जिले में बीते दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के बीच नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने गुरुवार से काम बंद हड़ताल शुरू कर दी। पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया और स्पष्ट कर दिया कि जब तक भुगतान नहीं होगा, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। रक्षाबंधन समेत अन्य त्योहारों से पहले वेतन अटकने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले दो महीने से मानदेय नहीं मिला है। ऐसे में त्योहारों के दौरान घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन भुगतान में देरी के पीछे नगर पालिका के अधिकारियों और अध्यक्ष के बीच चल रहा विवाद जिम्मेदार है।
बैंक खाते होल्ड होने से अटका भुगतान
बताया जा रहा है कि नगर पालिका के प्रशासनिक विवाद के चलते उसके बैंक खातों पर होल्ड लगा हुआ है। इसी वजह से कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं हो पा रहा है। इधर कर्मचारियों का कहना है कि वे प्रशासनिक खींचतान का खामियाजा भुगत रहे हैं।
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क्या है विवाद?
विवाद नगर पालिका के सीएमओ के पद को लेकर भी है। फिलहाल दिशा डहेरिया नगर पालिका सीएमओ का प्रभार संभाल रही हैं, जबकि हाईकोर्ट ने विशाल सिंह मर्सकोले को पदभार दिलाने का आदेश जारी किया है। कांग्रेस का आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद विशाल सिंह मर्सकोले को पदभार ग्रहण नहीं करने दिया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे कोर्ट के आदेश की अवहेलना बताते हुए कहा कि इसी प्रशासनिक गतिरोध के कारण बैंक खाते प्रभावित हुए और कर्मचारियों का वेतन अटक गया।
अध्यक्ष ने दो दिन में वेतन दिलाने का दिया भरोसा
हड़ताल की जानकारी मिलने पर नगर पालिका अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोदिया मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने दो दिन के भीतर वेतन भुगतान कराने का भरोसा दिलाते हुए काम पर लौटने की अपील की। हालांकि कर्मचारी तत्काल भुगतान की मांग पर अड़े रहे। कर्मचारियों का कहना है कि केवल आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा। जब तक वेतन उनके बैंक खातों में जमा नहीं हो जाता, तब तक सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की जाएगी।
बारिश और त्योहार के बीच बढ़ी चिंता
सिवनी में पिछले दो दिनों से बारिश का दौर जारी है। ऐसे में सफाईकर्मियों की हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है। त्योहार के बीच कचरा जमा होने और जलभराव वाले इलाकों में सफाई नहीं होने से लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। लंबे समय तक हड़ताल जारी रहने पर शहर में गंदगी और संक्रमण का खतरा भी बढ़ने की आशंका है।