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राजस्थान: रोजाना दूध, घी और फल खाती है 63 इंच ऊंची घोड़ी 'ऐनी', देखने के लिए उमड़ी भीड़
Thu, 10 Sep 2026 10:16 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Thu, 10 Sep 2026 10:16 PM IST
सार
Rajasthan News: बाड़मेर की घुड़दौड़ प्रतियोगिता में पहुंची पांच साल की सिंधी नस्ल की घोड़ी 'ऐनी' अपनी 63 इंच से अधिक ऊंचाई और खास खानपान के कारण आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसका मालिक रोजाना इसे दूध, देसी घी, मेवे और पौष्टिक फल खिलाता है।
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घुड़दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंची घोड़ी ऐनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
घुड़दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेने यहां पहुंची हरियाणा के चरखी दादरी निवासी अरबिंदर सिंह की पांच साल की सिंधी नस्ल की घोड़ी 'ऐनी' लोगों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। इस घोड़ी का कद 63 इंच से अधिक है, जो इसे सिंधी नस्ल की सबसे ऊंची घोड़ियों की श्रेणी में शामिल करता है। ऐनी की आकर्षक बनावट, चौड़ा सीना और शाही चाल देखने के लिए प्रतियोगिता स्थल पर पशु प्रेमियों और स्थानीय निवासियों की भीड़ जुट रही है।
दूध, घी और मेवों वाली खास खुराक
ऐनी की शानदार कद-काठी और मजबूत शरीर के पीछे उसकी विशेष खुराक का बड़ा हाथ है। घोड़ी के मालिक अरबिंदर सिंह उसकी सेहत, खानपान और फिटनेस का बारीकी से ध्यान रखते हैं। अरबिंदर ऐनी को सामान्य चारे के साथ रोजाना बादाम, काजू, शुद्ध देसी घी, ताजा दूध, चने तथा सेब और तरबूज जैसे पौष्टिक फल खिलाते हैं। महंगे और पौष्टिक आहार के कारण पांच साल की कम उम्र में भी यह घोड़ी बेहद मजबूत और ऊर्जावान नजर आती है। मालिक की इस खास देखभाल ने ऐनी को अन्य घोड़ियों से अलग पहचान दिलाई है।
72 इंच के 'बुर्ज खलीफा' की भी चर्चा
अरबिंदर के पास केवल सिंधी नस्ल की घोड़ी ऐनी ही नहीं है, बल्कि वह मारवाड़ी नस्ल का प्रसिद्ध और विशालकाय घोड़ा 'बुर्ज खलीफा' भी रखते हैं। इस मारवाड़ी घोड़े की लंबाई 72 इंच है, जो अपने विशाल आकार के कारण पशु प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है। ऐनी और बुर्ज खलीफा दोनों की भव्यता ने हरियाणा से लेकर राजस्थान तक के घुड़सवारी प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। बाड़मेर पहुंची इस घोड़ी को देखने और इसके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए लोगों में होड़ मची है।
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कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत रहती है सिंधी नस्ल
सिंधी नस्ल के घोड़े और घोड़ियां अपनी अनूठी बनावट, ताकत और कठिन परिस्थितियों में टिके रहने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। ऐनी इसी शुद्ध सिंधी नस्ल की बेहतरीन नुमाइंदगी करती है। लंबी ऊंचाई के साथ-साथ इस नस्ल के सभी उम्दा लक्षण ऐनी के शरीर में साफ झलकते हैं। बाड़मेर की इस यात्रा के दौरान ऐनी ने अपनी रफ्तार, सुंदरता और अनूठी जीवनशैली से फिर यह साबित कर दिया है कि बेहतरीन नस्ल और सही देखभाल से जानवरों को कितना भव्य तथा शानदार बनाया जा सकता है।
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दूध, घी और मेवों वाली खास खुराक
ऐनी की शानदार कद-काठी और मजबूत शरीर के पीछे उसकी विशेष खुराक का बड़ा हाथ है। घोड़ी के मालिक अरबिंदर सिंह उसकी सेहत, खानपान और फिटनेस का बारीकी से ध्यान रखते हैं। अरबिंदर ऐनी को सामान्य चारे के साथ रोजाना बादाम, काजू, शुद्ध देसी घी, ताजा दूध, चने तथा सेब और तरबूज जैसे पौष्टिक फल खिलाते हैं। महंगे और पौष्टिक आहार के कारण पांच साल की कम उम्र में भी यह घोड़ी बेहद मजबूत और ऊर्जावान नजर आती है। मालिक की इस खास देखभाल ने ऐनी को अन्य घोड़ियों से अलग पहचान दिलाई है।
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72 इंच के 'बुर्ज खलीफा' की भी चर्चा
अरबिंदर के पास केवल सिंधी नस्ल की घोड़ी ऐनी ही नहीं है, बल्कि वह मारवाड़ी नस्ल का प्रसिद्ध और विशालकाय घोड़ा 'बुर्ज खलीफा' भी रखते हैं। इस मारवाड़ी घोड़े की लंबाई 72 इंच है, जो अपने विशाल आकार के कारण पशु प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है। ऐनी और बुर्ज खलीफा दोनों की भव्यता ने हरियाणा से लेकर राजस्थान तक के घुड़सवारी प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। बाड़मेर पहुंची इस घोड़ी को देखने और इसके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए लोगों में होड़ मची है।
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कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत रहती है सिंधी नस्ल
सिंधी नस्ल के घोड़े और घोड़ियां अपनी अनूठी बनावट, ताकत और कठिन परिस्थितियों में टिके रहने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। ऐनी इसी शुद्ध सिंधी नस्ल की बेहतरीन नुमाइंदगी करती है। लंबी ऊंचाई के साथ-साथ इस नस्ल के सभी उम्दा लक्षण ऐनी के शरीर में साफ झलकते हैं। बाड़मेर की इस यात्रा के दौरान ऐनी ने अपनी रफ्तार, सुंदरता और अनूठी जीवनशैली से फिर यह साबित कर दिया है कि बेहतरीन नस्ल और सही देखभाल से जानवरों को कितना भव्य तथा शानदार बनाया जा सकता है।