड़ रुपयों की पेमेंट पिछले छह माह से अटकी हुई है। उनका आरोप है कि सभी ठेकेदारों ने सीवरेज मेंटनेंस से लेकर बुस्टिंग स्टेशनों पर जनरेटर तक की व्यवस्था की जिम्मेवारी संभाली हुई है। बरसाती मौसम के दौरान कहीं पर भी पानी ठहराव नहीं होने देने का भार भी ठेकेदारों के कंधों पर आया हुआ है। ऐसे में कार्यों की बकाया पेमेंट नहीं होने से उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ चुकी है। अब वे अपने कार्यों को जारी रखने में भी असमर्थ हैं। ठेकेदारों ने विभाग को चेतावनी दी कि अगर बकाया बिलों की राशि का भुगतान नहीं हुआ तो वे विभाग में चल रहे कार्यों को ठप कर देंगे।
बिलों पर लगाई जा रही है बेवजह आपत्ति
विरोध प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों का यह भी आरोप है कि जेई और एसडीओ ही साइट पर जाकर काम की निगरानी करते हैं और कोई कमी होती है तो उसे दूर कराते हैं। जेई और एसडीओ कार्यों के बिलों को अपनी मंजूरी देने के बाद अगले कार्यालय में भेजते हैं। मगर जेई और एसडीओ से पास हो चुके ठेकेदारों के बिलों को कार्यकारी अभियंता कार्यालय में बेवजह उन पर अनावश्यक आपत्ति लगाकर लटका देते है। ठेकेदारों का आरोप है कि अगर उनके कार्य में कोई कमी हैं तो उन्हें समय रहते बताया जाए ताकि दूर कराए, मगर छह माह से बकाया बिलों को रोकना विभागीय अधिकारियों की मंशा भी समझ नहीं आ रही है।
ठेकेदारी के तहत ये हो रहे पब्लिक हेल्थ में काम
पब्लिक हेल्थ विभाग में ठेकेदारों के माध्यम से सीवरेज लाइन की मरम्मत, सीवरेज मैनहोल के ढक्कन लगाना, नई सीवरेज लाइनें डालना, बुस्टिंग स्टेशनों पर जनरेटर की व्यवस्था करना शामिल हैं। इसके अलावा ठेकेदारों के माध्यम से पब्लिक हेल्थ विभाग मेें सीवरेज शाखा के अंदर ही 10 से 20 लाख रुपये तक के कार्य ठेकेदार कर रहे हैं।
सब डिवीजन कार्यालय से जैसे-जैसे उनके समक्ष ठेकेदारों के बिल आ रहे हैं, उनको रूटीन में निकाला जा रहा है। ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों की जांच करना विभागीय प्रक्रिया है। जिसके बाद ही बकाया राशि के बिलों को मंजूरी देकर भुगतान कराया जाता है। इस प्रक्रिया में बजट की उपलब्धता के हिसाब से ठेकेदारों को भुगतान किया जा रहा है। ठेकेदारों द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
-बलवान सिंह, कार्यकारी अभियंता, सीवरेज शाखा पब्लिक हेल्थ विभाग।
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मुख्य डिस्पोजल का केबल बॉक्स धमाके के साथ जला, पानी निकासी की व्यवस्था ठप

