मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के मझौली गांव में करीब तीन महीने पहले हुई एक घटना के बाद एक ही परिवार में तीन लोगों की मौत हो गई। आरोप है कि एक युवक को कमरे में बंद कर उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। बेटे की मौत का सदमा पिता बर्दाश्त नहीं कर सके और महज 15 दिन बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद पोते और बेटे को खोने के गम में परिवार की बुजुर्ग दादी की भी मौत हो गई। एक ही परिवार में तीन मौतों से गांव में मातम पसरा है। परिजनों और ग्रामीणों ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है।
पूरा मामला उमरिया जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के मझौली गांव का है। परिजनों के मुताबिक, मृतक किराना दुकान से सामान लेने गया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया और उसके ऊपर पेट्रोल डालकर माचिस की तीली फेंक दी गई। आग लगने से युवक गंभीर रूप से झुलस गया।
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद युवक को घायल अवस्था में सड़क पर छोड़ दिया गया। जानकारी मिलने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। जवान बेटे की मौत से पिता गहरे सदमे में चले गए। बेटे की मौत के ठीक 15 दिन बाद पिता ने भी दम तोड़ दिया। परिवार अभी इस दोहरे दुख से उबर भी नहीं पाया था कि पोते और बेटे को खोने के गम में बुजुर्ग दादी की भी मौत हो गई। देखते ही देखते एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और घर में मातम छा गया।
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परिजनों और ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि घटना के पीछे मामूली विवाद के अलावा अन्य कारण भी थे। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित महिला अवैध शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री करती थी। वहीं, एक अन्य आरोपी के साथ मृतक का विवाद होने और उसी रात कथित तौर पर दोनों के मिलकर घटना को अंजाम देने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिजनों का कहना है कि मृतक ने मौत से पहले बयान दर्ज कराया था, जिसमें उसने पेट्रोल डालकर आग लगाए जाने की बात बताई थी। इसके बावजूद परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मामले में आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, पुलिस का पक्ष और जांच की वर्तमान स्थिति सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
थाने से अधिकारियों तक लगाई न्याय की गुहार
परिवार न्याय की उम्मीद में स्थानीय थाने से लेकर जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी फरियाद पहुंचा चुका है। परिजनों के मुताबिक, अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि युवक की मौत और उसके बाद परिवार के दो अन्य सदस्यों की मृत्यु से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच कब पूरी होगी? क्या मृतक के कथित अंतिम बयान और परिजनों की शिकायतों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी? इन सवालों के जवाब अभी सामने आने बाकी हैं।
घटना और परिवार की न्याय की लड़ाई को लेकर हमने मृतक की पत्नी पूजा केवट, उसकी मां और ग्रामीण शिव कुमार गोंड़ से बात की। सुनिए, घटना को लेकर उनका क्या कहना है और तीन अपनों को खोने के बाद परिवार किस दर्द से गुजर रहा है।