सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या के मामले में उदयपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वारदात में शामिल पड़ोसी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लूट की नीयत से बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या कर शवों को प्लास्टिक की थैलियों और टेप से पैक कर लोहे के संदूक में छिपा दिया था।
मृतकों की पहचान लहरीलाल पालीवाल और उनकी पत्नी राधा बाई के रूप में हुई है। दोनों 12 अगस्त से लापता थे। 14 अगस्त को बंद मकान से दुर्गंध आने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तलाशी के दौरान बिस्तरों के नीचे रखे लोहे के संदूक से दोनों के शव बरामद हुए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के बाद पुलिस ने वारदात में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी और मृतक दंपत्ति का पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल, बिहार निवासी चंदन यादव, गुजरात निवासी दिलीप चौधरी, किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल शामिल हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कुशल आर्थिक तंगी, भारी कर्ज और खर्चीली जीवनशैली से परेशान था। उसे जानकारी थी कि बुजुर्ग दंपत्ति घर में अकेले रहते हैं और उनके पास नकदी व जेवरात हो सकते हैं। पुलिस के अनुसार, वह करीब डेढ़ साल से हत्या और लूट की साजिश रच रहा था। वारदात से पहले 9 अगस्त को दंपत्ति के घर की रेकी भी की गई थी।
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जांच के मुताबिक 11 अगस्त की रात किशन और जीवन जन्मपत्री दिखाने के बहाने बुजुर्ग दंपत्ति के घर पहुंचे और मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया। इसी दौरान मुख्य आरोपी कुशल घर के बाथरूम में छिप गया। रात में दंपत्ति के सोने के बाद उसने अपने साथियों को घर के अंदर बुला लिया।
इसके बाद आरोपियों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया और दंपत्ति की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, सबसे पहले ऊपरी मंजिल पर सो रहे लहरीलाल पालीवाल के सिर पर हथौड़े से वार किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। सुबह राधा बाई की नींद खुलने पर आरोपियों ने उनका मुंह दबाकर गला घोंट दिया।
दोनों की हत्या के बाद आरोपी घर से नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गए। पुलिस से बचने और सबूत मिटाने के लिए शवों को प्लास्टिक की थैलियों में पैक कर टेप से बांधा गया। इसके बाद दोनों शवों को घर में रखे लोहे के संदूक में बंद कर बिस्तरों के नीचे छिपा दिया गया।
आरोपी मृतक दंपत्ति के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए और बाद में सबूत मिटाने के लिए उन्हें हाईवे पर फेंक दिया। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और पांचों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितनी नकदी और जेवरात लूटे तथा वारदात में सभी की क्या भूमिका रही।