। शहर के बारिश और सीवरेज पानी के निकासी के लिए देवसर चुंगी पर बने मुख्य डिस्पोजल का केबल बॉक्स देर रात करीब ढाई बजे तेज धमाके के साथ जल गया। बिजली की तारों में आग लग गई। रात को ही कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मुख्य डिस्पोजल होने के कारण सभी मोटरें बंद हो गई और शहर से बारिश के पानी और सीवर के पानी की निकासी का काम भी ठप हो गया। रविवार सुबह से कर्मचारी नई वायर लगाने के काम में जुटे थे और 15 घंटे बाद भी मैन डिस्पोजल पर बिजली बहाल नहीं हो पाई थी।
हादसा रात करीब ढाई बजे हुआ। शनिवार को दिनभर बूंदाबांदी हुई जो रात को भी चली। बूंदाबांदी के बीच ही देवसर चुंगी के मैन डिस्पोजल पर रात ढाई बजे तेज धमाका हुआ और बिजली केबल बॉक्स में आग लग गई। धमाके की आवाज सुनकर कर्मचारी दौड़े। देर रात को ही पब्लिक हेल्थ कर्मचारियों ने केबल बॉक्स में लगी आग की जानकारी आला अधिकारियों को दी। जिसके बाद सुबह केबल बॉक्स में जली हुई बिजली तारों को ठीक करने का काम शुरू हुआ। डिस्पोजल पर रविवार सुबह दो जनरेटर चलाए गए। जिसके माध्यम से 11 बड़ी मोटरों में से दो ही मोटरें चल पाई, जो कि शहर के पानी निकासी के लिए नाकाफी रही। रविवार दोपहर बाद 15 घंटे बीत जाने के बाद भी केबल बॉक्स में जली हुई तारों को दुरुस्त किए जाने का काम चल रहा था। जेई व तकनीकी कर्मचारी तारों को ठीक करने में जुटे थे, ताकि जल्द से जल्द इसे ठीक किया जा सके। पानी निकासी ठप होने के कारण डिस्पोजल पानी से भरा हुआ है।
आसमान में बादल देख अधिकारियों के छूटे पसीने
देवसर चुंगी स्थित मैन डिस्पोजल जो पुराने शहर के बारिश पानी के साथ-साथ सीवरेज पानी की निकासी का एकमात्र जरिया है। मैन डिस्पोजल से ही शहर भर के सीवरेज और बारिश का पानी लोहारू रोड की भिवानी-घग्घर ड्रेन तक पहुंचता है। शनिवार को दिनभर बूंदाबांदी होती रही। रविवार सुबह से दोपहर तक भी आसमान में बादल छाए रहे। केबल बॉक्स जला होने के कारण शहर में पानी निकासी की कोई अन्य व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के भी पसीने छूटे रहे।
शनिवार देर रात मैन डिस्पोजल के केबल बॉक्स में तेज धमाके के बाद आग लग गई थी। जिसके बाद केबल बॉक्स को ठीक करने का काम रविवार शाम तक जारी रहा। इस दौरान डीजी सेट चालू रखे गए हैं। बरसाती पानी की निकासी का काम चल रहा है, जैसे ही लाइट तो मैन डिस्पोजल का पूरा सिस्टम काम करने लगेगा।
-महेंद्र सिंह, जेई मैन डिस्पोजल, पब्लिक हेल्थ विभाग। ... और पढ़ें

बहल के फोटोग्राफर की सड़क दुर्घटना में मौत

पिलानी रोड पर फोटोग्राफी की दुकान चलाने वाले खैरू निवासी संदीप उर्फ मोटिया की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। शनिवार रात को बहल से घर जा रहे संदीप की बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उसे राजगढ़ ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मृतक संदीप पिछले कई सालों से बहल में अरुण फोटो स्टूडियो के नाम से फोटोग्राफी की दुकान चलाता था। शनिवार को दुकान से रात करीब नौ बजे खैरू जा रहा था तो सुधीवास रोड पर अचानक राजगढ़ साइड से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह बाइक सहित सड़क पर जा गिरा। परिजनों को सूचना मिली तो वे घायल संदीप को पहले बहल फिर राजगढ़ लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संदीप शादीशुदा था और उसके दो लड़के हैं। संदीप के दो भाई व एक बहन है। वहीं, संदीप की मौत का समाचार जैसे ही रविवार बहल कस्बे में पहुंचा तो लोग गमगीन हो गए। पुलिस ने मृतक का राजगढ ़में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं, बहल पुलिस ने मृतक के भाई रोहताश की शिकायत पर अज्ञात वाहन के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ... और पढ़ें

लोहानी पंप हाउस में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका

लोहानी पंप हाउस पर अज्ञात शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। रविवार सुबह भी एक युवक का शव पंप हाउस पर पड़ा मिला। सूचना पर पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। युवक का शव करीब 15 दिन पुराना है और चेहरा खुर्दबुर्द किया हुआ है। जिस कारण पहचान नहीं हो पाई। सिर में भी चोट के निशान बताये जा रहे है। जिस कारण हत्या कर शव नहर में फेंकने की आशंकाएं जताई जा रही है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे।
मामला रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे का है। लोहानी पंप हाउस पर कार्यरत कर्मचारियों ने जूई पुलिस चौकी को सूचना दी कि नहर में एक अज्ञात व्यक्ति का शव है। जिसके बाद चौकी से एएसआई राजपाल सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और युवक के शव को बाहर निकलवा भिवानी सामान्य अस्पताल पहुंचाया। मृतक की उम्र करीब 25-26 वर्ष बताई जा रही है। मृतक के चेहरे और सिर में चोट के निशान दिखाई दे रहे है। जांच अधिकारी राजपाल सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेजा गया है। मृतक के हाथ पर हिंदी में राम भाई और अंग्रेजी में जोगेंद्र गुदा है। पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत के क्या कारण है। मृतक की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे है। ... और पढ़ें

