हरदा जिले के टिमरनी क्षेत्र में शनिवार को एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रसोई में अचानक आग भड़क उठी। आग के बीच गैस सिलेंडर भी चपेट में आ गया। स्कूल में उस वक्त करीब 265 बच्चे मौजूद थे। ऐसे में सिलेंडर के गर्म होकर फटने की आशंका ने स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया था। इसी दौरान टिमरनी से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने मौके पर पहुंचकर जोखिम उठाया और जलते हिस्से से गैस सिलेंडर को बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, विधायक शाह किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। रास्ते में खुदिया गांव के सरकारी स्कूल से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। उन्होंने तत्काल अपना वाहन रुकवाया और स्थिति का जायजा लेने स्कूल परिसर पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि स्कूल की रसोई में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई है। कुछ लोग बाहर से पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सिलेंडर आग के बेहद करीब था।
विधायक के हाथ झुलसे
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक खुद आग वाले हिस्से में पहुंच गए। उन्होंने पहले पानी डालकर सिलेंडर को ठंडा करने का प्रयास किया। इसके बाद गीले कपड़े की मदद से सिलेंडर पर लगी आग बुझाई और उसे खींचकर सुरक्षित स्थान पर ले आए। इस दौरान उनके हाथ झुलस गए। घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विधायक आग और धुएं के बीच सिलेंडर को बाहर निकालते नजर आ रहे हैं। सिलेंडर सुरक्षित बाहर आने के बाद स्कूल में मौजूद बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इसके बाद अग्निशामक उपकरण और पानी की मदद से बाकी आग को नियंत्रित किया गया। समय रहते सिलेंडर को बाहर नहीं निकाला जाता तो आग की तीव्रता बढ़ने के साथ बड़ा हादसा होने की आशंका थी।
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सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना के बाद विधायक अभिजीत शाह ने सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है। उन्होंने स्कूलों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी चिंता जताई। विधायक ने कहा कि उस वक्त उनके सामने अपनी सुरक्षा का सवाल नहीं था। उनका ध्यान स्कूल में मौजूद बच्चों की ओर था। उनका कहना था कि अगर सिलेंडर आग की चपेट में रह जाता और कोई बड़ा हादसा होता तो कई परिवार प्रभावित हो सकते थे। घटना के बाद स्कूल में मौजूद सभी 265 बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई। इससे अभिभावकों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हादसे ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में रसोई गैस के इस्तेमाल, अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है। संकट की घड़ी में विधायक द्वारा उठाए गए तत्काल कदम ने संभावित रूप से गंभीर स्थिति को टालने में अहम भूमिका निभाई।