तुगलकाबाद में मंदिर तोड़ने के विरोध में सड़क पर उतरे लोग, प्रदर्शन कर जताया रोष

तुगलकाबाद स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर को तोड़े जाने की घटना के विरोध में शनिवार को भिवानी में अनुसूचित जनसंगठनों के लोग सड़क पर उतर आए। विभिन्न अनुसूचित जनसंगठनों के सदस्यों ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय परिसर के बाहर पहुंचकर जिला राजस्व अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को मांग पत्र भेजा। अनुसूचित जनसंगठनों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल भी सुरक्षा की दृष्टि से तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों के आगे और पीछे पुलिस टीमें चलती रही।
मंदिर तोड़े जाने के विरोध में रविवार को बावड़ीगेट क्षेत्र स्थित संत रविदास मंदिर में विभिन्न जनसंगठनों के पदाधिकारियों की सभा हुई। जिसके बाद विरोध प्रदर्शन करते हुए अनुसूचित जनसंगठनों के सैकड़ों सदस्य शहर के बाजारों बिचला बाजार, सराय चौपटा, घंटाघर चौक, हांसी गेट चौक होते हुए लघु सचिवालय तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने भाषणों में सरकार के खिलाफ रोष जताया। लोगों ने मांग की कि सरकार समय रहते नहीं जागी और उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया तो वे सरकार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेंगे। जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने सौंपे गए मांग पत्र में राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि सर्वोच्च न्यायालय की आड़ में प्रशासन द्वारा धार्मिक धरोहर को तोड़ दिया गया है, जिससे लोगों की धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंची है। अनुसूचित जाति समाज संवैधानिक तरीके से इस ऐतिहासिक धरोहर के संपूर्ण भवन निर्माण एवं समाज को सौंपने की पुरजोर मांग करता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ऐतिहासिक धरोहर के पुनर्निर्माण के लिए सरकार तुरंत 100 करोड़ रुपए जारी करके इसका नए सिरे से भव्य निर्माण कराए। शहर में विरोध प्रदर्शन कर जिला उपायुक्त के प्रतिनिधि जिला राजस्व अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने वालों में मास्टर सुनील गोलपुरिया, रमेश चोपड़ा, जगमोहन बौद्ध, जोगिंदर चौहान, जेके बौद्ध, शमशेर रंगा, राजू मेहरा, संतलाल रइया, ओमप्रकाश गर्वा, कृष्ण सरोहा, हरदीप बागोतिया, वेदप्रकाश भारतीय, हितेश प्रधान, मास्टर संत कुमार, जीत सरोहा, सुंदर मोडा प्रधान ,रमेश भोरिया ,कैप्टन रामभगत, अभिषेक, रजत कोहाड, बलजीत दहिया, सुरेश रंगा, मनीराम रंगा, अश्वनी सभ्रवाल, सीताराम सिंगल, मा बलदेव सुमेश बापोडा, अनिल बामला, मनोज आरावत, विनोद सांगा, सुनील दत ,विकाश कढाला, राहुल बौद्ध , शमशेर जमालपुर, राजकुमार तिगड़ाना, परमजीत छोकर, मांगेराम तोंदवाल, नरेन्द्र कांटीवाल, दाताराम डीएसपी, रामोतार मैहंदिया, चरण सिंह दहिया, दलबीर उमरा, ज्ञान बागडी, अमित डूलगच, महेंद्र, आनंद, सुनीता सरोहा, सीमा चोपडा, पूर्व पार्षद शीला गोरा, गुड्डी लाग्यान, बंटी मानहेरू, सोमबीर सभ्रवाल, कश्मीर एडवोकेट, राजेन्द्र सूई, कृष्ण बलियाली, मा राजपाल खानक, सुरेन्द्र रानिला, कुसुम चौहान, मीना भोरिया, उमेद रेवाड़ीखेड़ा, नवीन लोहिया आदि मौजूद रहे।
08 दिल्ली में रविदास मंदिर को तोड़ने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए लोग।
08 दिल्ली में रविदास मंदिर को तोड़ने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए लोग।- फोटो : Bhiwani
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अब पॉलिथीन कचरा भी नहीं बनेगा शहर से सीवरेज पानी की निकासी में रोड़ा

अब पॉलीथीन कचरा शहर की सीवरेज व्यवस्था को ठप नहीं कर पाएगा। और न ही पॉलिथीन गंदे पानी की निकासी में बाधा बन पाएंगी। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने करीबन 25 लाख रुपये की लागत से देवसर चुंगी स्थित मैन डिस्पोजल के अंदर दो मैकेनिकल स्क्रीन लगाई हैं। जो शहर से सीवरेज सिस्टम के जरिए आने वाले पॉलिथीन कचरे को साफ करने का काम करेंगी। इससे पहले रोजाना चार सफाई कर्मचारी मैन डिस्पोजल के टैंकों से पॉलिथीन कचरे को निकालने का काम मैनुअल करते थे। तीन टैंकों से दो ट्रॉली पॉलिथीन कचरा निकालने में कर्मचारियों को पूरा दिन लग जाता था। अब ये कार्य मैकेनिकल स्क्रीन से चंद मिनटों में हो जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने का अभियान पिछले काफी अर्से से चलाया हुआ है। इसके बावजूद भी शहर के अंदर पॉलिथीन का इस्तेमाल धड़ल्ले से चल रहा है। इतना ही नहीं पॉलिथीन ना केवल पर्यावरण प्रदूषण का र्प्याय बनी हैं, बल्कि शहर की पुराने सीवरेज सिस्टम की भी दुश्मन बनी है। क्योंकि शहर की सीवरेज व्यवस्था को ठप करने में पॉलिथीन कचरा सबसे मुख्य कारण है। इसी समस्या का हल खोजने के मकसद से जिला प्रशासन ने पर्यावरण प्रदूषण व सीवरेज सिस्टम को जाम होने से बचाने के लिए पॉलिथीन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है।
छह माह तक चला शहर में पॉलिथीन धरपकड़ का अभियान
जिला प्रशासन द्वारा जनवरी माह से लेकर जून माह तक शहर के अंदर पॉलिथीन की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया। नगर परिषद सहित विभिन्न विभागों की नौ टीमों ने करीबन 12 क्विंटल पॉलिथीन को छह माह के अंतराल के दौरान जब्त कर डाला। इतना ही नहीं इतनी बड़ी तादाद में पॉलिथीन जब्त किए जाने के दौरान लाखों रुपयों का जुर्माना भी दुकानदारों पर लगाया गया। मगर इसके बावजूद भी पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं रुका।
करीबन 80 साल पुराना है शहर का सीवरेज सिस्टम
भिवानी शहर का सीवरेज सिस्टम करीबन 80 साल पुराना है। इस सीवरेज सिस्टम का करोड़ों रुपयों के बजट से जीर्णोद्धार किया जा चुका है। जिसके बाद इसकी उम्र भी बढ़ गई है। हालांकि इतने पुराने सीवरेज सिस्टम के बावजूद शहर के निचले इलाकों में थोड़ी सी बारिश में ही बरसाती पानी जमा हो जाता है और कई हिस्सों में सीवरेज भी बैक मारने लगते हैं। पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी इसकी वजह सिर्फ पॉलिथीन कचरे को ही मान रहे हैं। क्योंकि पॉलिथीन कचरा सीवरेज में पहुंचने के बाद नष्ट नहीं होता, बल्कि सीवरेज को पूरी तरह से जाम कर देता है। यहीं वजह है कि जब पानी का दबाव सीवरेज पर ज्यादा होता है तो पॉलीथीन कचरा सीधा डिस्पोजल तक पहुंच जाता है।
शहर के मैन डिस्पोजल पर मैकेनिकल स्क्रीन लगाई गई हैं। ये लगातार सीवरेज के जरिए यहां तक आने वाले पॉलिथीन कचरे को टैंकों से साफ कर बाहर निकालती रहती है। बरसाती दिनों में तो रोजाना टैंक से ढाई से तीन ट्राली पॉलिथीन कचरा भी निकल जाता है, जबकि सामान्य दिनों में एक से डेढ़ ट्राली पॉलिथीन कचरा यहां निकलता है। मैनुअल तौर पर काम कराने में चार सफाई कर्मचारियों को पूरा दिन लग जाता था। मगर अब यह काम मिनटों में जब भी जरूरत हो झट से हो जाता है।
-महेंद्र सिंह, जेई मैन डिस्पोजल भिवानी। ... और पढ़ें
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